Home राज्य शिक्षा को बढ़ावाः बच्चे जाएंगे स्कूल तो मिलेंगे 15 हजार रुपए, देश के इस राज्य ने शुरू की ‘तल्लिकी वंदनम’ योजना

शिक्षा को बढ़ावाः बच्चे जाएंगे स्कूल तो मिलेंगे 15 हजार रुपए, देश के इस राज्य ने शुरू की ‘तल्लिकी वंदनम’ योजना

by Sanjay Kumar Srivastava 13 June 2025, 3:54 PM IST
13 June 2025, 3:54 PM IST
'Talliki Vandanam' scheme

हर पात्र मां व अभिभावक को प्रति बच्चे 15,000 रुपये प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. कक्षा 1 से इंटरमीडिएट तक स्कूल जाने वाले घर में बच्चों की संख्या चाहे जो भी हो.

Amaravati: आंध्र प्रदेश में सरकार ने स्कूली शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए एक नई योजना शुरू की है. इसके तहत हर बच्चे को सालाना 15 हजार रुपए दिए जाएंगे. आंध्र प्रदेश में टीडीपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने ‘तल्लिकी वंदनम’ योजना शुरू की है, जिसके तहत हर घर में स्कूल जाने वाले हर बच्चे को सालाना 15,000 रुपये दिए जाएंगे. ‘तल्लिकी वंदनम’ मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा 2024 के चुनाव से पहले किए गए कल्याणकारी वादों के ‘सुपर सिक्स’ में से एक है.

कक्षा 1 से इंटर तक के बच्चों को मिलेगा लाभ

सरकार के सचिव कोना शशिधर ने एक आदेश में कहा कि सरकार ने ‘तल्लिकी वंदनम’ योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो राज्य भर में माताओं और अभिभावकों को सशक्त बनाने के लिए बनाई गई एक प्रमुख पहल है. जिसमें हर पात्र मां व अभिभावक को प्रति बच्चे 15,000 रुपये प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. कक्षा 1 से इंटरमीडिएट तक स्कूल जाने वाले घर में बच्चों की संख्या चाहे जो भी हो, इस योजना को सभी पात्र परिवारों तक बढ़ाया जाएगा. इसी प्रकार सरकार इस योजना के लिए कक्षा 1 और जूनियर इंटरमीडिएट में अपेक्षित पात्र नामांकन को भी ध्यान में रखेगी.

67 लाख से अधिक छात्र होंगे लाभान्वित

‘तल्लिकी वंदनम’ योजना से 67 लाख से अधिक छात्र और 43 लाख माताएं लाभान्वित होंगी. 15,000 रुपये प्रति वर्ष में से 2,000 रुपये राज्य में शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र के समग्र विकास के लिए काट लिए जाएंगे, जिसमें रखरखाव, स्वच्छता और सफाई शामिल है. सचिव के अनुसार, यह योजना समान अवसर प्रदान करने और सीखने के परिणामों में सुधार करने की प्रतिबद्धता के साथ स्कूली शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने पर केंद्रित है.

सभी स्कूलों में होंगे लागू

उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं को कक्षा 1 से कक्षा 12 तक अपने बच्चों की स्कूली शिक्षा में सक्रिय रूप से शामिल होने का अधिकार देती है, साथ ही शैक्षिक प्रगति को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देती है. शशिधर ने कहा कि इस योजना का लाभ सभी पात्र बच्चों को दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकारी, निजी सहायता प्राप्त और निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल और जूनियर कॉलेज कवर किए जाएंगे. सरकार ने योजना को पूरा करने के लिए 12 जून से 5 जुलाई के बीच की समय-सीमा तय की है.

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