India Defence Production: दुनिया में कई मोर्चों पर युद्ध और संघर्ष जारी है. इनमें पश्चिम एशिया का तनाव भी शामिल रहा, जो बीते 28 फरवरी से फैला हुआ था. इसके अलावा इजरायल का गाजा, लेबनान आदि के साथ संघर्ष, बीते करीब साढ़े चार साल से रूस-यूक्रेन का संघर्ष. इन सभी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है.
जी हां, ग्लोबल उथल-पुथल के बीच भारत को आत्मनिर्भरता का साथ मिला है. पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में डिफेंस प्रोडक्शन में रिकॉर्ड 15.6 फीसदी की बढ़त हासिल की है. भारत में बड़ी मात्रा में हथियार बनाए जा रहे हैं. रिपोर्ट बताती हैं कि इन दिनों में भारत का निर्यात भी बढ़ा है. आइए अब देखते हैं रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट.
2020-21 के मुकाबले 110% की बढ़ोतरी
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, बुधवार को रक्षा मंत्रालय ने देश में डिफेंस प्रोडक्शन को लेकर आंकड़ों की जानकारी दी. इसके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन अब तक के हाई और रिकॉर्ड स्तर 1.78 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.
जानकारी के अनुसार, इस उपलब्धि से पिछले वित्तीय वर्ष के 1.54 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन की तुलना में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इतना ही नहीं, इसने वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले 110 प्रतिशत की आश्चर्यजनक वृद्धि दर्ज कराई है. बता दें कि वित्त वर्ष 2020-21 में भारत का डिफेंस प्रोडक्शन का आंकड़ा 84,643 करोड़ रुपये का था.
2014-15 में मात्र 46,429 करोड़ था डिफेंस प्रोडक्शन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केंद्र की मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में रक्षा प्रोडक्शन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखी गई है. वित्त वर्ष 2014-15 में देश का डिफेंस प्रोडक्शन (रक्षा उत्पादन) मात्र 46,429 करोड़ रुपये का था. यह दस वर्ष बाद यानी कि वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1.54 लाख करोड़ रुपये का हो गया. 2014-15 की तुलना में वित्त वर्ष 2023-24 में देश का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड 1,27,434 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जो करीब 174 फीसदी की बढ़ोतरी को दिखाता है.
रक्षा उत्पादन निरंतर गति प्राप्त करने को तैयार- राजनाथ सिंह
देश के रक्षा उत्पादन में इस बढ़त पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत के रक्षा उत्पादन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि रक्षा उत्पादन विभाग और अन्य सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. उन्होंने कहा, “यह ऊपर की ओर बढ़ता रुझान देश के विस्तारित रक्षा औद्योगिक आधार का स्पष्ट संकेत है.” राजनाथ सिंह ने कहा, “निरंतर नीतिगत समर्थन, कई नई पहलों, निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी और बढ़ती निर्यात क्षमताओं के साथ, रक्षा उत्पादन क्षेत्र आने वाले वर्षों में निरंतर गति प्राप्त करने के लिए तैयार है.”
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News Source: PTI
