Home Top News नांदेड़ गुरुद्वारे के अंदर शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला, बाल-बाल बचे

नांदेड़ गुरुद्वारे के अंदर शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला, बाल-बाल बचे

by Sanjay Kumar Srivastava 13 August 2026, 6:35 PM IST (Updated 13 August 2026, 6:37 PM IST)
13 August 2026, 6:35 PM IST (Updated 13 August 2026, 6:37 PM IST)
नांदेड़ गुरुद्वारे के अंदर शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला, बाल-बाल बचे

Sukhbir Badal: महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक गुरुद्वारे के अंदर गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उप मुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वे घायल हो गए. नांदेड़ के SP नीलाभ रोहन ने PTI को बताया कि एक निहंग (सिखों के मार्शल पंथ का सदस्य) ने गुरुद्वारे के अंदर बादल पर कृपाण से हमला किया. SP ने बताया कि हमलावर को तुरंत हिरासत में ले लिया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि बादल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके दाहिने हाथ में दो-तीन टांके लगाए गए. अब वे खतरे से बाहर हैं.

बचाने में पुलिस अधिकारी भी जख्मी

उन्होंने बताया कि स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट का हिस्सा रहे पुलिस अधिकारी संतोष केंद्र बादल को बचाने के दौरान घायल हो गए. बादल पर दोपहर 1:45 बजे गुरुद्वारा माता साहिब देवान जी मुगत के अंदर उस समय हमला किया गया, जब वे सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे. इससे पहले दिन में, बादल ने अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ नांदेड़ में तख्त श्री हजूर साहिब का दौरा किया था. हरसिमरत कौर बादल अकाली दल की सांसद हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बादल पर हुए हमले की जांच के आदेश दिए हैं.

लोकतांत्रिक समाज में हिंसा अस्वीकार्य

उन्होंने कहा कि फडणवीस ने बादल को फोन किया और उनका हाल-चाल पूछा. फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से घटना के बारे में जानकारी ली और पुलिस को हमले के पीछे की वजह की जांच करने का निर्देश दिया. बीजेपी के वरिष्ठ नेता आरपी सिंह ने बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि हिंसा की ऐसी घटना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. कहा कि मैं नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं. हिंसा की ऐसी घटना पूरी तरह से अस्वीकार्य है और लोकतांत्रिक समाज में इसके लिए कोई जगह नहीं है.

दिसंबर 2024 में भी बादल पर चल चुकी है गोली

आरपी सिंह ने कहा कि राजनीतिक मतभेद और असहमति लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन हिंसा का सहारा लेने को कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता. यह पहली बार नहीं है जब बादल किसी हमले में बाल-बाल बचे हों. दिसंबर 2024 में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक आतंकवादी ने भी अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर उन पर गोली चलाई थी. नारायण सिंह चौड़ा नाम के उस व्यक्ति को मौके पर मौजूद लोगों ने काबू कर लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. उस समय बादल मंदिर के प्रवेश द्वार पर गार्ड के तौर पर ‘सेवादार’ की ड्यूटी निभा रहे थे. अकाल तख्त ने पंजाब में उनकी पार्टी के शासनकाल के दौरान हुई गलतियों के लिए उन्हें ‘तनखाह’ (धार्मिक दंड) सुनाई थी.

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News Source: PTI

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