Gujarat News : अगस्त महीने की शुरुआत आम लोगों और खासकर ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए महंगाई के बड़े झटके के साथ हुई है. 1 अगस्त से अडाणी CNG ने शहर में CNG गैस की कीमत में 4 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है. इस बढ़ोतरी के बाद अहमदाबाद में CNG का नया भाव 90.02 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 94.02 रुपये प्रति किलो हो गया है. नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं. CNG के दामों में हुई इस नई वृद्धि के बाद वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है. खासतौर पर ऑटो-रिक्शा चालकों ने इस फैसले का जोरदार विरोध किया है.
आर्थिक संकट खड़ा कर दिया
ऑटो-रिक्शा चालकों कहना है कि पहले से ही बढ़ती महंगाई, महंगे वाहन रखरखाव और घटती आय के बीच अब ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है. अहमदाबाद रिक्शा चालक एकता यूनियन ने अडाणी CNG के इस फैसले को पूरी तरह अनुचित बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है. यूनियन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में रिक्शा चालकों ने विरोध प्रदर्शन कर सरकार और अडाणी कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान चालकों ने मांग की कि बढ़ाई गई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि आम वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र को राहत मिल सके.
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मासिक आय में बड़ी कमी आएगी
यूनियन का कहना है कि केवल दो महीनों के भीतर CNG की कीमतों में कुल 10 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की जा चुकी है. लगातार बढ़ते दामों ने ऑटो-रिक्शा चालकों की कमाई पर सीधा असर डाला है. उनका कहना है कि किराया बढ़ाना आसान नहीं है, क्योंकि इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ता है, जबकि बढ़ते खर्च का पूरा बोझ उन्हें खुद उठाना पड़ रहा है. रिक्शा चालकों ने यह भी बताया कि एक ऑटो चालक प्रतिदिन बड़ी मात्रा में CNG की खपत करता है. ऐसे में 4 रुपये प्रति किलो की ताजा बढ़ोतरी से रोजाना का ईंधन खर्च काफी बढ़ जाएगा. इससे उनकी मासिक आय में भी बड़ी कमी आएगी. उनका आरोप है कि लगातार कीमतें बढ़ाने से छोटे वाहन चालकों और मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है. यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि जल्द ही कीमतों में राहत नहीं दी गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. उन्होंने सरकार से मांग की कि CNG की कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और आम जनता को महंगाई से राहत दिलाई जाए.
वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा असर
CNG की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का असर केवल ऑटो-रिक्शा चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव सार्वजनिक परिवहन, छोटे व्यवसायों और आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है. यदि परिवहन लागत बढ़ती है तो इसका असर अन्य सेवाओं और वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है. पहली अगस्त को लागू हुई नई कीमतों ने एक बार फिर महंगाई को लेकर बहस तेज कर दी है. ऑटो-रिक्शा चालक जहां इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, वहीं आम लोग भी लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर चिंता जता रहे हैं. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित कंपनी इस विरोध के बाद क्या फैसला लेती है.
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