AMC: गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद में हर मानसून के दौरान जलभराव की समस्या एक बार फिर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है. अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की जनरल बोर्ड बैठक में शहर की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था, बारिश के बाद सड़कों पर भरने वाले पानी और विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. कांग्रेस पार्षद और नेता शहज़ाद खान पठान ने बीजेपी शासित नगर निगम पर जमकर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि यदि परीक्षा का पेपर लीक होने पर शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगा जाता है, तो हर साल बारिश में अहमदाबाद लीक होने पर आखिर जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
हर वर्ष खर्च होते हैं करोड़ों रुपये
बैठक के दौरान शहज़ाद खान पठान ने कहा कि अहमदाबाद में हर वर्ष करोड़ों रुपये स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, सड़क निर्माण और मानसून पूर्व तैयारियों पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में शहर के कई इलाके पानी में डूब जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर उनका कोई असर दिखाई नहीं देता. उनका कहना था कि खराब प्लानिंग और ड्रेनेज नेटवर्क की कमियों के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा कि शहर के कई इलाकों में हर साल एक जैसी स्थिति बनती है. सड़कें तालाब में बदल जाती हैं, वाहन बंद हो जाते हैं और लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित होता है.
शहर के बार-बार डूबने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार परीक्षा में गड़बड़ी होने पर जवाबदेही तय करती है, तो फिर शहर के बार-बार डूबने पर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती? उन्होंने दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की. बैठक के दौरान वॉटर एंड सीवरेज कमेटी के चेयरमैन धर्मर्षि देसाई ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पहले की तुलना में शहर में जलभराव की घटनाओं में कमी आई है. उन्होंने दावा किया कि जहां भी पानी भरता है, वहां से कम समय में निकासी कर दी जाती है. उनका कहना था कि नगर निगम लगातार ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने और जलभराव की समस्या को कम करने के लिए काम कर रहा है.
जनता हो रही परेशान
हालांकि कांग्रेस ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया. विपक्ष का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की हालत में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर की कई सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, सड़कें धंस रही हैं और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है. उनका आरोप है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और भ्रष्टाचार के कारण जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस
नगर निगम की बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई. सत्ता पक्ष ने नगर निगम की कार्यप्रणाली का बचाव किया, जबकि विपक्ष ने लगातार सवाल उठाकर जवाबदेही तय करने की मांग की. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन का माहौल काफी गरमाया रहा. बारिश के मौसम में अहमदाबाद में जलभराव, सड़क धंसने और ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर उठे सवाल एक बार फिर नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़े हो गए हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार नगर निगम केवल दावों तक सीमित रहेगा या फिर शहरवासियों को हर साल होने वाली इस समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएगा.
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