White House asks Congress: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष और युद्ध समाप्त हो चुके हैं. बीते 28 फरवरी को अमेरिका व इजरायल ने ईरान पर संयुक्त रूप से हमला कर इस युद्ध की शुरुआत कर दी थी. इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए थे.
फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच शांति को लेकर एक समझौता हुआ है, जिसको अच्छे से लागू करने के लिए बातचीत जारी है. इस युद्ध में ईरान और अमेरिका को काफी नुकसान हुआ है. इस नुकसान की भरपाई के लिए व्हाइट हाउस ने अपने संसद (कांग्रेस) से सहायता राशि की मांग की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ऑफिस ने कांग्रेस से कुल 87.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मांग की है, जिसमें ईरान युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई समेत अन्य जरूरतें भी शामिल हैं. आइए जानते हैं पूरी खबर.
व्हाइट हाउस ने संसद से क्या कहा?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने संसद से औपचारिक रूप से 87.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि का अनुरोध किया है. इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध के बाद पेंटागन (रक्षा विभाग) की भरपाई करना है.
बुधवार को प्रबंधन और बजट कार्यालय ने पूरक व्यय अनुरोध (supplemental spending request) भेजा. ओएमबी के निदेशक रस्स वॉट ने सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन को लिखे एक पत्र में कहा, “मैं कांग्रेस से आग्रह करता हूं कि वह इन महत्वपूर्ण और तत्काल अनुरोधों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करे.”
ट्रंप की सांसदों से तीखी बहस
व्हाइट हाउस ने यह अनुरोध कांग्रेस के समक्ष ऐसे समय में प्रस्तुत किया है जब राजनीतिक रूप से स्थिति कठिन है क्योंकि अधिकांश सांसदों ने आगे की किसी भी सैन्य कार्रवाई पर आपत्ति जताई है. यह मांग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक निजी लंच के दौरान रिपब्लिकन सीनेटरों पर हमला करने के कुछ ही घंटों बाद आई, जिसमें उन्होंने एक सीनेटर के साथ तीखी बहस भी की, क्योंकि उन्होंने आगे की दुश्मनी को रोकने वाले युद्ध शक्तियों के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए वोट दिया था.
इन जरूरतों के लिए 87.6 बिलियन डॉलर की मांग
जानकारी के मुताबिक, यह अनुरोध मुख्य रूप से ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के लिए है, लेकिन इसमें अन्य कई चीजें भी शामिल हैं, जैसे अमेरिकी किसानों को सहायता, अफ्रीका में इबोला संकट के लिए मदद और वाशिंगटन डीसी में पुनर्निर्माण परियोजनाओं सहित घरेलू जरूरतों के लिए सहायता.
प्रशासन ने कहा कि वह रक्षा विभाग के लिए 67 अरब अमेरिकी डॉलर की मांग कर रहा है, जो ईरान के खिलाफ युद्ध से संबंधित तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए है. इसमें सैन्य कर्मियों के लिए धन और तैयारी संबंधी खर्च, भंडार के पुनर्निर्माण के लिए ऑपरेशन लागत शामिल है.
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News Source: PTI
