Home पर्यटन चाय के बागानों से जंगल सफारी तक, East India की इन 10 जगहों पर आएगा घूमने का असली और पूरा मजा

चाय के बागानों से जंगल सफारी तक, East India की इन 10 जगहों पर आएगा घूमने का असली और पूरा मजा

by Preeti Pal 18 August 2026, 6:17 PM IST
18 August 2026, 6:17 PM IST
चाय के बागानों से जंगल सफारी तक, East India की इन 10 जगहों पर आएगा घूमने का असली और पूरा मजा

East India Best Destinations: भारत घूमने की बात आती है तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में दिल्ली, मुंबई, राजस्थान या गोवा जैसे नाम सबसे पहले आते हैं. लेकिन अगर आप भीड़भाड़ से थोड़ा दूर जाकर प्रकृति, संस्कृति, इतिहास और स्वाद का एक साथ मजा लेना चाहते हैं, तो पूर्वी भारत आपके लिए शानदार ऑप्शन हो सकता है. यहां पहाड़ों की ठंडी हवा है, चाय के हरे-भरे बागान हैं, पुराने मंदिर हैं, खूबसूरत नदियों हैं और जंगलों में घूमते जंगली जानवर भी हैं. यानी पूर्वी भारत का सफर ऐसा है जिसमें हर कुछ घंटों बाद नजारा बदलता हुआ दिखता है. कभी आप कोलकाता की चहल-पहल में होते हैं तो कभी दार्जिलिंग की पहाड़ियों में चाय की खुशबू के बीच. कहीं मंदिरों की घंटियां सुनाई देती हैं तो कहीं, जंगल सफारी करते हुए अचानक एक गैंडा सामने आ जाता है. यही विविधता भारत के इस हिस्से को खास बनाती है. ऐसे में अगर आप अगली छुट्टी में कुछ अलग प्लान कर रहे हैं, तो पूर्वी भारत की कुछ जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल करना ना भूलें. आज आपके लिए उन्हीं की एक छोटी लिस्ट लेकर आए हैं.

भुवनेश्वर में मंदिरों की खूबसूरती

पूर्वी भारत की यात्रा ओडिशा से शुरू हो तो भुवनेश्वर को नजरअंदाज करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता है. इसे अक्सर ‘टेंपल सिटी ऑफ इंडिया’ भी कहा जाता है. इसकी वजह भी साफ है. दरअसल, इस शहर में कई प्राचीन हिंदू मंदिर हैं. इनकी वास्तुकला आज भी लाखों टूरिस्टों को अपनी तरफ खींचती है. मुक्तेश्वर मंदिर, परशुरामेश्वर मंदिर और राजारानी मंदिर यहां सबसे ज्यादा फेमस हैं. इन मंदिरों की नक्काशी और पत्थरों पर की गई बारीक कारीगरी देखकर आपको अंदाजा लग जाएगा कि सदियों पहले भी भारतीय वास्तुकला कितनी शानदार थी. भुवनेश्वर घूमते समय सिर्फ मंदिरों की तस्वीरें खींचकर आगे न बढ़ जाना. थोड़ा समय निकालकर उनकी कहानी और वास्तुकला को समझना. इससे आपका सफर ज्यादा यादगार और दिलचस्प बन जाएगा.

बागानों में बिताएं सुकून के पल

अगर पहाड़, चाय और ठंडी हवा आपकी पसंद हैं, तो दार्जिलिंग आपके लिए किसी फिल्मी लोकेशन या फिर जन्नत से कम नहीं है. पहाड़ियों पर फैले हरे-भरे चाय के बागान यहां की सबसे बड़ी पहचान हैं. आप वहां आराम से चाय के बागानों में घूम सकते हैं. साथ ही ये भी जान सकते हैं कि आपकी सुबह की चाय आखिर खेत से कप तक कैसे पहुंचती है. इसके साथ किसी खूबसूरत जगह पर बैठकर गर्म चाय का स्वाद लेना आपके सफर को और खास बना देता है. वैसे, दार्जिलिंग की एक और खासियत है और वो है हिमालयन टॉय ट्रेन. पहाड़ी रास्तों से गुजरती ये छोटी ट्रेन आपकी यात्रा को अलग ही लेवल पर ले जाती है. खिड़की से बाहर पहाड़ और घाटियों का नजारा देखते हुए सफर करने का अनुभव लंबे समय तक याद रहता है.

