Shraddha Walker Case: पालघर जिले के वसई शहर की रहने वाली श्रद्धा वॉकर की हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. आज चार साल बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है. अब उसकी बुआ को पाकिस्तान से फोन आ रहे हैं. श्रद्धा वॉकर की बुआ राजल नाइक ने सोमवार को दावा किया कि जब से उन्होंने श्रद्धा को न्याय मिलने में देरी के बारे में मीडिया से बात करना शुरू किया है, तब से उन्हें पाकिस्तान से अनजान फोन कॉल आ रहे हैं. नाइक को अब अपनी सुरक्षा की चिंता होने लगी है.
दहशत में परिवार
राजल नाइक ने बताया कि इन संदिग्ध कॉल्स ने उनके परिवार को डरा दिया है, जिससे उन्होंने अनजान इंटरनेशनल नंबरों से आने वाले कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने सबूत के तौर पर आने वाले कॉल लॉग्स के स्क्रीनशॉट सेव कर लिए हैं और वसई पुलिस में ऑफिशियल शिकायत दर्ज कराने का प्लान बना रही हैं. नाइक ने रिपोर्टर्स से बात करते हुए कहा, “चार साल बाद भी, श्रद्धा को न्याय नहीं मिला है. जब से मैंने मीडिया में अपनी आवाज उठानी शुरू की है, मुझे पाकिस्तान से अनजान कॉल्स आ रही हैं. हम डरे हुए हैं, लेकिन मैंने कॉल रिकॉर्ड डॉक्यूमेंट कर लिए हैं और पुलिस से जांच के लिए संपर्क करूंगी कि कौन हमें डराने की कोशिश कर रहा है.”
क्या था मामला
वसई में कॉल सेंटर में काम करने वाली 27 साल की श्रद्धा वॉकर अपने बॉयफ्रेंड आफताब पूनावाला के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने के लिए दिल्ली में शिफ्ट हो गई थी. 18 मई, 2022 को आफताब पूनावाला ने श्रद्धा की हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, पूनावाला ने वाल्कर का गला घोंट दिया और उसके शरीर के कई टुकड़े किए. उसने टुकड़ों कोरेफ्रिजरेटर में रखा और पकड़े न जाने के लिए कई दिनों तक दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में फेंकता रहा. पूनावाला को 12 नवंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले का ट्रायल 2023 से पेंडिंग है.
पिता के बाद भाई लड़ रहा कानूनी लड़ाई
वाल्कर के पिता विकास, ने उसकी मौत के बाद इस केस को आगे बढ़ाया था, लेकिन न्याय का इंतजार करते-करते 2025 में वे गुजर गए. आफताब अमीन पूनावाला अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है और इस केस का ट्रायल अभी भी चल रहा है. श्रद्धा के पिता (विकास वॉकर) फरवरी 2025 में इंसाफ का इंतजार करते हुए गुजर गए. अभी श्रद्धा का भाई अपनी बहन को इंसाफ दिलाने के लिए अकेले ही कानूनी लड़ाई लड़ रहा है. नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) और पीड़ित परिवार ने चिंता जताई है कि आरोपी आफताब बार-बार एग्जाम, मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट या डेंटल ट्रीटमेंट के बहाने समय मांग रहा है, जिससे ट्रायल में देरी हो रही है.
News Source: PTI
