Home Top News हार के बाद ममता बनर्जी को लगेगा एक और झटका! बागी विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे ऋतब्रत

हार के बाद ममता बनर्जी को लगेगा एक और झटका! बागी विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे ऋतब्रत

by Neha Singh 3 June 2026, 11:59 AM IST (Updated 3 June 2026, 12:01 PM IST)
3 June 2026, 11:59 AM IST (Updated 3 June 2026, 12:01 PM IST)
TMC Split

TMC Split: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक भूचाल आया हुआ है. ममता बनर्जी को एक के बाद एक झटका लग रहा है. विधानसभा में करारी हार के बाद अब उनकी पार्टी टूटने की कगार है. टीएमसी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बागी विधायकों को लेकर विधासनभा पहुंचे हैं. एक-एक कर सभी विधानसभा पहुंच रहे हैं. 80 विधायकों में से 50 से ज्यादा विधायक ऋतब्रत के साथ हैं. ऐसे में ममता बनर्जी का हाल उद्धव ठाकरे जैसा हो सकता है. ऋतब्रत स्पीकर से मिलकर पार्टी के चिन्ह और नेता विपक्ष के पद पर अपना दावा कर सकते हैं.

असली टीएमसी होने का दावा

ऋतब्रत स्पीकर से यह तीन मांग कर सकते हैं. पहला- उनका दावा है कि वे ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं. दूसरा, विपक्ष के नेता ऋतब्रत होंगे. तीसरा, उनका दावा है कि हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है, इसलिए चुनाव चिन्ह उनका होना चाहिए. बता दें, बंगाल में TMC के 80 MLA हैं. एक नए गुट को मान्यता मिलने के लिए दो-तिहाई, यानी 54 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. अगर 54 विधायक ऋतब्रत को अपना समर्थन देते हैं, तो उन्हें पार्टी चिन्ह मिल सकता है, हालांकि इसके बाद भी कई पैरामीटर्स को पूरा करना होगा. खबरों के मुताबिक, ऋतब्रत को 50 से ज्यादा विधायकों का साथ मिला है. ऐसे में टीएमसी में टूट की संभावना है.

‘खेला होबे’

वहीं, बंगाल के मंत्री तपस रॉय ने भी सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी पर तंज कसा है. एक फेसबुक पोस्ट में, तपस रॉय ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस में बड़ी फूट पड़ सकती है, जिससे महाराष्ट्र जैसे हालात बन सकते हैं. तपस रॉय ने दावा किया कि ऋतब्रत बनर्जी लगभग 50 TMC MLA के संपर्क में हैं. उन्होंने TMC के पॉपुलर नारे “खेला होबे” ​​का भी जिक्र किया और कहा कि असली राजनीतिक खेल अब शुरू हुआ है.

2 दिन पहले निकाले गए थे ऋतब्रत और संदीपन

बता दें, ममता बनर्जी ने दो दिन पहले ही ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी ने निष्कासित कर दिया था. उन दोनों ने आरोप लगाया था कि 6 मई को नेता प्रतिपक्ष, उपनेता प्रतिपक्ष और चीफ व्हिप के नामों कों मंजूरी देने वाले प्रस्ताव पर विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए . उन दोनों के भी हस्ताक्षर नकली थे. प्रस्ताव में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष का उम्मीदवार बनाया गया था. इसका विरोध करने और सवाल उठाने के बाद टीएमसी ने ऋतब्रत और संदीपन साहा को 1 जून को पार्टी से निकाल दिया. निकाले जाने के बाद, ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे और दावा किया कि उन्हें 50 से ज्यादा TMC MLAs का समर्थन हासिल है.

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News Source: PTI

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