Home Latest News & Updates गुजरात में महाघोटाला: 128 करोड़ के फर्जी टर्नओवर का खुलासा, सरकार को चूना लगाने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार

गुजरात में महाघोटाला: 128 करोड़ के फर्जी टर्नओवर का खुलासा, सरकार को चूना लगाने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार

by Nikul Patel 24 June 2026, 1:29 PM IST
24 June 2026, 1:29 PM IST
गुजरात में महाघोटाला: 128 करोड़ के फर्जी टर्नओवर का खुलासा, सरकार को चूना लगाने वाले मास्टरमाइंड पिता-पुत्र गिरफ्तार

Tax Scams: गुजरात राज्य GST विभाग ने एक बड़े कर चोरी घोटाले का पर्दाफाश करते हुए 128 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी लेन-देन वाले इनवॉइसिंग रैकेट का खुलासा किया है. इस मामले में विभाग ने जामनगर के एक कारोबारी और उसके पुत्र को गिरफ्तार किया है. दोनों पर 23.08 करोड़ रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करने का आरोप है.

पीतल और तांबे के स्क्रैप की दिखाई फर्जी खरीद

GST विभाग को मिली विशेष सूचना और उसके बाद की गई विस्तृत जांच के आधार पर 16 जून को राज्यभर में समन्वित सर्च और सीजर अभियान चलाया गया. इस कार्रवाई के दौरान जामनगर, राजकोट, अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, सूरत और भावनगर समेत विभिन्न शहरों में स्थित 22 फर्मों पर छापेमारी की गई. जांच का केंद्र जामनगर स्थित मंडोवरा ट्रेडिंग कंपनी रही, जिसके जरिए कथित तौर पर बड़े पैमाने पर फर्जी कारोबार दिखाया गया था. जांच में सामने आया कि कंपनी के संचालक सुरेशचंद्र मूलचंद शाह और उनके पुत्र आयुष सुरेशचंद्र शाह ने पीतल और तांबे के स्क्रैप की फर्जी खरीद दिखाकर अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया.

केवल कागजों पर कारोबार

विभाग के अनुसार इन लेन-देन में माल की वास्तविक खरीद-बिक्री या आवाजाही नहीं हुई थी, बल्कि केवल कागजों पर कारोबार दर्शाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई थी. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कंपनी ने फर्जी फर्मों के माध्यम से 128 करोड़ रुपये से अधिक के काल्पनिक लेन-देन दर्ज किए थे. इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 23.08 करोड़ रुपये से अधिक की GST चोरी का प्रयास किया गया. विभाग का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कर चोरी की राशि और भी बढ़ सकती है तथा अन्य संबंधित फर्मों की भूमिका भी सामने आ सकती है.

पूरे नेटवर्क की जांच कर रही पुलिस

GST अधिनियम की धारा 132(1)(c) के तहत फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करना दंडनीय अपराध है, जबकि धारा 132(1)(b) के तहत फर्जी इनवॉइस जारी कर ITC का लाभ देना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. आरोपियों की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विभाग ने दोनों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है. राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी राजस्व की सुरक्षा और वसूली के लिए सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे. विभाग ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.

नागरिकों और व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह

इस कार्रवाई के साथ ही GST विभाग ने आम नागरिकों और व्यापारियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है. विभाग ने अपील की है कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, GST पंजीकरण विवरण, बैंक खाते की जानकारी और अन्य संवेदनशील दस्तावेज किसी भी अनजान या अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा न करें. ऐसे दस्तावेजों के दुरुपयोग से वित्तीय धोखाधड़ी और पहचान की चोरी जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. गुजरात GST विभाग की यह कार्रवाई राज्य में फर्जी बिलिंग और कर चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का एक बड़ा उदाहरण मानी जा रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

गुजरात CID की बड़ी कार्रवाई: 226 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?