Assam Flood Death Toll: इस साल असम में भारी बारिश और बाढ़ से काफी तबाही मची है. ताजा जानकारी के अनुसार, प्रदेश में अभी भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में और अधिक बारिश होने का अनुमान है.
इस बीच असम बाढ़ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार, इस साल असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है. अभी तक 1 लाख 12 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. कई जिलों की सड़कें, पुल और लोगों के घर तबाह हो चुके हैं.
खतरे के स्तर से ऊपर बह रही कई नदियां
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, असम के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में बुधवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही. चार जिलों में 1.12 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और पहले से ही बाढ़ की चपेट में आए कई क्षेत्रों में और अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान है.
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक अधिकारी ने बताया कि कई नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं, जिससे नए क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है.
उन्होंने बताया कि आईएमडी के गुवाहाटी केंद्र ने चराइदेव, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने के साथ-साथ गरज के साथ बारिश और मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है.
भयंकर बाढ़ की स्थिति जारी
अधिकारी ने कहा कि गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी में “भयंकर बाढ़ की स्थिति” बनी हुई है और नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण लोगों को इससे दूर रहने की सलाह दी गई है.
एएसडीएमए के दैनिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, किसी नई मौत की सूचना नहीं मिली है और इस वर्ष की बाढ़ में मरने वालों की संख्या 101 पर बनी हुई है.
गोलाघाट सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला
बुलेटिन में कहा गया है कि गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और शिवसागर जिलों में बाढ़ से वर्तमान में 1,12,700 से अधिक लोग प्रभावित हैं. गोलाघाट सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला है, जहां 65,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. इसके बाद शिवसागर में लगभग 20,000 और नागांव में 16,000 से अधिक लोग बाढ़ के पानी की चपेट में हैं.
एएसडीएमए के अधिकारी ने बताया कि नुमालीगढ़ में धनसिरी और श्रीभूमि में कुशियारा नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं. प्रशासन पांच जिलों में 92 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जो 30,205 प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान कर रहे हैं.
441 गांव अभी भी जलमग्न
पिछले 24 घंटों के दौरान, एएसडीएमए ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 420.32 क्विंटल चावल, 74.72 क्विंटल दाल, 22.42 क्विंटल नमक और 2,058.95 लीटर सरसों का तेल वितरित किया. प्राधिकरण ने बताया कि राज्य भर में कम से कम 441 गांव अभी भी जलमग्न हैं और 10,879.03 हेक्टेयर फसल भूमि प्रभावित हुई है.
बाढ़ के पानी ने कई जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है. एएसडीएमए के अनुसार, बाढ़ से राज्य भर में 31,650 घरेलू पशु और मुर्गी पालन प्रभावित हुए हैं.
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News Source: PTI
