Asian Games 2026: आयरलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में भारतीय टीम की 0-2 से हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर पर सवाल खड़े होने शुरु हो गए हैं. गौतम गंभीर पर कई प्लेयर को मौका नहीं देने को लेकर निशाना साधा जा रहा हैं और सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि वह अगर अपनी जिद पर अड़े रहे तो भारतीय टीम का स्तर गिर जाएगा. वहीं, आयरलैंड से हारने के बाद टीम इंडिया इंग्लैंड पहुंच गई है. यहां पर इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम पांच मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगी. फिलहाल, भारतीय टीम का मकसद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक को जिताना है, लेकिन अभी तक टीम की तैयारियों में ज्यादा कुछ खास नहीं देखने को मिला है. वहीं, सितंबर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार होगी. हालांकि, अभी टीम के सामने अपनी कमजोरियों को दूर करने की सबसे बड़ी चुनौती है.
क्या गंभीर और अय्यर कर पाएंगे कमियों को दूर
भारतीय टीम के हेड कोच और कप्तान श्रेयस अय्यर के पास टीम को मजबूत करने के लिए अढ़ाई महीने का समय है. इससे पहले भारत इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ कुल आठ टी-20 मुकाबले खेलेगा. भारतीय टीम को परखने के लिए यह आठ अग्नि परीक्षा की तरह काम करेंगे और बेहतरीन खिलाड़ियों को तलाशने का भी मौका देंगे. इसी बीच हेड कोच गौतम गंभीर पर काफी दबाव बढ़ गया है और अगर टीम इंडिया एशिया गेम्स में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती है तो फिर हेड कोच सवालों के घेरे में आ जाएंगे. हालांकि, अभी तक उन्हें दो टी-20 विश्व कप जिताने का श्रेय दिया जाता है और वह भी खुद इसका श्रेय लेते हैं. पिछली कुछ सीरीज में टीम इंडिया का प्रदर्शन इतना खास नहीं रहा है और यही वजह है कि दूसरे खिलाड़ियों को खिलाने की मांग उठ रही है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर सवाल किए जा रहे हैं कि जब टीम में वैभव सूर्यवंशी जैसा विस्फोटक बल्लेबाज था तो फिर उन्हें मैदान पर क्यों नहीं उतारा गया?

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किन कमजोरियों की तरफ किया इशारा
आयरलैंड की उछाल वाली पिच पर भारतीय टीम ने पावरप्ले के छह ओवरों में कुछ खास नहीं किया और काफी धीमी गति से बल्लेबाजी की. जब शुरुआत इतनी खास नहीं रही तो मध्य क्रम के बल्लेबाजों पर काफी दबाव बन गया है और वह भी मैच में कुछ खास नहीं कर पाए. इस दौरान खास बात यह रही कि विस्फोटक बल्लेबाज संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा का बल्ला नहीं चल पाया. इन दोनों खिलाड़ियों से टीम को पूरी उम्मीद थी कि वह पावरप्ले में तेजी से रन बनाएंगे और मध्य क्रम के बल्लेबाजी स्कोर आगे खिंचते हुए बोर्ड पर 200 रनों का स्कोर लगा देंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ ओपनर बल्लेबाज जल्दी ही पवेलियन की तरफ चल दिए और अन्य बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया. इसके बाद वह भी एक बाद एक तू चल मैं आया वाली व्यंग्य की तरह पवेलियन की तरफ चलते रहे. भारत ने पहले मैच में 80 रनों पर चार और दूसरे मुकाबले में 80 रनों पर पांच विकेट गंवा दिए थे.
वहीं, सैमसन ने पहले मैच में पांच रन और दूसरे में शून्य पर ही अपना विकेट गंवा दिया. हालांकि, अभिषेक ने पहले मैच में 49 रनों की शानदार पारी खेली थी लेकिन वह दूसरी पारी में जीरो पर ही आउट हो गए. दूसरी तरफ ईशान किशन दो मुकाबलों में कुल 13 रन ही बना पाए. टीम में कई अनुभवी खिलाड़ी होने के बाद भी कुछ खास नहीं कर पाए और इन प्लेयर्स का बल्ला इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में आग उगूल रहा था. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच में यह खिलाड़ी फिसड्डी साबित हुए. साथ ही एक ऐसी टीम के सामने जिनको भारतीय टीम कभी नहीं जीतने देती है.
मैच में दिखी फिनिशिंग की कमी
मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाज अंतिम ओवर में तेजी से रन नहीं बना सके. मध्य क्रम में तिलक वर्मा ही ठीक-ठाक बल्लेबाजी कर पाए और किसी ने भी उनका साथ नहीं दिया. हालांकि, इस दौरान तिलक का स्ट्राइक रेट मात्र 119 रहा. इसके अलावा टी-20 के कप्तान श्रेयस अय्यर का भी बल्ला काफी शांत रहा और आखिर के ओवरों में टीम ज्यादा रन नहीं बंटोर सकी, जिसके बाद बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा. साथ ही आयरलैंड के खिलाफ भारतीय टीम का मध्य क्रम ज्यादा कुछ खास नहीं कर पाया है और विरोधी टीम के गेंदबाजों के सामने पस्त हो गया. हालांकि, हार्दिक पांड्या की कमी टीम को काफी खली और क्रिकेट प्रेमी भी कह रहे थे कि अगर वह होते तो आसानी से 20-30 रनों के फासले को कवर कर देते. लेकिन आईपीएल में खराब प्रदर्शन होने की वजह से उन्हें टीम में मौका नहीं दिया गया है. इसके अलावा अय्यर, अक्षर पटेल और शिवम दुबे अपने बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए. ऐसे में टीम का हारना तो तय ही था. अगर इन बल्लेबाजों में से हर कोई कुछ न कुछ रन बना देता तो आयरलैंड को हराना काफी आसान हो जाता.