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पहाड़ों के बीच मिलेगी शांति

अगर आपको ऐसा ट्रिप चाहिए जिसमें घूमने के साथ थोड़ा मानसिक सुकून भी मिले, तो गंगटोक का रुख किया जा सकता है. सिक्किम की राजधानी गंगटोक अपने पहाड़ी नजारों और बौद्ध संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां रुमटेक मठ और लाब्रांग मठ जैसे बड़े बौद्ध स्थल हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं. शांत वातावरण, पहाड़ों की खूबसूरती और मठों की आध्यात्मिक आभा मिलकर गंगटोक को एक अलग जगह बनाती है. ये जगह उन लोगों के लिए खास है, जिन्हें छुट्टी में सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि थोड़ी देर मोबाइल की स्क्रीन से दूर रहकर खुद के साथ समय बिताना भी पसंद है.

कलिम्पोंग में फूलों की खुशबू

दार्जिलिंग के आसपास की यात्रा कर रहे हैं तो कलिम्पोंग को भी अपने ट्रेवल प्लान में शामिल कर सकते हैं. ये खूबसूरत पहाड़ी शहर अपने फूलों की नर्सरी, हरियाली और पहाड़ी सीन के लिए जाना जाता है. यहां का माहौल दार्जिलिंग की तुलना में कुछ ज्यादा ही शांत लगता है. यानी अगर आप ऐसी जगह चाहते हैं जहां सुबह आराम से उठें, आसपास हरियाली देखें और बिना जल्दबाजी के घूम सकें, तो कलिम्पोंग बहुत ही अच्छा ऑप्शन है. यहां के फूलों की नर्सरी देखना और आसपास के चाय बागानों का अनुभव करना आपके सफर को और खूबसूरत बना सकता है.

इतिहास और स्वाद का कॉकटेल

पूर्वी भारत का सफर कोलकाता के बिना अधूरा सा लगता है. ये शहर इतिहास, कला, संस्कृति और खाने के लिए मशहूर है. यहां पुराने औपनिवेशिक दौर की इमारतों से लेकर आधुनिक शहर की चहल-पहल तक, सब कुछ देखने को मिलता है. विक्टोरिया मेमोरियल शहर की सबसे बड़ी पहचान है. इसके अलावा पुराने महलनुमा भवन और खुले पार्क भी इस शहर की खासियत हैं. हालांकि, कोलकाता को सिर्फ इमारतों के लिए न देखें. यहां की असली मस्ती उसके खान-पान में भी छिपी है. बंगाली खाने का स्वाद लेना किसी भी फूड लवर की ट्रिप का खास हिस्सा बन सकता है. इसके अलावा अगर आपके पास थोड़ा और समय हो तो, हुगली नदी पर क्रूज का अनुभव भी लिया जा सकता है. आपको पानी पर चलते हुए शहर को एक अलग नजरिए से देखने का मौका मिल सकता है.

जंगल की दुनिया

अब आपको थोड़ा रोमांच यानी थ्रिल पसंद है, तो पश्चिम बंगाल का सुंदरबन डेल्टा अपनी ट्रेवल लिस्ट में शामिल कर लें. ये जगह उन लोगों के लिए खास है जिन्हें नेचर और वाइल्डलाइफ पसंद है. ये जगह अपने विशाल मैंग्रोव जंगलों के लिए जानी जाती है. इतना ही नहीं, यहां नाव से घूमने का अनुभव बेहद अलग होता है. यानी आप इस जंगल को जीप में नहीं, नाव में बैठकर देख पाएंगे. पानी से घिरे जंगलों के बीच नाव पर आगे बढ़ते हुए आपको हर पल कुछ नया देखने की उम्मीद रहती है. वैसे, सुंदरबन रॉयल बंगाल टाइगर के लिए भी मशहूर है. इसके अलावा यहां अलग-अलग तरह के पक्षी और बाकी जानवर भी देखने को मिलते हैं. ये जगह यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भी है. हालांकि, जंगल सफारी या नाव की यात्रा के दौरान रोमांच के साथ सुरक्षा नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है. जंगल आखिर जंगल है, यहां सेल्फी से ज्यादा जरूरी आपकी समझदारी है.

ट्रेकिंग का मजा

अगर आपकी छुट्टी का मतलब सिर्फ होटल में बैठना नहीं बल्कि थोड़ा पसीना बहाना भी है, तो सिक्किम का युक्सोम आपको जरूर पसंद आएगा. युक्सोम पहाड़ों में ट्रेकिंग के लिए जाना जाता है. आसपास के खूबसूरत प्राकृतिक नजारे और शांत वातावरण इसे हाइकिंग लवर्स के लिए बेस्ट जगह बनाता है. ट्रेंकिंग के अलावा यहां आकर दुबडी मठ भी देखा जा सकता है. पहाड़ी रास्तों पर चलते हुए आसपास की हरियाली और हिमालयी वातावरण का मज़ा लेना उन टूरिस्टों के लिए खास अनुभव हो सकता है जिन्हें एडवेंचर पसंद है. बस ट्रेकिंग से पहले मौसम, रास्ते और लोकल गाइड की सलाह को जरूर ध्यान में रखें.

