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कांगो में सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेता की पीटकर हत्या, इबोला संक्रमण के खिलाफ कर रहे थे जागरूक

by Sanjay Kumar Srivastava 29 September 2026, 3:57 PM IST (Updated 29 September 2026, 3:58 PM IST)
29 September 2026, 3:57 PM IST (Updated 29 September 2026, 3:58 PM IST)
कांगो में सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेता की पीट-पीटकर हत्या, घर फूंका, इबोला संक्रमण के खिलाफ कर रहे थे जागरूक

Politician murder: अफ्रीकी देश कांगो से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. इबोला संक्रमण के खिलाफ जागरूकता अभियान में हिस्सा लेकर लौटे सत्तारूढ़ दल के एक वरिष्ठ नेता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. पार्टी के अनुसार, वरिष्ठ नेता मैरी-सेलेस्टिन करोंडवा ने एक रेडियो कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, जिसमें उन्होंने लोगों से इबोला से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की थी. इसके बाद रविवार को उन पर हमला किया गया. करोंडवा कांगो के सत्तारूढ़ यूनियन फॉर डिमोक्रेसी एंड सोशल प्रोग्रेस (यूडीपीएस) की बुटेम्बो संघीय कार्यकारिणी के कार्यवाहक अध्यक्ष थे. पार्टी के मुताबिक, रेडियो कार्यक्रम से लौटने के दौरान हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और बुरी तरह पीटा. हमलावरों ने उनका सामान लूट लिया तथा उनके घर में आग लगा दी. गंभीर चोट के कारण बाद में उनकी मौत हो गई.

कार्यक्रम से लौटते समय हुआ हमला

बुटेम्बो में यूडीपीएस/त्शिसेकेदी फेडरेशन ने सोमवार को जारी एक शोक संदेश में मौत की पुष्टि की. बताया गया कि करोंडवा पर तब घात लगाकर हमला किया गया, जब वह एक रेडियो स्टेशन पर हुए कार्यक्रम से लौट रहे थे. उस कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से इबोला वायरस के खतरे को गंभीरता से लेने की अपील की थी. हमले के पीछे कौन लोग थे और उनकी संख्या कितनी थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है. हमले का मकसद भी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है. हालांकि, उनकी पार्टी ने उन्हें इबोला वायरस के अस्तित्व और उससे पैदा खतरे के बारे में लोगों को जागरूक करने के कारण निशाना बनाए जाने वाला पीड़ित बताया है. पार्टी ने घटना की पूरी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

देश के सात प्रांतों तक पहुंच चुका है संक्रमण

करोंडवा की हत्या ऐसे समय हुई है जब पूर्वी कांगो में इबोला के खिलाफ अभियान को अफवाहों, गलत सूचनाओं और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति अविश्वास से गंभीर चुनौती मिल रही है. स्वास्थ्यकर्मियों और इबोला उपचार केंद्रों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. शनिवार को भी बुटेम्बो के आसपास बेनी इलाके में एक हाथ धोने के चेकपॉइंट पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और कई घायल हुए. कांगो में मौजूदा इबोला प्रकोप की घोषणा 15 मई 2026 को की गई थी. यह दुर्लभ बुंडीबुग्यो वायरस से फैल रहा है, जिसके लिए फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है. 26 सितंबर तक स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 8,067 मामले और 3,901 मौतें दर्ज की जा चुकी थीं. संक्रमण देश के सात प्रांतों तक पहुंच चुका है और मृत्यु दर 48 प्रतिशत से अधिक है.

बढ़ रही मरीजों की संख्या

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार बुटेम्बो और उत्तरी किवु इस समय संक्रमण के प्रमुख केंद्रों में हैं. यहां स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की संख्या बढ़ रही है और समुदाय के एक हिस्से में बीमारी को लेकर अविश्वास तथा गलत सूचनाएं उपचार और संक्रमण रोकने के प्रयासों को प्रभावित कर रही हैं. इबोला संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ या दूषित सामग्री के संपर्क से फैलता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, बीमारी पर नियंत्रण के लिए संक्रमित लोगों की पहचान, उन्हें अलग रखना, संपर्क में आए लोगों की निगरानी और सुरक्षित अंतिम संस्कार बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों और उपचार केंद्रों पर हमले इन प्रयासों को बाधित कर रहे हैं.

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News Source: IANS

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