Home पर्यटन भारत में बाघों को जंगल में देखना चाहते हैं? इन 6 Tiger Reserve का सफर आपकी ट्रिप बना देगा यादगार

भारत में बाघों को जंगल में देखना चाहते हैं? इन 6 Tiger Reserve का सफर आपकी ट्रिप बना देगा यादगार

by Preeti Pal 30 July 2026, 6:53 PM IST
30 July 2026, 6:53 PM IST
भारत में बाघों को जंगल में देखना चाहते हैं? इन 6 Tiger Reserve का सफर आपकी ट्रिप बना देगा यादगार

Tiger Reserve in India: अगर आप उन लोगों में हैं जिन्हें जंगल, वन्यजीव और एडवेंचर पसंद है, तो जिंदगी में एक बार रॉयल बंगाल टाइगर को उसके घर में देखने का अनुभव जरूर लेना चाहिए. वैसे, भारत इस मामले में दुनिया के सबसे खास देशों में गिना जाता है. यहां दुनिया के करीब 75 प्रतिशत जंगली बाघ पाए जाते हैं. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के अनुसार, भारत में इस समय 3,682 बाघ मौजूद हैं. यही वजह है कि देश के कई टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क दुनियाभर के वाइल्डलाइफ प्रेमियों को अपनी तरफ खींचते हैं. अगर आप भी अपनी अगली ट्रिप को शानदार बनाना चाहते हैं, तो इन 12 टाइगर रिजर्व को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें.

कान्हा नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश

जब भी भारत के बेहतरीन जंगलों की बात होती है, कान्हा नेशनल पार्क का नाम सबसे पहले आता है. हरे-भरे साल के जंगल, खुले घास के मैदान और बांस के घने झुरमुट इस पार्क की पहचान हैं. कहा जाता है कि मशहूर लेखक रुडयार्ड किपलिंग की किताब द जंगल बुक को लिखने की प्रेरणा भी यहीं से मिली थी. ये पार्क सिर्फ बाघों के लिए ही नहीं, बल्कि दुर्लभ बारहसिंगा के संरक्षण के लिए भी जाना जाता है. यहां तेंदुआ, गौर, जंगली कुत्ते, स्लॉथ भालू, सांभर और चीतल जैसे कई जानवर आसानी से देखे जा सकते हैं. यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा समय, अक्टूबर से जून के बीच का रहता है. मार्च से जून के बीच बाघों के दिखने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है. इस बीच वो पानी के आसपास नजर आते हैं.

पेंच टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित पेंच टाइगर रिजर्व अपनी खूबसूरत नदी, सागौन के जंगलों और पहाड़ियों के लिए मशहूर है. यहां की खुली वनस्पति की वजह से बाघों को देखना आसान रहता है. यहां बाघों के अलावा तेंदुआ, लकड़बग्घा, जंगली कुत्ते, गौर, नीलगाय और सांभर भी पाए जाते हैं. अगर आप यहां जाना चाहते हैं तो नवंबर से जून का समय सबसे बढ़िया है. मध्य प्रदेश का तुरिया गेट और महाराष्ट्र का सिलारी गेट सबसे लोकप्रिय एंट्री पॉइंट हैं. महाराष्ट्र की तरफ से बफर जोन में नाइट सफारी का भी मजा लिया जा सकता है.

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नागजीरा टाइगर रिजर्व, महाराष्ट्र

अगर आप भीड़भाड़ से दूर शांत जंगल का अनुभव चाहते हैं, तो नवेगांव-नागजीरा आपके लिए शानदार जगह है. ये रिजर्व पेंच, कान्हा और ताडोबा जैसे बड़े जंगलों को जोड़ता है. घने जंगल, पहाड़ियां और खूबसूरत नागजीरा झील इस जगह को खास बनाते हैं. यहां बाघ, तेंदुआ, स्लॉथ भालू, जंगल कैट और 160 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलती हैं. अक्टूबर से मई का समय यहां आने के लिए सबसे बेस्ट है. वैसे, यहां टूरिस्टों की भीड़ कम रहती है, इसलिए आराम से जंगल का आनंद लिया जा सकता है.