टीम में नहीं दिखा कॉम्बिनेशन
दोनों ही टी-20 मैचों में भारतीय टीम का कॉम्बिनेशन ठीक से नहीं दिख पाया. आयरलैंड की पिच पर पहले टी-20 में वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल के रूप में दो स्पिनर्स के साथ उतरने का फैसला पूरी तरह टीम के खिलाफ गया. वह गेंद और बल्ले से इतना कमाल नहीं दिखा पाया. इन दो स्पिनर्स में से एक की जगह पर एक फुल टाइम बल्लेबाज को खिलाया जा सकता था. पहले मैच में सुंदर से एक ही ओवर करवाया गया और उन्होंने इस ओवर में 19 रन देने का काम किया. दूसरी तरफ प्रसिद्ध कृष्णा को खिलाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. कृष्णा ने अपने चार ओवर के स्पेल में कोई विकेट के बिना 57 रन दे दिए.
कप्तान अय्यर पर भी खड़े हुए सवाल
आयरलैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में श्रेयस अय्यर से काफी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी. हालांकि, बतौर कप्तान के रूप में टी-20 सीरीज में अय्यर का बल्ला खामोश दिखा और इस सीरीज में कप्तान सिर्फ 13 रन ही बना पाए. इससे पहले अय्यर ने आईपीएल में भी पंजाब किंग्स की कप्तानी की थी और वहां उन्होंने शानदार क्रिकेट खेला. हालांकि, टीम अंतिम कुछ मुकाबलों में लड़खड़ा गई थी और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गई. लेकिन अय्यर ने कमाल की बल्लेबाजी की और आईपीएल 2026 में अय्यर ने 13 पारियों में 168.81 के स्ट्राइक रेट से 498 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 101 रनों की नाबाद पारी भी आई. बल्ले से कमाल करने के साथ उनकी कप्तानी की भी तारीफ हुई थी लेकिन टीम टूर्नामेंट क्वलीफाई नहीं कर पाई. लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ करो या मरो के मैच में 51 गेंदों में 101 रनों की तूफानी पारी खेली और टीम को महत्वपूर्ण जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. बता दें कि इस शतक के साथ श्रेयस अय्यर के 3000 रन पूरे हो गए.

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तेज गेंदबाजों ने तोड़ी उम्मीदें
आयरलैंड के खिलाफ तेज गेंदबाज भी सवालों के घेरे में खड़े रहे. शुरुआत में प्रसिद्ध कृष्णा से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह दोनों मैचों में अपना कुछ प्रभाव नहीं छोड़ पाए. साथ ही वह इन मैचों में काफी महंगे साबित हुए और विरोधी टीम का कोई शानदार बल्लेबाज को आउट नहीं कर पाए. कई क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें अपनी गेंदबाजी में अधिक कुशलता, खासकर यॉर्कर और डेथ ओवरों की योजनाओं पर काम करने की जरूरत है. हालांकि, इसी बीच प्रिंस यादव ने तीन विकेट चटकाकर भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं और भविष्य की भारतीय टीम में अपनी दावेदारी को मजबूत किया है.
एशियन गेम्स के लिए ज्यादा नहीं हुआ टीम में बदलाव
एशियन गेम्स के लिए मौजूदा भारतीय टीम में कोई खास बदलाव नहीं देखने को मिला है. सिर्फ जसप्रीत बुमराह को भारतीय टीम में जोड़ा गया है. हालांकि, बुमराह के शामिल होने से टीम की गेंदबाजी जरूरत मजबूत होगी, लेकिन अब सवाल है कि बल्लेबाजी कैसे मजबूत होगी? बुमराह रन रोक सकते हैं, लेकिन वह रन नहीं बना सकते हैं. साथ ही जापान में कैसी पिच होगी इसके बारे में किसी को भी अंदाजा नहीं है. अगर भारतीय टीम के बल्लेबाज बाउंस और तेज पिच पर अगर इसी तरह से आउट होते रहे तो पाकिस्तान और अफगानिस्तान के गेंदबाज फायदा उठाकर ले जाएंगे. ऐसे में भारतीय टीम को सबसे ज्यादा अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना होगा. आगामी दो टी-20 सीरीज में टीम इंडिया को खुद को आजमाने का सबसे अच्छा मौका होगा.

ऐसी है भारतीय टीम
श्रेयस अय्यर (C), तिलक वर्मा (VC), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), ईशान किशन (WK), शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, वैभव सूर्यवंशी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह.
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