CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच पार्टी के विरोध-प्रदर्शन पर शिवसेना (उद्धव) ने बड़ा बयान दिया है. शिवसेना (UBT) ने मंगलवार को कहा कि चल रहा आंदोलन एक क्रांति की शुरुआत है, जिसमें लाखों कॉकरोच छात्रों के भविष्य के लिए एक निर्णायक कदम उठा रहे हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में छपे एक संपादकीय में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्ट और अक्षम मंत्रियों को बचाने का आरोप लगाया.
देश को बर्बाद कर रहे हैं भ्रष्ट मंत्री
कहा कि ऐसे मंत्री देश को बर्बाद कर रहे हैं. संपादकीय में कहा गया कि इसीलिए लाखों ‘कॉकरोच’ संसद की ओर बढ़ रहे थे और मोदी के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे. यह क्रांति की शुरुआत है. लाखों कॉकरोच क्रांति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. सोमवार को हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च में हिस्सा लिया और संसद की ओर बढ़े. इस दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.
कहा- प्रधानमंत्री जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं
संपादकीय में दावा किया गया कि प्रधानमंत्री ज़िम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं और सवाल उठाया गया कि प्रधान को सरकार का समर्थन क्यों मिल रहा है. इसमें कहा गया कि आखिर धर्मेंद्र प्रधान कौन हैं जिन्हें इतना बचाया जा रहा है? वह कोई भी हों, उन्होंने भारतीय युवाओं की ज़िंदगी बर्बाद कर दी है. NEET परीक्षा के पेपर लीक होने की ज़िम्मेदारी प्रधान की है और उन्हें इसके लिए सज़ा मिलनी चाहिए. संपादकीय में अन्य केंद्रीय मंत्रियों पर भी निशाना साधा गया. इसमें आरोप लगाया गया कि पीएम मोदी ने हरदीप सिंह पुरी से एपस्टीन मामले से कथित संबंधों के कारण, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के दावों के बावजूद या रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लद्दाख में चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र पर कब्ज़ा करने के आरोपों के बावजूद इस्तीफा नहीं मांगा.
विदेशों में पढ़ रहे हैं मंत्रियों के बच्चे
इसमें आगे कहा गया कि जहां केंद्रीय मंत्रियों के बच्चे विदेशों की यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं और अच्छी सैलरी वाली नौकरियां पा रहे हैं, वहीं लाखों बेरोजगार कॉकरोच अब सत्ता में बैठे लोगों के लिए चिंता का कारण बन गए हैं और उनकी नींद उड़ा दी है. संपादकीय के अनुसार, पूरे देश में मोदी के खिलाफ़ लोगों का गुस्सा फैल गया और कई राज्यों के युवा सड़कों पर उतर आए. इसमें कहा गया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ और ‘मोदी सत्ता छोड़ो’ जैसे नारे लगाए जा रहे थे.’सामना’ ने कहा कि अगर लोगों ने डर पर काबू पा लिया और निडर होकर विरोध करने का फैसला किया, तो सरकार की जेलें उन्हें रखने के लिए कम पड़ जाएंगी.
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News Source: PTI
