Britain News : दुनिया भर में चल रहे युद्ध में ड्रोन की अहम भूमिका निभा रहा है. वह कम खर्चे में दुश्मन देश को भारी नुकसान पहुंचाने की हैसियत रखता है और कई अपग्रेड हथियार भी भारी तबाही मचा रहे हैं. इन्हीं सब परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए ब्रिटेन ने भी सुरक्षा के लिहाज से भविष्य की योजनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है. साथ ही मंगलवार को घोषित होने वाली रक्षा योजना के तहत ब्रिटेन की भविष्य की सेना में खुद उड़ने वाले लड़ाकू जेट, बिना चालक दल वाली पनडुब्बियां और ड्रोन को शामिल करने की बात हो सकती है.
रक्षा बजट बढ़ने पर हैं मतभेद
बताया जा रहा है रक्षा सेक्टर में निवेश बार-बार देरी हुई है. इसका मुख्य कारण है कि सैन्य अधिकारियों और ट्रेजरी अधिकारियों के बीच में विभिन्न मतभेद थे. इस मुख्य रूप से तेजी से बदलती दुनिया में ब्रिटेन की सेना को तैयार करने में कितना खर्च आएगा. वहीं, दूसरे नाटो देशों की तरह यूके पर भी रक्षा बजट बढ़ाने का दबाव है, ताकि समय पर रूस और अमेरिका का मुकाबला किया जा सके. वहीं, डॉन हीली ने 11 जून को रक्षा सचिव के पद से इस्पीफा दे दिया था. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया था कि वह बढ़ते खतरों के समय में सेना पर पर्याप्त खर्च करने को तैयार नहीं हैं. हीली ने इस पर तर्क दिया कि 2030 तक यूके का रक्षा खर्च जीडीपी का तीन फीसदी हो जाएगा.
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क्या रूस भविष्य में करेगा हमला
हीली ने ब्रिटिश इंटेलिजेंस के उस अनुमान का हवाला दिया जिसके अनुसार रूस 2030 तक एक और नाटो के किसी सदस्य देश पर हमला कर सकता है. उन्होंने कहा कि ट्रेजरी की ओर से पेश किए गए प्लान के तहत अगले साल खर्च 2.6 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद 2030 में यह बढ़कर सिर्फ 2.68 प्रतिशत हो जाएगा. इसके अलावा बीते कुछ हफ्तों में खर्च की योजना पर फिर से ध्यान केंद्रित कर दिया गया है. वहीं, प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि यह योजना यह सुनिश्चित करेगी कि हमारे सैनिकों के पास उभरते खतरों का सामना करने और ब्रिटिश लोगों को सुरक्षित के लिए जरूरी अत्याधुनिक क्षमताएं हों. पूरा दस्तावेज मंगलवार को जारी किया जा सकता है.
2035 तक GDP का होगा 3.5% रक्षा बजट
यह पूरा प्लान यूके कैसे 2035 तक अपने मिलिट्री खर्च को जीडीपी के 3.5% के नाटो टारगेट तक बढ़ाएगा. यूके की सेना रूस के बढ़ते आक्रामक रवैये के बीच सालों से आई गिरावट को पलटने की कोशिश कर रही है. रूस ने 2022 में अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला किया था और वह यूरोपीय देशों की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार परख रहा था. यूके ने देखा कि कैसे ड्रोन ने यूक्रेन में युद्ध का तरीका बदलकर रख दिया है. ब्रिटेन की सेना की सभी शाखाओं में ड्रोन सिस्टम पर अरबों का निवेश करने की योजना बना रहा है. नए डिस्ट्रॉयर के बेड़े बजाय रॉयल नेवी को हाइब्रिड जहाज मिलेंगे और यह ड्रोन के लिए कमांड का हब का काम करेंगे.
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