West Asia Tension: पश्चिम एशिया में एक बार फिर से तनाव बढ़ता हुआ दिख रहा है. यह तनाव होर्मुज से लेकर ईरान, कतर के अलावा इजरायल और लेबनान तक बढ़ चुका है. ताजा मामला ईरान के द्वारा कतर पर उसके पायलटों के बंधक बनाने का है, इसके अलावा लेबनान में इजरायली हमले में 11 लोगों की मौत का भी है.
जी हां, ईरान ने आरोप लगाया कि कतर ने उसके तीन पायलटों को बंदी बना रखा है जो मार्च से लापता हैं, जिसे कतर ने नकार दिया है. संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में उसके एक जहाज पर फिर से हमला करने का आरोप लगाया है. वहीं, ईरान समर्थित हूतियों ने यमन में लाल सागर के एक बंदरगाह पर फिर से हमला किया है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
कतर ने हमारे 3 पायलटों को बंधक बनाया- ईरान
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का कहना है कि कतर ने उसके 3 पायलटों को बंधक बना के रखा है. ईरान की आर्म्ड फोर्सेज जनरल स्टाफ की ‘मिसिंग पर्सन्स कमिटी’ ने कहा कि कतर की सेना ने उन तीन पायलटों को पकड़ा और हिरासत में रखा है, जो मार्च में अपने जेट्स के गिराए जाने के बाद लापता हो गए थे. हालांकि, कतर ने इससे इनकार किया है.
अब तक, तेहरान का कहना था कि उसे उनके हाल-चाल के बारे में कोई जानकारी नहीं है. युद्ध के दौरान यह पहला ऐसा मामला सामने आया है जिसमें ईरान ने कहा है कि किसी क्षेत्रीय देश ने उसके लड़ाकों को हिरासत में रखा है. कतर ने 2 मार्च को कहा था कि उसकी वायु सेना ने ईरान के दो बॉम्बर विमानों को मार गिराया था, जब युद्ध के शुरुआती दिनों में तेहरान ने उन देशों की आलोचना की थी जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद थे.
चौथा पायलट मारा गया था- ईरान
शनिवार के बयान में आरोप लगाया गया कि कतर ने पायलटों को अपने परिवारों या उनके मामलों को देख रहे ईरानी अधिकारियों से मिलने या बातचीत करने की इजाजत नहीं दी. ईरान ने इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस के प्रेसिडेंट से मदद मांगी. सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पत्र में कहा गया है कि एक चौथा पायलट “कतर में दुश्मन के सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने” के मिशन के दौरान मारा गया था.
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने बाद में इन दावों को खारिज कर दिया और ‘X’ पर बताया कि पायलटों के विमान मार गिराए गए थे और कतर की सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को उनमें से एक के अवशेष मिले थे. उन्होंने कहा कि अप्रैल में ईरान को इन कोशिशों के बारे में जानकारी लेने और दौरा करने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
लेबनान में इजरायली हमलों में 11 लोगों की मौत
वहीं, शनिवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि एक हमले में अंसार गांव के किनारे एक घर को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए. दूसरे हमले में, जो देर अल-जहरानी गांव पर हुआ, चार लोगों की मौत हो गई और 17 लोग घायल हो गए.
इजरायली सेना ने कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में एक मुख्यालय पर हिज्बुल्लाह बटालियन के कमांडर और कई अन्य चरमपंथियों को मार गिराया. यह कार्रवाई वहां तैनात इजरायली सैनिकों के खिलाफ समूह की गतिविधियों के जवाब में की गई थी. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने एक अलग बयान में कहा कि तीन सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं. सेना ने इसके लिए एक विस्फोटक ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया.
सेना ने कहा कि कमांडर का परिवार उसके साथ था, और “इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए कि परिवार के सदस्य हमले का निशाना नहीं थे.” सेना और नेतन्याहू के कार्यालय, दोनों ने आरोप लगाया कि कमांडर ने परिवार के सदस्यों का इस्तेमाल ‘ह्यूमन शील्ड’ (मानव ढाल) के तौर पर किया था.
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News Source: PTI
