Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को चार साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच हमले कम नहीं हुए हैं. समय बीतने के साथ दोनों तरफ से हमले और भी घातक होते जा रहे हैं. इसी बीच एस्टोनिया ने मंगलवार को आरोप लगाया कि यूक्रेन को सैन्य वाहन सप्लाई करने वाली एक डिफेंस कंपनी पर पिछले महीने आगजनी का हमला रूस की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कराया गया था. एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना ने कहा कि इस तरह की हरकतें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. इस घटना के बाद एस्टोनिया ने अपने देश में मौजूद रूसी राजदूत को तलब किया है.
मिलरेम रोबोटिक्स में लगी थी आग
BNS न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अगस्त की रात एस्टोनिया की राजधानी में स्थित ‘मिलरेम रोबोटिक्स’ की इमारत में आग लग गई. हालांकि, दमकल विभाग ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया. इसके बाद 17 अगस्त को पड़ोसी देश लातविया में दो संदिग्ध लातवियाई नागरिकों को हिरासत में लिया गया. अगले दिन तीसरे संदिग्ध को भी गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में इन तीनों संदिग्धों को एस्टोनिया को सौंप दिया गया.
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हमला सुनियोजित तरीके से करवाया गया
बताया जा रहा है कि मिलरेम ने को THeMIS अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स सप्लाई की थी. एस्टोनिया की इंटरनल सिक्योरिटी सर्विस ने कहा कि उसने यह नतीजा निकाला है कि आगजनी का यह हमला सुनियोजित तरीके से रूसी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा करवाया गया है. दूसरी ओर एक बयान में यह भी कहा गया है कि मिलरेम पर हुए हमले का तरीका यूरोप में रूस की तरफ से की गई तोड़-फोड़ की अन्य घटनाओं जैसा ही है. साथ ही हमारा मानना यह भी मानना है कि यह हमला सीधे तौर पर रूसी फेडरेशन ने ही किया है.
यूक्रेन का समर्थन करने कम करना का प्रयास
वहीं, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि ऐसे बयान बेबुनियाद और बिना सोचे समझे दिए गए हैं. इनमें एक प्रतिशत भी सच्चाई नहीं है और न ही कोई सबूत दिया गया है. पेस्कोव ने आगे कहा कि हम ऐसे बयानों को गंभीरता से नहीं ले सकते हैं और न ही कभी लेंगे. पश्चिमी देशों के अधिकारियों ने मास्को पर तोड़-फोड़ और गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि इसका मकसद यूक्रेन के लिए समर्थन कम करना और यूरोपीय देशों में अस्थिरता पैदा करना है.
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