Land of Windmills: दुनिया में अलग-अलग देश हैं, जिनमें से ज्यादातर किसी ना किसी वजह से जानें जाते हैं. वहीं, एक देश ऐसा भी है जिसे पवनचक्कियों का देश कहा जाता है. आप भी जानें नाम और इसकी खासियत.
17 February, 2026
दुनिया में लगभग 200 देश हैं और हर देश की अपनी एक अलग पहचान है. जापान को ‘उगते सूरज की धरती कहा जाता है, तो थाईलैंड को ‘मुस्कुराहटों का देश’. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो कौन सा देश है जिसे ‘पवनचक्की या ‘लैंड ऑफ विंडमिल्स’ कहा जाता है? हम बात कर रहे हैं यूरोप के खूबसूरत देश नीदरलैंड्स की. ये देश सिर्फ अपनी ट्यूलिप की खेती और शानदार वॉटर इंजीनियरिंग के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अनोखी लाइफस्टाइल के लिए भी फेमस है.

क्यों है पवनचक्कियों का देश?
नीदरलैंड्स उत्तर-पश्चिमी यूरोप में स्थित है. इसके नाम का अर्थ ही है ‘नीचे की जमीन’. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस देश का एक बड़ा हिस्सा समुद्र तल से नीचे है. इतिहास में एक टाइम ऐसा भी था जब यहां 10 हज़ार से भी ज्यादा पवनचक्कियां हुआ करती थीं. ये सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं थीं, बल्कि नीदरलैंड्स के वजूद के लिए जरूरी थीं. दरअसल, जमीन समुद्र तल से नीचे थी, इसलिए इन पवनचक्कियों का इस्तेमाल दलदली इलाकों और झीलों से पानी बाहर पंप करने के लिए किया जाता था. इन्हीं की मदद से समुद्र से जमीन छीनकर रहने लायक पोल्डर्स बनाए गए.
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जादुई इतिहास
17वीं शताब्दी में जब नीदरलैंड्स के पास खेती के लिए सूखी जमीन कम थी, तब पवनचक्कियां उनके देश के इंजन की तरह काम करती थीं. इनका इस्तेमाल सिर्फ पानी निकालने के लिए ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रीज़ में भी होता था. पवनचक्कियां ऐसी पावर पैदा करती थीं जिससे जहाज बनाने के लिए लकड़ियां काटी जाती थीं और तिलहन को पीसकर तेल निकाला जाता था. मजेदार बात ये है कि उस जमाने में पवनचक्की के पंखों की स्थिति एक सिग्नल की तरह काम करती थी. अगर गांव में कोई जश्न हो या कोई वॉर्निंग देनी हो, तो पंखों को एक खास दिशा में खड़ा कर दिया जाता था.
भारत में कहां हैं ऐसी जगह?
अगर भारत की बात करें, तो तमिलनाडु का ‘मुप्पंडल’ इलाका अपनी पवनचक्कियों के लिए मशहूर है. मुप्पंडल विंड फार्म भारत का सबसे बड़ा ऑनशोर विंड फार्म है, जहां हवा के झोंकों से बिजली बनाई जाती है.

5 फैक्ट्स
- -नीदरलैंड्स का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा वास्तव में एवरेज समुद्र तल से नीचे है. इसे बांधों और पंपों के सिस्टम के ज़रिए डूबने से बचाया जाता है.
-आंकड़ों की मानें तो डच लोग दुनिया में सबसे लंबे होते हैं. यहां पुरुषों की नॉर्मल लंबाई लगभग 182.5 सेमी यानी 6 फीट होती है. - नीदरलैंड्स में परमानेंट निवासियों की तुलना में साइकिलों की संख्या कहीं ज्यादा है. ये देश कम पॉल्यूशन वाले ट्रांसपोर्टेशन में दुनिया का लीडर है.
-नीदरलैंड्स का फ्लेवोलैंड प्रांत लगभग पूरी तरह से मैन मेड है. इसे 20th सेंचुरी में समुद्र से सुखाकर बनाया गया था.
-क्या आप जानते हैं कि पहले गाजर बैंगनी या पीले रंग की हुआ करती थी? दरअसल, 17वीं शताब्दी में डच किसानों ने उस टाइम के शाही घराने ‘हाउस ऑफ ऑरेंज’ को सम्मान देने के लिए मॉर्डन नारंगी गाजर विकसित की थी.
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