Independence Day 2026: भारत इस साल अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. प्रधानमंत्री मोदी लाल किले से तिरंगा फहराएंगे और जनता को संबोधित करेंगे. सुरक्षा व्यवस्था से लेकर नृत्य-संगीत तक, सभी की तैयारियां कई दिनों पहले से हो रही हैं. हर साल स्वतंत्रता दिवक के कार्यक्रम की थीम अलग होती हैं. इस साल भी आजादी के जश्न में कई खास चीजें होने वाली हैं.
पहली बार लाल किले से “वंदे मातरम” गूंजेगा, जो स्वतंत्रता दिवस समारोह की देशभक्ति की भावना को और गहरा करेगा. इस साल स्वतंत्रता दिवस की थीम युवाओं पर केंद्रित है. स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में देश की नई पीढ़ी की ऊर्जा, टैलेंट और भागीदारी को हाईलाइट किया जाएगा. प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे, जिसमें वे आजादी की लड़ाई से लेकर एक विकसित भारत के सपने तक, हर विषय पर बात करेंगे. इसलिए इस साल का स्वतंत्रता दिवस न सिर्फ एक राष्ट्रीय त्योहार होगा, बल्कि युवा भारत की नई उम्मीदों और संकल्प का भी जश्न होगा.
सैन्य बैंड की प्रस्तुतियां
आजादी की लड़ाई के दौरान पीढ़ियों को एकजुट करने और प्रेरित करने वाले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को सम्मान देने के लिए देश के 343 प्रमुख स्थानों पर सैन्य बैंड की प्रस्तुतियां की जाएंगी. सेना, नौसेना, वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल, एनसीसी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), एकीकृत रक्षा स्टाफ (आईडीएस), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और असम राइफल्स के बैंड की प्रस्तुतियां 15 अगस्त, 2026 तक जारी रहेंगी. नागरिकों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन बैंड प्रस्तुतियों के आयोजन स्थलों पर आम जनता के लिए प्रवेश खुला रखा गया है.

विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति
स्वतंत्रता दिवस 2026 की ऑफिशियल थीम “विकसित भारत @2047 के लिए युवा शक्ति” और “वंदे मातरम के 150 साल” है. 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा. इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स ओलंपियाड-2026 में पदक जीतने वाले 19 छात्रों की उपलब्धियां विज्ञान के क्षेत्र में युवा शक्ति की सफलता का उदाहरण हैं. इन छात्रों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में आमंत्रित किया गया है और उन्हें लाल किले की प्राचीर पर बैठाया जाएगा.
वंदे मातरम् के 150 वर्ष
फूलों की सजावट में ‘वंदे मातरम्’ की झलक दिखाई देगी. इसके तहत एनसीसी के 2,500 लड़के-लड़कियां कैडेट्स और ‘मेरा भारत’ (माई भारत) के स्वयंसेवक मिलकर लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे. भारतीय वायु सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक बैनर लेकर उड़ान भरेगा और लाल किले पर मौजूद लोगों पर पुष्पवर्षा करेगा.

