Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान को लेकर आज बड़ी खबर आई. दरअसल, पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जेल में बंद 73 साल के इमरान खान को मेडिकल जांच और इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफ़ा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाए. कोर्ट के निर्देश के मुताबिक उन्हें अगले कुछ दिनों में अस्पताल ले जाया जाएगा. अगली सुनवाई यानी 16 सितंबर तक इमरान को अस्पताल में रखा जा सकता है. कोर्ट ने सिर्फ अस्पताल भेजने का आदेश ही नहीं दिया, बल्कि इमरान खान की सेहत का पूरा आकलन करने के लिए एक मेडिकल बोर्ड बनाने का भी निर्देश दिया है. इसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ उनके निजी चिकित्सक की मौजूदगी भी सुनिश्चित करने को कहा गया है. इलाज का खर्च इमरान खान का परिवार उठाएगा.
आंखों की बीमारी बनी वजह
इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता खास तौर पर उनकी दाहिनी आंख की समस्या के बाद बढ़ी थी. उन्हें सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूज़न यानी CRVO नाम की आंखों की बीमारी है. इस समस्या के इलाज के लिए उन्हें पहले कई बार पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया था. इमरान खान के परिवार, वकीलों और पार्टी नेताओं की तरफ से लगातार ये मांग की जा रही थी. उनकी मांग थी कि इमरान का सरकारी अस्पतालों के बजाय किसी निजी अस्पताल में विशेषज्ञों से इलाज कराया जाए. उनका आरोप रहा है कि जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा, परिवार से मुलाकात और कानूनी सलाह तक पहुंच में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
प्रशासन की अलग तस्वीर
हालांकि, जेल प्रशासन ने कोर्ट को दी अपनी रिपोर्ट में अलग तस्वीर पेश की. अधिकारियों ने बताया कि 4 नवंबर, 2023 से 10 अगस्,त 2026 के बीच इमरान खान की 39 मेडिकल जांचें अलग-अलग विशेषज्ञों ने कीं. रिपोर्ट के अनुसार, उनकी आंख की स्थिति में काफी सुधार हुआ है. साथ ही उनकी दृष्टि लगभग सामान्य हो गई है. यानी एक तरफ जेल प्रशासन कह रहा है कि इलाज से काफी सुधार हुआ है. वहीं, इमरान खान के समर्थक और पार्टी नेता अभी भी उनकी मेडिकल देखभाल को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
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कोर्ट का सख्त रुख
तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि कैदी के मौलिक अधिकारों और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया जा रहा है. कोर्ट का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि इमरान खान को जरूरी चिकित्सा सुविधा मिले. साथ ही उनकी सेहत की अच्छी तरह से जांच हो सकेय. इसके अलावा अदालत ने ये भी साफ किया कि अस्पताल के बाहर कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब नहीं होनी चाहिए. PTI और इमरान खान के समर्थकों को निर्देश दिया गया है कि वो अस्पताल के बाहर भीड़ न जुटाएं. कोर्ट ने चेतावनी दी है कि उसके निर्देशों का उल्लंघन होने पर इमरान खान को दी जा रही सुविधाओं को वापस लिया जा सकता है.
काफी समय से जेल में हैं इमरान
इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं. सत्ता से हटने के बाद से उनके खिलाफ कई कानूनी मामले सामने आए. उनकी पार्टी लगातार इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती रही है. रॉयटर्स के अनुसार, उनके खिलाफ 100 से ज्यादा कानूनी मामले रहे हैं. इनमें कुछ में उन्हें सजा भी मिली है. वहीं, कई मामले अपील या न्यायिक प्रक्रिया में हैं. हालांकि, इमरान खान आरोपों से इनकार करते रहे हैं. जेल में उनकी लंबी हिरासत ने पाकिस्तान की राजनीति को भी लगातार गर्म रखा है. उनके समर्थक कई मौकों पर उनकी रिहाई और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं.
लागू करें कोर्ट का आदेश
पाकिस्तान के संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पूरी तरह लागू करेगी. उन्होंने ये भी कहा कि सरकार और इमरान खान के बीच मतभेद राजनीतिक हैं, व्यक्तिगत नहीं. सरकार का कहना है कि किसी दोषी ठहराए गए कैदी की रिहाई का फैसला सरकार नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत होता है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का PTI ने स्वागत किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान अकरम राजा ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अस्पताल के बाहर जमा न होने की अपील की है. उनका कहना है कि इमरान खान के इलाज के लिए शांत और सुरक्षित माहौल बनाए रखना जरूरी है. फिलहाल इमरान खान की कहानी में ये नया अध्याय सिर्फ एक मेडिकल फैसले तक सीमित नहीं है. ये पाकिस्तान की राजनीति, न्यायपालिका और मानवाधिकारों से जुड़े कई सवालों के बीच आया है.
News Source: PTI
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