Home राष्ट्रीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा पर अनिश्चितता के बीच शिक्षा मंत्री ने की NEET-UG उम्मीदवारों से मुलाकात

मेडिकल प्रवेश परीक्षा पर अनिश्चितता के बीच शिक्षा मंत्री ने की NEET-UG उम्मीदवारों से मुलाकात

by Live Times 11 July 2024, 6:16 PM IST (Updated 4 July 2026, 3:22 PM IST)
11 July 2024, 6:16 PM IST (Updated 4 July 2026, 3:22 PM IST)
NEET-UG की दोबारा परीक्षा कराने पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?

NEET Paper leak Row: NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी और अनियमितता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (11 जुलाई) को होने वाली सुनवाई टाल दी. अब सुप्रीम कोर्ट 18 जुलाई को इस मामले पर सुनवाई करेगा.

11 July, 2024

NEET Paper leak Row: NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी और अनियमितता का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (11 जुलाई) को होने वाली सुनवाई टाल दी. सुप्रीम कोर्ट आगे की सुनवाई 18 जुलाई को इस मामले पर सुनवाई करेगा. इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) ने गुरुवार को अपने आवास पर कुछ NEET उम्मीदवारों से मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान छात्रों ने 5 मई में आयोजित की गई परीक्षा पर अनिश्चितता, काउंसलिंग प्रक्रिया में देरी और शैक्षणिक कैलेंडर जैसे मुद्दे उठाए.

परीक्षा को फिर से करने की उठी मांग

वहीं, कई तिमाहियों से परीक्षा को फिर से आयोजित करने की मांग की गई है. इस पर शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि पेपर लीक की घटनाएं स्थानीय थीं. ऐसे में परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करके उन लाखों उम्मीदवारों के करियर को खतरे में नहीं डाला जा सकता है, जिन्होंने निष्पक्ष रूप से परीक्षा पास की है.

SC में दायर पहले हलफनामे में NTA ने क्या कहा?

उधर, सरकार का यह भी दावा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 8 जुलाई को की गई टिप्पणियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण है कि अगर परीक्षा आयोजित करने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई, तो वह दोबारा परीक्षा का आदेश दे सकती है. मामले की जांच सीबीआई कर रही है. बता दें कि 5 मई को 571 शहरों के 4,750 केंद्रों पर 23.33 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें 14 विदेशी शहर भी शामिल थे. केंद्र और NTA ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने पहले हलफनामों में कहा था कि परीक्षा को रद्द करना प्रतिकूल होगा और गोपनीयता के बड़े पैमाने पर उल्लंघन के किसी भी सबूत के अभाव में लाखों ईमानदार उम्मीदवारों को गंभीर रूप से खतरे में डाल देगा.

आईआईटी मद्रास से जांच की अपील

इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में बताया कि उन्होंने आईआईटी मद्रास से NEET-UG परीक्षा में हुई कथित अनियमितता की जांच करने की अपील की है. हालांकि केंद्र सरकार ने कहा कि नीट यूजी का बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने के सबूत नहीं मिले हैं.

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