मेलघाट टाइगर रिजर्व, महाराष्ट्र

सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला में बसा मेलघाट भारत के सबसे पुराने टाइगर रिजर्व में से एक है. इसे 1973 में शुरू हुए प्रोजेक्ट टाइगर के तहत शामिल किया गया था. यहां की गहरी घाटियां, ऊंची चट्टानें और घने सागौन के जंगल इसे बहुत ही खास जगह बनाते हैं. बाघों के अलावा यहां तेंदुआ, जंगली सूअर, गौर, चीतल, सांभर और दुर्लभ फॉरेस्ट आउलेट भी देखने को मिलता है. यहां आने के लिए दिसंबर से मई का समय सबसे ज्यादा बेहतर रहता है. सेमाडोह यहां का सबसे फेमस टूरिस्ट बेस है. यहां सफारी के साथ ट्रैकिंग का भी मज़ा लिया जा सकता है.

काली टाइगर रिजर्व, कर्नाटक

अगर आप घने वर्षावनों के बीच सफारी का अनुभव लेना चाहते हैं, तो कर्नाटक का काली टाइगर रिजर्व बेहतरीन ऑप्शन है. पहले इसे डांडेली-अंशी टाइगर रिजर्व के नाम से जाना जाता था. काली नदी के किनारे बसे इस रिजर्व में बाघों के अलावा दुर्लभ ब्लैक पैंथर, एशियाई हाथी, किंग कोबरा और हॉर्नबिल पक्षियों की कई प्रजातियां भी देखने को मिलती हैं. यहां आने के लिए अक्टूबर से जुलाई तक का टाइम अच्छा रहता है. यहां आकर लोग जंगल सफारी के साथ कोराकल राइड और काली नदी में रिवर राफ्टिंग का मजा भी खूब लेते हैं.

बांदीपुर टाइगर रिजर्व, कर्नाटक

मैसूर और ऊटी हाईवे पर बसा बांदीपुर टाइगर रिजर्व नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है. ये भारत के सबसे लोकप्रिय वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन में शामिल है. यहां बाघों के अलावा एशियाई हाथी, गौर, तेंदुआ, मगरमच्छ, चीतल और सांभर बड़ी संख्या में पाए जाते हैं. सूखे जंगल होने की वजह से यहां वन्यजीवों को देखना थोड़ा ज्यादा आसान होता है.

अनामलाई टाइगर रिजर्व, तमिलनाडु

तमिलनाडु के वेस्टर्न घाट में अनामलाई टाइगर रिजर्व अपनी प्राकृतिक सुंदरता और रेयर जानवरों के लिए मशहूर है. पहले इसे इंदिरा गांधी वन्यजीव अभयारण्य के नाम से जाना जाता था. यहां घने जंगलों से लेकर ऊंचे शोलाग्रास के मैदान तक अलग-अलग तरह के प्राकृतिक नज़ारे देखने को मिलते हैं. यहां रॉयल बंगाल टाइगर के अलावा एशियाई हाथी, नीलगिरि तहर, लायन-टेल्ड मकाक, नीलगिरि लंगूर, तेंदुआ, जंगली कुत्ते और ग्रेट पाइड हॉर्नबिल जैसे रेयर जानवर भी पाए जाते हैं. टॉपस्लिप और सेथुमदई यहां के प्रमुख एंट्री पॉइंट हैं. रिजर्व के अंदर प्लास्टिक पूरी तरह बैन है, इसलिए अपने साथ री-यूजेबल पानी की बोतल जरूर रखें.

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मुदुमलाई टाइगर रिजर्व, तमिलनाडु

मुदुमलाई टाइगर रिजर्व तमिलनाडु में नीलगिरि पहाड़ियों के बीच है. ये कर्नाटक और केरल के बॉर्डर पर फैला हुआ है. यहां का बदलता नेचुरल लैंडस्केप इसे बहुत खास बनाता है. कहीं सूखे जंगल हैं तो कहीं हरे-भरे नम वन, जो वन्यजीवों के रहने के लिए परफेक्ट जगह है. यहां बाघ, एशियाई हाथी, तेंदुआ, गौर, धारीदार लकड़बग्घा, स्लॉथ भालू और दुर्लभ गिद्धों की प्रजातियां भी देखी जा सकती हैं. यहां घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का टाइम सबसे अच्छा है. हालांकि, अप्रैल और मई में मोयार नदी के आसपास जानवरों को देखना ज्यादा आसान हो जाता है. थेप्पाकाडु रिसेप्शन सेंटर से सरकारी सफारी बस और जीप सफारी शुरू होती है. अगर आप यहां जा रहे हैं तो, एलिफेंट कैंप भी जरूर देखें.

