Gujarat News : भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुजरात के लिए बड़ा मौसम अलर्ट जारी किया है. दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे क्षेत्रों पर बना डीप डिप्रेशन (सक्रिय मानसून) अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गुजरात की ओर अग्रसर है. वहीं, IMD के नेशनल फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन में राज्य के कई जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अचानक बाढ़ की आशंका भी जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, डीप डिप्रेशन भले ही धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन इसके प्रभाव से गुजरात के अनेक हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश जारी रहने की संभावना है.
गुजरात में भारी बारिश जारी रख सकता है
IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार शाम 5:30 बजे डिप्रेशन 22.2 डिग्री उत्तर अक्षांश और 76.0 डिग्री पूर्व देशांतर के पास स्थित था. यह इंदौर से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, धार से 80 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, रतलाम से 160 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और वडोदरा से करीब 280 किलोमीटर पूर्व में स्थित है. मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम अगले 24 घंटों में गुजरात की ओर बढ़ते हुए कमजोर होकर पहले लो प्रेशर और फिर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा. हालांकि, सिस्टम कमजोर होने के बावजूद इससे जुड़ी नमी और बादलों का व्यापक क्षेत्र गुजरात में भारी बारिश जारी रख सकता है. यही वजह है कि राज्य के कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा भी बढ़ गया है.
यह एक एडवाइजरी बुलेटिन है
IMD के नेशनल फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के अनुसार गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, पश्चिम मध्य प्रदेश, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों को ‘एरिया ऑफ कंसर्न’ में रखा गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह एक एडवाइजरी बुलेटिन है, न कि चेतावनी है. इसका उद्देश्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को पहले से सतर्क करना है. बुलेटिन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान 115 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई, जबकि पिछले छह घंटों में 65 मिमी तक बारिश हुई है. लगातार वर्षा के कारण अधिकांश क्षेत्रों की मिट्टी 90 से 95 प्रतिशत तक संतृप्त हो चुकी है. ऐसे में यदि अगले कुछ घंटों में और बारिश होती है तो पानी तेजी से बहने लगेगा और निचले इलाकों में अचानक जलभराव तथा फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बन सकती है.
इन जिलों को किया गया शामिल
मौसम विभाग ने विशेष रूप से भरूच, सूरत और भावनगर जिलों को फ्लैश फ्लड की दृष्टि से संवेदनशील बताया है. इन जिलों में Low to Moderate Flash Flood Threat दर्ज किया गया है. विभाग का कहना है कि नदी-नालों के किनारे बसे इलाकों, निचले क्षेत्रों और पहले से जलभराव वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. इसके अलावा अगले 24 घंटे के फ्लैश फ्लड आउटलुक में अहमदाबाद, आनंद, अरावली, बनासकांठा, भरूच, छोटाउदेपुर, दाहोद, डांग, गांधीनगर, खेड़ा, महेसाणा, महिसागर, नर्मदा, नवसारी, पंचमहल, पाटन, साबरकांठा, सूरत, तापी, वडोदरा और वलसाड जिलों को भी शामिल किया गया है. वहीं, सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के भावनगर, राजकोट, सुरेंद्रनगर, जामनगर, मोरबी और कच्छ जिलों पर भी मौसम विभाग लगातार नजर बनाए हुए है. IMD के मौसम मॉडल GFS, WRF और NCUM के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर 190 मिमी तक अत्यधिक वर्षा हो सकती है. लगातार बारिश के कारण पहले से पानी से संतृप्त जमीन अतिरिक्त पानी को सोखने में सक्षम नहीं होगी, जिससे तेज बहाव, सड़कों पर जलभराव, छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और स्थानीय स्तर पर अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है.
आपदा प्रबंधन एजेंसियां भी पूरी तरह अलर्ट
राज्य सरकार, जिला प्रशासन, NDRF, SDRF और स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं. संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने की तैयारी की गई है. मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. विशेष रूप से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. अगले 24 घंटे गुजरात के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. भले ही मध्य प्रदेश पर बना डीप डिप्रेशन धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाए, लेकिन इसके प्रभाव से होने वाली भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का खतरा राज्य के कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर सकता है. इसलिए नागरिकों से पूरी सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
मौसम विभाग का अलर्ट: 25 जुलाई को गुजरात के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
