MP News : राजधानी भोपाल में आज मुहर्रम के मौके पर गमगीन माहौल में मातमी जुलूस निकाले जा रहे हैं. हजरत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की याद में शहर के अलग-अलग इलाकों से ताजिए, बुर्राक और अलम के साथ अकीदतमंद सड़कों पर उतरे हैं. इस बार भोपाल के मुहर्रम जुलूस में मजहबी अकीदत के साथ-साथ वैश्विक और राष्ट्रीय मुद्दों की झलक भी देखने को मिली. जुलूस में शामिल युवाओं की टी शर्ट और पोस्टरों पर ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें नजर आईं.
पुलिस ने किए कड़े इंतजाम
इस दौरान फिलिस्तीन, मणिपुर और पहलगाम में हो रहे जुल्म के खिलाफ संदेश भी लिखे दिखे. सुरक्षा को लेकर पुराने शहर में पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं. या हुसैन की सदाएं… आंखों में आंसू और सीने में करबला के शहीदों का गम. राजधानी भोपाल में आज मुहर्रम के मौके पर अकीदतमंदों का हुजूम सडक़ों पर उमड़ पड़ा. फतेहगढ़, इमामी गेट, हमीदिया रोड और करोंद जैसे इलाकों से सुबह से ही मातमी जुलूस निकलने शुरू हो गए. हाथों में इस्लामी परचम और तिरंगा लिए अकीदतमंदों का यह काफिला दोपहर बाद इमामी गेट चौराहे पर इक हुआ, जहां अंजुमनों द्वारा सामूहिक मातम किया गया.
युवाओं की टीशर्ट पर दिखी अली खामेनेई की तस्वीर
इस साल भोपाल के मुहर्रम जुलूस में कुछ अलग तस्वीरें भी देखने को मिलीं. जुलूस में शामिल कई युवाओं की टी शर्ट पर ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर नजर आई. यही नहीं लोगों के हाथों में कर्बला जुल्म के खिलाफ आवाज लिखे पोस्टर थे, जिनमें फिलिस्तीन, मणिपुर, पहलगाम और ईरान जंग की घटनाओं का जिक्र किया गया था. पोस्टरों पर लिखा था कि दुनिया में कहीं का भी आतंकवाद, हर जगह की शांति के लिए खतरा है.
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इमाम हुसैन का संदेश पूरी मानवता के लिए
भोपाल टॉकीज के पास जुलूस के दौरान उलेमाओं की मजहबी तकरीरें भी हुईं. मौलाना मोहम्मद अब्बास ने करबला के संदेश को वर्तमान वैश्विक हालातों से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह यजीद का मकसद इमाम हुसैन के मिशन को खत्म करना था, वैसी ही कोशिशें आज भी जारी हैं. उन्होंने खामेनेई का जिक्र करते हुए कहा कि श्जान तो ले सकते हो, लेकिन सिस्टम नहीं बदल सकते. मौलाना ने साफ किया कि इमाम हुसैन का संदेश केवल इस्लाम के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत और इंसाफ के लिए है.
वा का एक मानवीय चेहरा भी देखने को मिला
इस मातमी जुलूस में अकीदत और सेवा का एक मानवीय चेहरा भी देखने को मिला. चिलचिलाती धूप और तपती सड़क पर सैकड़ों अकीदतमंद नंगे पैर अलम लेकर चल रहे थे. ऐसे में कौमी एकता और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए रास्ते में खड़े स्थानीय लोगों ने नंगे पैर चल रहे लोगों के पैरों पर लगातार पानी डाला, ताकि उन्हें गर्म सड़क से राहत मिल सके. हजारों की भीड़ को देखते हुए भोपाल प्रशासन और यातायात पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी. भारत टॉकीज से लेकर करबला तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पुराने शहर में भारी वाहनों की एंट्री बैन कर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है. शांतिपूर्ण माहौल में यह जुलूस अब वीआईपी रोड होते हुए करबला की ओर बढ़ रहा है.
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