Nihang Sikhs : उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश की सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति अब खत्म हो गई है. बॉर्डर पर निहंगों के एक ग्रुप और प्रशासन के बीच घंटों तक गतिरोध चला और उसके बाद बातचीत के माध्यम से मामले को सुलझा लिया गया. इसके बाद निहंग समुदाय के लोग शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के पोंटा साहिब वापस लौट गए. इस घटनाक्रम से गुरुवार की रात विकास नगर इलाके के कुल्हाल चेकपॉइंट पर बनी तनावपूर्ण स्थिति खत्म हो गई. वहां सिख पंथ के एक बड़े ग्रुप की पुलिस से झड़प हुई थी और उन्होंने उत्तराखंड में सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब की ओर जाने की कोशिश में सुरक्षा बैरिकेड्स को पार कर लिया था.
हिमाचल और मोहाली से पहुंचने लगे निहंग
कर्णप्रयाग और नगरासू में चल रहे विवाद को लेकर निहंगों का एक जत्था मोहाली स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदान से उत्तराखंड के देहरादून की तरफ जा रहा था. हालांकि, पुलिस ने उन्हें उत्तराखंड पर ही रोक दिया. इससे पहले उनका एक जत्था हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब गुरुद्वारे से निकलकर विकासनगर के पास कुल्हार चेक पोस्ट तक पहुंच गया था. इसी बीच प्रशासन लगातार निहंगों से 25 जून को प्रस्तावित मार्च टालने की अपील करता रहा, लेकिन इस दौरान बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल पाया. इसी बीच निहंग सीमा की तरफ तेजी से आगे बढ़ गए.
कोलकाता गोदाम हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ी, अब तक 15 की मौत, 2 दिन बाद भी जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
कई लेयर में लगाई थी बैरिकेडिंग
वहीं, उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत अभी भी जारी है. अधिकारियों के मुताबिक, निहंगों ने चमोली के कर्णप्रयाग बाजार और नागरासू के गुरुद्वारे में हाल ही में हुए विवाद को लेकर उत्तराखंड में अपना प्रस्तावित विरोध मार्च रद्द कर दिया. गुरुवार को निहंग समूहों द्वारा राज्य में विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद उन्हें राज्य में घुसने से रोकने के लिए पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था. पूरे कुल्हाल विकास नगर आउटपोस्ट को एक मजबूत पुलिस जोन में बदल दिया गया था, जहां दंगा-रोधी साजो-सामान से लैस पुलिसकर्मी कई परतों वाली बैरिकेडिंग के पीछे तैनात थे.
बातचीत से सुलझाया मामला
वहीं, देहरादून के सीनियर सुपरिटेंडेट ऑफ पुलिस (SSP) प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि सुबह से ही कुलहाल बॉर्डर के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. उन्होंने सिख समुदाय के उन लोगों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने प्रशासन की बात मानी और हिमाचल प्रदेश के पोंटा साहिब वापस लौटने पर सहमति जताई. डोभाल ने कहा कि कुछ लोग उस इलाके से आगे निकल गए थे और एक-दो गाड़ियां उस रास्ते पर आगे बढ़ गई थीं. हमने उनसे विस्तार से बात की और वे भी वापस लौटने को तैयार हो गए. उन्होंने उम्मीद जताई कि शांति, सद्भाव और आपसी भाई चारा बना रहेगा. देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट आशीष चौहान ने कहा कि मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT का एक्शन, टिन्नू यादव-अनुकल्प मिश्रा समेत 8 आरोपी गिरफ्तार
