Harish Rawat: उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार को उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया. ये फैसला उनके निजी सहायक के घर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की छापेमारी में नकदी और जेवरात बरामद होने के बाद सामने आया है. हरीश रावत ने कहा कि उनका ये कदम पार्टी के हित में है. उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में वो नहीं चाहते कि उनके नाम से जुड़े किसी विवाद का असर कांग्रेस के चुनावी अभियान पर पड़े.
PA के घर से 32 लाख रुपये
ED ने गुरुवार को चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान करीब 32 लाख रुपये नकद और एक दर्जन लग्जरी घड़ियां बरामद किए जाने की बात सामने आई. जीना वर्तमान में हरीश रावत के पर्सनल असिस्टेंट हैं. इससे पहले वो साल 2014 से 2017 के बीच रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी यानी OSD के तौर पर भी काम कर चुके हैं. ED के मुताबिक ये कार्रवाई राज्य सेवा चयन आयोग की ओर से साल 2016 में आयोजित एक परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई.
आरोपों पर क्या बोले रावत?
हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने लंबे समय से सहयोगी रहे चंदन सिंह जीना पर भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के लगाए गए आरोपों पर विश्वास नहीं है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वो नहीं चाहते कि इस पूरे मामले की वजह से कांग्रेस का चुनावी अभियान कमजोर हो. रावत ने कहा कि वो उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य हैं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं. उन्होंने दोनों पदों से विनम्रता के साथ हटने का फैसला किया है, ताकि पार्टी की लड़ाई किसी भी तरह प्रभावित न हो.
भ्रष्टाचार पर कांग्रेस की तैयारी
रावत ने अपने बयान में कांग्रेस के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए उठा रहे हैं. ऐसे समय में जब उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं, हरीश रावत का ये फैसला कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. हालांकि, उन्होंने पद छोड़ने का फैसला पार्टी के चुनावी अभियान को विवाद से दूर रखने के उद्देश्य से बताया है.
News Source: PTI
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