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गैंडे से हो सकती है मुलाकात

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में वाइल्डलाइफ देखने का मन है तो असम का काजीरंगा नेशनल पार्क आपकी ट्रेवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए. काजीरंगा खास तौर पर एक सींग वाले भारतीय गैंडे के लिए मशहूर है. जंगल सफारी के दौरान इन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में देखने का मौका मिल सकता है. यहां हाथी, बाघ, तेंदुए और कई तरह के पक्षी भी देखने को मिल जाते हैं. वैसे भी, जंगल सफारी का मजा ही अलग होता है. शहर में जहां हॉर्न और ट्रैफिक से सामना होता है, वहीं यहां आपकी नजर पेड़ों, घास के मैदानों और अचानक दिखाई देने वाले जानवरों पर रहती है. यानी अगर आप नेचर लवर हैं, तो काजीरंगा की सुबह या जंगल सफारी आपके ट्रिप की सबसे यादगार यादों में से एक बन सकती है.

जगन्नाथ मंदिर से कोणार्क का सफर

ओडिशा पहुंचकर पुरी जाना धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों नजरिए से खास अनुभव हो जाता है. जगन्नाथ मंदिर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है. मंदिर के अलावा इसके आसपास की रौनक भी देखने लायक होती है. पुरी के साथ कोणार्क सूर्य मंदिर को भी आप अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं. सूर्य मंदिर की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व इसकी खासियत हैं. पुरी आकर अठरनाला ब्रिज भी देखा जा सकता है. इसे 13वीं शताब्दी की भारतीय इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण माना जाता है. यानी एक ही ट्रिप में आपको आस्था, इतिहास और वास्तुकला, तीनों का स्वाद मिल सकता है.

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ना समझे एक शहर

पूर्वी भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि इसे किसी एक तरह की यात्रा में बांधा नहीं जा सकता. यहां रोमांटिक हिल स्टेशन भी हैं, आध्यात्मिक स्थल भी, जंगल भी और बड़े शहर की चमक-दमक भी है. ऐसे में अगर आपको पहाड़ पसंद हैं, तो दार्जिलिंग, गंगटोक, कलिम्पोंग और युक्सोम जैसे शानदार ऑप्शन हैं. वहीं, अगर आपको वाइल्डलाइफ ज्यादा पसंद है तो सुंदरबन और काजीरंगा आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं. फिर अगर आपको इतिहास और संस्कृति पसंद है तो, भुवनेश्वर, पुरी और कोलकाता आपके लिए बेहतर रहेंगे.

कैसे बनाएं प्लान?

पूर्वी भारत बहुत बड़ा और अलग तरह की जगह है. इसलिए हर जगह का मौसम एक जैसा नहीं होता. सामान्य तौर पर भारत में यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च के बीच का समय बढ़िया माना जाता है. हालांकि, किसी खास जगह का प्लान बनाने से पहले वहां के मौसम की जानकारी लेना बेहतर रहता है. अगर आपके पास कम दिन हैं तो, एक ही ट्रिप में सब कुछ देखने की कोशिश न करें. यानी दार्जिलिंग की कलिम्पोंग का अलग पहाड़ी ट्रिप बनाया जा सकता है. वहीं, कोलकाता के सुंदरबन या भुवनेश्वर, पुरी, कोणार्क को अलग ट्रिप में शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा सिक्किम और असम के लिए भी अलग से समय निकालना ज्यादा कंफर्टेबल रहेगा.

सबसे जरूरी बात

पूर्वी भारत को जल्दी-जल्दी टिक मार्क करने वाली जगहों की लिस्ट न बनाएं. यहां का असली मजा आराम से घूमने में है. किसी चाय बागान में बैठकर चाय पीजिए, पहाड़ों में सुबह की हवा महसूस कीजिए, कोलकाता में लोकल खाने का स्वाद चखिए या जंगल में कुछ देर बिल्कुल शांत रहकर आसपास की आवाजें सुनिए. क्योंकि पूर्वी भारत सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि अलग-अलग रंगों में जिंदगी को महसूस करने का मौका है. यहां हर मोड़ पर एक नया सीन, हर शहर में एक नई कहानी और हर सफर में एक नई याद आपका इंतजार करती है.

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