Home राष्ट्रीय बांग्लादेश में हुई हिंसा पर अब योग गुरु रामदेव ने तोड़ी चुप्पी, हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर जताई चिंता

बांग्लादेश में हुई हिंसा पर अब योग गुरु रामदेव ने तोड़ी चुप्पी, हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर जताई चिंता

by Preeti Pal 7 August 2024, 10:21 AM IST (Updated 21 August 2025, 1:34 PM IST)
7 August 2024, 10:21 AM IST (Updated 21 August 2025, 1:34 PM IST)
बांग्लादेश में हुई हिंसा पर अब योग गुरु रामदेव ने तोड़ी चुप्पी, हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर जताई चिंता

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है. अब वहां हिंदुओं पर हो रहे लगातार हमले पर योग गुरु बाबा रामदेव ने भी चिंता जताई है.

07 August, 2024

Bangladesh Violence: पिछले कई दिनों से बांग्लादेश में हिंसा भड़क रही है. वहीं, योग गुरु बाबा रामदेव ने मंगलवार को बांग्लादेश में हिंदुओं के मंदिरों, घरों और ऑफिसों पर हो रहे हमलों की निंदा की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वहां पर हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करे.

टार्गेट करके किए जा रहे हैं हमले

PTI वीडियो के साथ हुए इंटरव्यू में योग गुरु रामदेव ने कहा- ‘हिंदुओं के मंदिरों पर, उनके घरों पर और उनके काम करने की जगहों पर टार्गेट करके हमले किए जा रहे हैं. बांग्लादेश में मजहबी उन्माद शिखर पर है. जमाते इस्लामी से लेकर तमाम कट्टपंथियों की जो क्रूरता देखने को मिल रही है इसके उपर देश की सरकार को भी निगाह रखनी चाहिए. किसी भी एक हमले की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए. वहां पर जो जुल्म-ज्यादती हो रही है, वह असहनीय है. इस समय पूरे देश को एक साथ खड़ा होना होगा, चाहे वह सत्ता पक्ष हो या प्रतिपक्ष. भारत के जो नागरिक वहां (बांग्लादेश) रह रहे हैं और जो अल्पसंख्यक हिंदू भाई वहां रह रहे हैं, हमें उनका साथ देना होगा.’

बहन बेटियों पर ना उठाए कोई हाथ

बाबा रामदेव ने आगे कहा- ‘वहां रहने वाले हिंदुओं पर, न मंदिरों पर, न उनके घरों पर और वहां मां, बहन, बेटियों की इज्जत के उपर कोई हाथ उठा सके, इसलिए हमें अपने हिंदू भाइयों के साथ खड़ा रहना ही पड़ेगा.’ आपको बता दें कि बांग्लादेश में नौकरी में आरक्षण के मुद्दे पर हुए तीखे प्रदर्शन के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़कर देश से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा. बांग्लादेश में नौकरियों में कोटा सिस्टम में शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर्रहमान की अगुवाई में 1971 के मुक्ति संग्राम में लड़ने वाले दिग्गजों के परिवारों के लिए 30 फीसदी आरक्षण दिया गया था.

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग से लेकर लेटेस्ट ट्रेंडिंग खबरों तक, भारत का बेस्ट हिंदी न्यूज़ चैनल

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?