Home लाइफस्टाइल हिमालयी गांवों का देसी Breakfast! जानें पहाड़ों के लोग सुबह क्या खाते हैं और क्यों रहते हैं एनर्जेटिक

हिमालयी गांवों का देसी Breakfast! जानें पहाड़ों के लोग सुबह क्या खाते हैं और क्यों रहते हैं एनर्जेटिक

by Preeti Pal 16 June 2026, 1:09 PM IST
16 June 2026, 1:09 PM IST
हिमालयी गांवों का देसी Breakfast! जानें पहाड़ों के लोग सुबह क्या खाते हैं और क्यों रहते हैं दिन भर एनर्जेटिक

Himalayan Villagers Breakfast: जब हम नाश्ते की बात करते हैं तो अक्सर हमारे दिमाग में टोस्ट, कॉर्नफ्लेक्स, सैंडविच या पराठों की इमेज ही आती है. लेकिन हिमालयी इलाकों के गांवों में सुबह की शुरुआत कुछ अलग ही अंदाज में होती है. यहां नाश्ता सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि ठंड, हाइट और मुश्किल लाइफस्टाइल से मुकाबला करने की तैयारी भी होता है. नेपाल, तिब्बत, सिक्किम, दार्जिलिंग और हिमालय से जुड़े बाकी इलाको में सुबह का खाना मौसम और जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाता है. यहां खाने की प्लेट में फैशन नहीं, बल्कि पोषण और एनर्जी सबसे ज्यादा मायने रखते हैं. ऐसे में आज आपके लिए वो 6 खाने-पीने की चीजों की लिस्ट लेकर आए हैं, जिनके साथ पहाड़ी लोग अपना दिन शुरू करते हैं.

मक्खन वाली चाय

हिमालयी नाश्ते की बात हो और बटर टी का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. तिब्बती बटर टी, इसे पो-चा या गुर-गुर चा भी कहा जाता है. ये खास चाय, मक्खन और नमक से तैयार की जाती है. ये नॉर्मल चाय से काफी अलग होती है. इसका गाढ़ा और सूप जैसा स्वाद बॉडी को तुरंत गर्माहट देता है. ऊंचे और ठंडे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए ये सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि दिनभर की एनर्जी का सोर्स है. अक्सर इसे रोटी या त्साम्पा के साथ परोसा जाता है.

सेल रोटी

नेपाल और नेपाली कम्युनिटी में सेल रोटी काफी पॉपुलर है. चावल के आटे से बनी ये गोल शेप की रोटी बाहर से कुरकुरी और अंदर से सॉफ्ट होती है. खास बात ये है कि इसे तलने से पहले नेचुरल तरीके से फर्मेंट किया जाता है. फर्मेंटेशन से इसका स्वाद और भी बढ़िया हो जाता है. त्योहारों और खास मौकों पर ये नाश्ते की शान होती है. इसे चाय, आलू की सब्जी या अचार के साथ खाया जाता है.

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थुकपा

थुकपा को आमतौर पर नूडल सूप की तरह होता है. लेकिन हिमालयी इलाकों में ये सुबह के नाश्ते का भी अहम हिस्सा है. सब्जियों, नूडल्स और कभी-कभी मांस से तैयार ये सूप बॉडी को अंदर तक गर्म कर देता है. पहाड़ों में सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले लोगों के लिए ये एक हैवी और हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन माना जाता है.

गुंद्रुक

गुंद्रुक नेपाल के सबसे अनोखी और ट्रेडिशनल डिशेस में से एक है. इसे सरसों या मूली के पत्तों को फर्मेंट करके और सुखाकर तैयार किया जाता है. सर्दियों में ये खास तौर पर खाया जाता है. नाश्ते में इसे सूप, साइड डिश या बाकी खाने के साथ परोसा जाता है. इसका हल्का खट्टापन हैवी फूड को बैलेंस करता है और स्वाद को भी बढ़ाता है.

ढिंडो

ढिंडो हिमालयी गांवों के सबसे पॉपुलर नाश्तों में से एक है. इसे कुट्टू, मक्का या बाजरे के आटे को उबलते पानी में पकाकर बनाया जाता है. ये दिखने में सिंपल हो सकता है, लेकिन पोषण के मामले में काफी हैवी है. खेतों में काम करने वाले किसान अक्सर दिन की शुरुआत ढिंडो से करते हैं क्योंकि ये लंबे टाइम तक बॉडी को एनर्जी देता है. इसे दाल, अचार, सब्जी, गुंद्रुक या लोकल चीज़ के साथ खाया जाता है.

छुर्पी और देसी ब्रेड

हिमालयी नाश्ते में छुर्पी नाम का ट्रेडिशनल चीज़ भी खूब पसंद किया जाता है. याक या गाय के दूध से बनने वाला ये चीज़ प्रोटीन से भरा होता है. इसके साथ तिब्बती ब्रेड या तली हुई रोटियां भी परोसी जाती हैं, जो लंबे टाइम तक पेट भरा रखती हैं.

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