Stock Market Updates: शुक्रवार को शेयर बाजार की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. सुबह कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए. सेंसेक्स करीब 450 अंकों तक लुढ़क गया. वहीं, निफ्टी 24,550 के आसपास पहुंच गया. हालांकि, बाजार की इस कमजोरी के बीच आईटी और ऑटो सेक्टर ने निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर दी. सुबह करीब 10:30 बजे सेंसेक्स 444 अंकों की गिरावट के साथ 78,510 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी भी करीब 73 अंक टूटकर 24,563 के आसपास पहुंच गया. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बैंकिंग और टेलीकॉम शेयर्स में बिकवाली रही. दूसरी तरफ, आईटी और ऑटो कंपनियों के शेयर मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे.
आईटी इंडेक्स में बढ़त
अगर सेक्टर की बात करें तो बीएसई आईटी इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली. ऑटो इंडेक्स भी करीब 0.8 प्रतिशत चढ़ा. इसका फायदा टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और इंफोसिस जैसी बड़ी कंपनियों को मिला. इन शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और इन्होंने बाजार की गिरावट के बीच भी सकारात्मक माहौल बनाए रखा. दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, भारती एयरटेल और इटरनल जैसे शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला. खासकर बजाज फाइनेंस 4 प्रतिशत से ज्यादा टूटा. बजाज फिनसर्व में भी करीब 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
कच्चे तेल की कीमत
बाजार पर एक और बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का रहा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 83 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई. ईरान और स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को लेकर चिंताओं ने तेल की कीमतों को ऊपर पहुंचा दिया है. अगर कच्चा तेल महंगा होता है तो भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए ये चिंता की बात होती है. तेल की कीमत का असर शेयर बाजार पर भी दिखाई देता है.
विदेशी निवेशकों का हाल
विदेशी निवेशकों का रुख भी फिलहाल बाजार के पक्ष में नजर नहीं आ रहा. गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 18 करोड़ रुपये की बिकवाली की. लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बढ़ा रही है. हालांकि, दिलचस्प बात ये रही कि बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बावजूद मिडकैप शेयरों ने मजबूती दिखाई. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता रहा. वहीं, स्मॉलकैप इंडेक्स में हल्की कमजोरी देखने को मिली. बाजार में खरीदारी और बिकवाली लगभग बराबर रही, जिससे साफ है कि निवेशक पूरी तरह घबराए नहीं हैं.
विदेशी बाजार का हाल
वैश्विक बाजारों का असर भी भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया. अमेरिका के शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे. वहीं, एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार देखने को मिला. जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी कमजोर रहे. हालांकि, चीन और हांगकांग के बाजारों में हल्की मजबूती देखने को मिली. यानी देखा जाए तो, शुक्रवार का कारोबार निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा. एक तरफ बैंकिंग और वित्तीय शेयरों ने बाजार को नीचे खींचा. दूसरी तरफ आईटी और ऑटो सेक्टर ने उम्मीद बनाए रखी.
News Source: PTI
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