Zimbabwe Ferry Capsized: इस हफ्ते जिम्बाब्वे से एक बहुत ही दर्दनाक नाव हादसे (फेरी हादसा) की खबर सामने आई थी. शुरुआत में इस दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन अब यह आंकड़ा काफी बढ़ गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, बीते दिनों (मंगलवार) जिम्बाब्वे की करिबा झील में क्षमता से ज्यादा लोगों को ले जा रही एक फेरी नाव पलट गई थी. इस हादसे में अभी तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है. यह आंकड़ा तब बढ़ा है, जब हाल ही में और 26 लोगों के शव बरामद किए गए हैं. इनमें मरने वाले बच्चों की संख्या 18 है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
मृतकों की संख्या 72 हो गई- अधिकारी
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने शनिवार को बताया कि जिम्बाब्वे में इस सप्ताह करिबा झील में एक नौका के पलटने से 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिनमें 18 बच्चे भी शामिल थे. बचाव दल ने कुछ और शव बरामद किए हैं. मंगलवार को तेज लहरों के कारण नौका पलट गई थी. पुलिस ने बताया कि तब से 26 और शव बरामद किए गए हैं, जिससे मृतकों की संख्या 72 हो गई है.
नाव पर कितने लोग सवार थे?
यह पुरानी नौका करिबा कस्बे से देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित ग्रामीण और मछली पकड़ने वाले समुदायों की ओर जा रही थी, जहां सड़कें जर्जर हैं और सार्वजनिक परिवहन की कमी है. अधिकारियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि नौका में कितने लोग सवार थे या कितने लोग लापता हैं. अनुमानों के अनुसार यात्रियों की संख्या 153 तक हो सकती है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि नौका की क्षमता 90 है. जिम्बाब्वे की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा है कि 77 लोगों को बचाया गया है.
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने शुरू में कहा था कि नाव पर सवार बच्चों की सही संख्या पता नहीं है, क्योंकि टिकट लेने की उम्र से कम उम्र के बच्चों को यात्रियों की गिनती में शामिल नहीं किया गया था. बाद में पुलिस की जारी की गई लिस्ट से पता चला कि शिकार हुए बच्चों में से 16 बच्चे 10 साल या उससे कम उम्र के थे और सबसे छोटा बच्चा सिर्फ एक साल का था.
मानव-निर्मित झील है करिबा
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते दिनों जिम्बाब्वे के सरकारी ब्रॉडकास्टर ZBC ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें स्पीडबोट्स झील में एक पलटी हुई नाव की ओर जाती दिख रही थी और ऊपर एक हेलिकॉप्टर मंडरा रहा था. दक्षिणी अफ्रीका में मौजूद करिबा झील, जिम्बाब्वे और उसके पड़ोसी देश जाम्बिया के बीच सीमा बनाती है.
यह पानी की मात्रा के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी मानव-निर्मित झील है. इसे 1950 के दशक के आखिर और 1960 के दशक की शुरुआत में जाम्बेजी नदी पर बांध बनाकर बनाया गया था. इससे एक घाटी धीरे-धीरे पानी से भर गई और एक विशाल झील बन गई, जो अब 200 किलोमीटर से ज्यादा लंबी और कुछ जगहों पर 40 किलोमीटर तक चौड़ी है. जिम्बाब्वे और जाम्बिया दोनों इस झील को साझा करते हैं और इनके बीच की आधिकारिक सीमा झील के बीच से होकर गुजरती है.
जिम्बाब्वे की करिबा झील में दर्दनाक हादसा! नाव पलटने से 15 की मौत, 27 लोग लापता; 119 थे सवार
News Source: PTI