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, राजस्थान

राजस्थान के कोटा के पास मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व है. ये अरावली और विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा है. पहले इसे दर्रा वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी के नाम से जाना जाता था. यहां के सूखे जंगल, चंबल नदी की घाटियां और ऐतिहासिक किले इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं. यहां बाघों के अलावा तेंदुआ, स्लॉथ भालू, चिंकारा, नीलगाय, लकड़बग्घा, घड़ियाल और मगरमच्छ भी देखने को मिलते हैं. यहां घूमने से पहले वन विभाग की वेबसाइट पर सफारी रूट की जानकारी जरूर लें. इसके अलावा चंबल नदी में बोट सफारी का अनुभव भी बहुत शानदार होता है.

सरिस्का नेशनल पार्क, राजस्थान

दिल्ली और जयपुर के करीब सरिस्का टाइगर रिजर्व भी है. ये वीकेंड ट्रिप के लिए शानदार ऑप्शन है. ये दुनिया का पहला ऐसा टाइगर रिजर्व माना जाता है, जहां बाघों को दोबारा बसाया गया. अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे इस पार्क में रॉयल बंगाल टाइगर के अलावा तेंदुआ, कैराकल, जंगल कैट, गोल्डन जैकल, नीलगाय, सांभर और चीतल भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं. मंगलवार और शनिवार को पार्क के अंदर पांडुपोल हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है. अगर शांत सफारी चाहते हैं तो बाकी दिन जाना ज्यादा बेहतर रहेगा.

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बांधवगढ़ नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश

अगर भारत में सबसे ज्यादा बाघ देखने की संभावना वाले जंगलों की बात हो तो बांधवगढ़ नेशनल पार्क का नाम जरूर आता है. कभी ये रीवा राजघराने का शिकारगाह हुआ करता था, लेकिन आज ये देश के सबसे लोकप्रिय टाइगर रिजर्व में गिना जाता है. घने साल के जंगल, बांस के झुरमुट, खुले घास के मैदान और पहाड़ी पर बसा पुराना किला इसकी खूबसूरती को और ज्यादा बढ़ाते हैं. यहां बाघों के अलावा तेंदुआ, स्लॉथ भालू, जंगली सूअर, हाथी, चीतल और सांभर भी आसानी से देखे जा सकते हैं. यहां घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च के बीच का समय सबसे बढ़िया है. यहां सफारी की मांग काफी ज्यादा रहती है, इसलिए कम से कम एक महीने पहले ऑनलाइन बुकिंग जरूर करा लें.

पन्ना नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश

पन्ना नेशनल पार्क भारत के सबसे प्रेरणादायक वन्यजीव संरक्षण की कहानियों में से एक है. साल 2009 में यहां से बाघ लगभग खत्म हो गए थे, लेकिन सफल पुनर्वास अभियान के बाद आज ये फिर से बाघों की सुरक्षित शरणस्थली बन चुका है. यही वजह है कि इसे यूनेस्को बायोस्फीयर रिजर्व का दर्जा भी मिला है. यहां केन नदी, गहरी घाटियां, झरने और हरे-भरे जंगल इस पार्क को बेहद खूबसूरत बनाते हैं. इस जंगल में बाघों के अलावा तेंदुआ, स्लॉथ भालू, चिंकारा, नीलगाय, धारीदार लकड़बग्घा और कई दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां भी मिलती हैं. अक्टूबर से मार्च का समय यहां घूमने के लिए बेस्ट है. अगर आप खजुराहो घूमने जा रहे हैं, तो पन्ना नेशनल पार्क को भी अपनी यात्रा में शामिल करें. केन नदी में बोट राइड का अनुभव आपकी ट्रिप को और यादगार बना देगा.

इन बातों का रखें ध्यान

टाइगर सफारी का मजा तभी आता है, जब आप जंगल के नियमों का पालन करें. हमेशा गाइड के साथ ही सफारी करें. इसके अलावा जानवरों को परेशान न करें और जंगल में शोर-शराबा करने से बचें. हल्के रंग के कपड़े पहनें, दूरबीन और कैमरा साथ रखें और प्लास्टिक का इस्तेमाल बिल्कुल न करें. अगर आप प्रकृति के करीब कुछ यादगार पल बिताना चाहते हैं, तो भारत के ये टाइगर रिजर्व आपको सुकून और वन्यजीवों की अनोखी दुनिया का ऐसा अनुभव देंगे, जिसे आप जिंदगी भर याद रखेंगे. यानी अगर आपकी ट्रैवल लिस्ट में कभी बाघ को उसके असली घर में देखने का सपना रहा है, तो भारत के ये टाइगर रिजर्व आपको जरूर देखने चाहिएं.

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