Amarnath Yatra : अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर स्थित आधार शिविर से श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए रवाना होगा. इससे पहले प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. जम्मू के आधार शिविर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं, जबकि दूसरी ओर देशभर से साधु-संतों का आगमन भी लगातार जारी है. उनके पहुंचने से पूरा माहौल शिवमय हो गया है और “हर-हर महादेव” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है.
शिविर को सुरक्षा घेरे में लिया गया
2 जुलाई को रवाना होने वाले पहले जत्थे से पहले आधार शिविर को पूरी तरह सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है. फिलहाल किसी भी श्रद्धालु को शिविर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां हर स्तर पर सतर्क हैं और शिविर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति तथा उसके सामान की गहन जांच की जा रही है. प्रशासन ने रिवॉल्वर, किसी भी प्रकार के हथियार, ज्वलनशील पदार्थ और ऐसे सभी सामान पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है, जिनसे सुरक्षा को किसी भी तरह का खतरा उत्पन्न हो सकता है.
बहुस्तरीय जांच व्यवस्था जारी
सुरक्षा बल आधुनिक उपकरणों और बहुस्तरीय जांच व्यवस्था के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना न रहे. उधर, अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से साधु-संतों का जम्मू पहुंचना लगातार जारी है. राम मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में साधु-संत ठहरे हुए हैं, जहां उनके ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है. मंदिर परिसर पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा हुआ दिखाई दे रहा है और श्रद्धालुओं के बीच यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.
डिविजनल कमिश्नर भी राम मंदिर पहुंचे
यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए डिविजनल कमिश्नर भी राम मंदिर पहुंचे. उन्होंने साधु-संतों से मुलाकात कर उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. साधु-संतों ने इस वर्ष की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं और यात्रा की तैयारियां पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित नजर आ रही हैं. सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, प्रशासन की चौकस निगरानी और श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच अब सभी की निगाहें 2 जुलाई पर टिकी हैं, जब बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था जम्मू से पवित्र गुफा की ओर रवाना होगा. उम्मीद है कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा श्रद्धा, आस्था और सुरक्षा के बीच सफलतापूर्वक संपन्न होगी.
- जम्मू से रविंदर कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट
