Yemen Civil War: यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना और हूती विद्रोहियों के बीच जंग जारी है. गठबंधन सेना ने हूतियों के सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए हैं. वहीं, यमनी सरकार की सेना ने सोमवार को बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास हूतियों की महत्वपूर्ण चौकियों को भी निशाना बनाया. लड़ाई उस वक्त और तेज हो गई, जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हमला किया और लाल सागर में सऊदी जहाजों की आवाजाही को रोकने की कोशिश की. इसके बाद सऊदी समर्थित यमनी सरकार ने हूतियों के खिलाफ हवाई हमले तेज कर दिए. सोमवार को यमनी सरकारी सेना ने लाल सागर के तट पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया.
यह हमला उस वक्त हुआ, जब हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने यमन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया है. विद्रोहियों ने एक अहम शहर पर कब्जा कर सऊदी समर्थित सेनाओं को बड़ा झटका दिया है. इसके साथ ही वे इलाके की एक रणनीतिक प्रांतीय राजधानी की ओर बढ़ रहे हैं. इसी बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने कहा कि करीब 100 लड़ाकू विमान हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रही यमनी सरकारी सेनाओं को हवाई मदद दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि गठबंधन ने रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास हवाई सुरक्षा सुनिश्चित की है. साथ ही जारी सैन्य अभियान के दौरान हूतियों के सैकड़ों ठिकानों को नष्ट किया गया है.

4 साल की शांति के बाद गृह युद्ध छिड़ा
यमन के एक अहम शहर के हाथ से निकलने के बाद यह हवाई हमला किया गया है. हूती विद्रोहियों ने रविवार को तुरबाह शहर पर कब्जा कर लिया था. वहीं, कुछ समय पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने उनके खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की थी. सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव बढ़ने से यमन में चार साल की युद्ध-विराम के बाद गृह युद्ध फिर से शुरू हो गया है. तुरबाह शहर उस मुख्य सड़क पर स्थित है जो प्रांत की राजधानी ताइज को बंदरगाह शहर अदन से जोड़ती है. अदन यमन सरकार का अंतरिम मुख्यालय है. पिछले कुछ वर्षों में यह शहर हूतियों के खिलाफ ताइज की रक्षा करने वाली सरकारी सेनाओं के लिए एक अहम ठिकाना रहा है. इससे पहले हूतियों ने ताइज़ के बाहरी इलाकों में कई गांवों और क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था. इससे विद्रोहियों के लिए यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर, ताइज को चारों ओर से घेरने का रास्ता साफ हो गया. वहीं, सितंबर की शुरुआत में हूतियों ने लाल सागर के किनारे देश के पश्चिमी तट पर तेजी से आगे बढ़ते हुए रणनीतिक शहर मोखा और लाल सागर के कई द्वीपों पर कब्जा कर लिया. इन जीतों की वजह से वे बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के यमनी हिस्से पर नियंत्रण करने में कामयाब रहे और यह एक ऐसा समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का 12 प्रतिशत व्यापार गुजरता है.

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हूतियों का होना चाहिए पूरी तरह सफाया
सऊदी-समर्थित सरकार ने रविवार को कहा था कि वह सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में सैनिक तैनात कर रही है. सत्ताधारी प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने कहा कि इन ऑपरेशन्स का मकसद हूतियों के कब्जे वाले ‘इलाकों को वापस पाना’ है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी सरकार को समर्थन देने की अपील की. अल-अलीमी की घोषणा के कुछ घंटों बाद सऊदी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने यमनी सरकारी बलों को ऑपरेशनल समर्थन देने का वादा किया है. जब तक हूतियों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता है. अल-मल्की ने उन विद्रोहियों को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के सऊदी अरब के अधिकार पर भी जोर दिया, जो लगभग तीन महीने से चल रहे तनाव के दौरान देश पर लगातार मिसाइलें और ड्रोन दाग रहे थे. इस तनाव ने यमन के गृह युद्ध को फिर से भड़का दिया था. इसके अलावा हूती विद्रोहियों से लड़ने वाले सऊदी समर्थित गठबंधन के सहयोगी गुटों ने कहा कि उन्होंने तटीय इलाकों के पूर्वी हिस्से में विद्रोहियों के खिलाफ हमले शुरू किए हैं, जिन पर हूतियों ने हाल ही में कब्जा किया था. इसी बीच सऊदी-समर्थित सेना के प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नाज़िली ने कहा कि उन्होंने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के तट पर स्थित धुबाब शहर में हूती ठिकानों पर जबरदस्त हमला किया है. सरकार की सहयोगी ‘जायंट्स ब्रिगेड’ ने कहा कि उसने भी बाब अल-मंदेब इलाके में हूती मिलिशिया के खिलाफ एक निर्णायक सैन्य अभियान शुरू किया है.

अल-अलीमी ने सोमवार को X पर एक पोस्ट में कहा कि ‘यमन डॉन’ नाम का यह अभियान ‘सरकारी संस्थानों को बहाल करने, यमन यमन की विद्रोही-नियंत्रित राजधानी सना को आजाद कराने और हूती आतंकी मिलिशिया के तख्तापलट को खत्म करने’ का अभियान चलाया है. अल-नाजिली ने कहा कि सरकारी सेनाएं सना पर रणनीतिक हमला कर रही हैं. हूती मीडिया ऑफिस ने बताया कि सऊदी गठबंधन ने सना समेत उनके इलाकों में कई हवाई हमले किए.
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हूतियों ने लगाया था बमबारी करने का आरोप
यह तनाव जुलाई के मध्य में तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सऊदी अरब पर सना हवाई अड्डे पर बमबारी करने का आरोप लगाया था. उन्होंने यह भी कहा कि हमला इसलिए किया गया ताकि ईरान की एक अनधिकृत उड़ान को उतरने से रोका जा सके. विद्रोहियों ने इसके जवाब में सऊदी अरब और देश में मौजूद यमनी सरकारी सेनाओं पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए. उन्होंने लाल सागर में सऊदी जहाजों की आवाजाही रोकने की भी घोषणा की और सऊदी-संबद्ध कई जहाजों पर हमले किए. इसके बाद सितंबर में उन्होंने अपना अभियान तेज कर दिया और लाल सागर तट पर आगे बढ़ते हुए कई सालों बाद जमीन पर अपना सबसे बड़ा कब्जा किया. वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक ‘इंस्टिट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर’ के मुताबिक, विद्रोहियों द्वारा तुर्बाह पर कब्जा करने से ताइज प्रांत और प्रांतीय राजधानी ताइज में अग्रिम मोर्चे पर तैनात यमनी सरकार-समर्थित सेनाओं की मजबूती बढ़ाने और रसद (सप्लाई) पहुंचाने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. थिंक टैंक ने रविवार के एक विश्लेषण में लिखा कि सप्लाई में रुकावट डालने का सैन्य महत्व है, लेकिन तुरबाह के उत्तर में मौजूद इलाकों में आने-जाने वाले सभी रास्तों पर नियंत्रण करने से सरकारी बलों का शहर से पीछे हटना भी रुक जाता है.

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2014 में शुरू हुआ था गृहयुद्ध
बता दें कि यमन में गृहयुद्ध 2014 में तब शुरू हुआ था जब हूती विद्रोहियों ने अपने उत्तरी गढ़ से नीचे उतरकर ‘सना’ पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद सरकार सऊदी अरब में निर्वासित होने के लिए मजबूर हो गई. इस युद्ध ने दुनिया की सबसे खराब मानवीय आपदाओं में से एक को जन्म दिया और इसमें 1,50,000 से ज्यादा लोग मारे गए. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, हिंसा के ताजा दौर में कम से कम 959 लोग मारे गए हैं और 4,200 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के अनुसार, हिंसा बढ़ने के कारण 1,45,000 से ज्यादा लोगों को यमन के भीतर ही अपने घर छोड़ने पड़े. एजेंसी ने बताया कि 3,000 से ज्यादा लोग समुद्र के रास्ते जिबूती भाग गए. पिछले हफ्ते यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा कर्मचारियों पर संघर्ष के असर के बारे में चेतावनी दी है. मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि प्रांत के तटीय, पश्चिमी और दक्षिणी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं बंद हो गई हैं.
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