साइंस और स्पेस में हुई तरक्की दिखाई जाएगी
वेन्यू के बैकग्राउंड में लगाए गए कट-आउट न्यूक्लियर और स्पेस टेक्नोलॉजी के फील्ड में भारत की तरक्की को दिखाएंगे. ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ एरिया में फूलों की सजावट 2047 में एक डेवलप्ड इंडिया की ओर देश के सफर को दिखाएगी.
5,000 स्पेशल गेस्ट को बुलाया गया
इंडिपेंडेंस डे सेलिब्रेशन के लिए लगभग 5,000 स्पेशल गेस्ट को बुलाया गया है. इनमें नेशनल इनोवेशन प्रोग्राम के यंग इनोवेटर, प्राइम मिनिस्टर इंटर्नशिप स्कीम के बेहतरीन ट्रेनी, अलग-अलग सरकारी स्कीम से समर्थित बेहतरीन स्टार्टअप, प्राइम मिनिस्टर स्किल डेवलपमेंट स्कीम के तहत ट्रेंड युवा, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड से जुड़े स्टार्टअप और बेहतरीन ‘माई गव’ वॉलंटियर शामिल हैं.
स्पेशल गेस्ट लिस्ट में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की महिला एंटरप्रेन्योर, प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन के बेहतरीन लाभार्थियों, अलग-अलग फील्ड के इनोवेटर और साइंटिस्ट, भारत टैक्सी सारथी, दिल्ली में कैब ड्राइवर और टैक्सी ड्राइवर, प्रधानमंत्री सूर्य घर फ्री बिजली स्कीम के लाभार्थियों और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के कारीगर शामिल हैं. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के तहत बहुत अच्छा काम करने वाले लाभार्थियों को भी बुलाया गया है.
“साइलेंट वॉरियर्स” को भी मिलेगी खास पहचान
समाज और देश के कामकाज को तेज करने के लिए पर्दे के पीछे काम करने वालों को भी सेरेमनी में स्पेशल गेस्ट के तौर पर बुलाया गया है. इनमें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी सफाई कर्मचारी, दिल्ली मेट्रो, कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा के बेहतरीन कर्मचारी, और दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग अटेंडेंट और दूसरे स्टाफ शामिल हैं.
ट्रेडिशनल कपड़ों में दिखेंगे भारत के अलग-अलग रंग
दिल्ली में रहने वाले अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,500 से ज्यादा लोगों को सांस्कृतिक कपड़ों में इस कपड़ों को देखने के लिए बुलाया गया है. उनकी मौजूदगी लाल किले पर भारत की अलग-अलग तरह की सांस्कृतिक विरासत को दिखाएगी.

प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों की भागीदारी
रक्षा मंत्रालय ने MyGov के साथ मिलकर स्वतंत्रता दिवस से पहले कई क्विज और प्रतियोगिताएं की हैं. इनमें “2047 तक एक विकसित भारत बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” टॉपिक पर एक निबंध कॉम्पिटिशन, “भारत 1947 बनाम भारत 2047” थीम पर एक पेंटिंग कॉम्पिटिशन और ऑनलाइन क्विज कॉम्पिटिशन की एक सीरीज शामिल थी. इन ऑनलाइन क्विज कॉम्पिटिशन के टॉपिक में “भारत का संविधान- मौलिक अधिकार, कर्तव्य, मुख्य लेख और संविधान बनाने वाले,” “भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाएं- रानी लक्ष्मीबाई से सरोजिनी नायडू और उसके बाद,” “आधुनिक भारत के बड़े पड़ाव- स्पेस टेक्नोलॉजी में टेक्नोलॉजिकल तरक्की और उपलब्धियां” और “न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में भारत की सफलता की कहानी” शामिल थे. इन प्रतियोगिताओं के लगभग 600 विजेता स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी हिस्सा लेंगे.
दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस के अलग-अलग मंत्रालय और डिपार्टमेंट भी लोगों को इस राष्ट्रीय त्योहार में शामिल करने के लिए कई तरह के ऑनलाइन और ऑफलाइन क्विज कॉम्पिटिशन और एक्टिविटीज ऑर्गनाइज कर रहे हैं. इसका मकसद इस राष्ट्रीय त्योहार को ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी से जोड़ना है.
200 स्वंयसेवक करेंगे पुलिस की मदद
लगभग 200 स्वंयसेवक पुलिस वालों के साथ मिलकर अतिथियों को उनकी तय जगह तक पहुंचाने में मदद करेंगे. इनमें 100 “माई इंडिया” और 100 NCC कैडेट्स शामिल होंगे. उन्हें लाल किले की ओर जाने वाले रास्ते पर आसानी से पहचाना जा सकेगा.
समारोह के बाद चलाया जाएगा सफाई अभियान
समारोह के बाद, NCC कैडेट्स और “माई इंडिया” वॉलंटियर्स की मदद से लाल किले पर सफाई ड्राइव चलाई जाएगी. विजिटर्स के जाने के तुरंत बाद कार्यक्रम स्थल से कचरा हटाने का काम किया जाएगा. इसका मकसद “क्लीन इंडिया” का मैसेज देना और टूरिस्ट्स और आम लोगों के लिए लाल किले को साफ रखना है.
झीलों के नाम पर रखा जाएगा प्रांगण का नाम
2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान बैठने के लिए बनाए गए प्रांगणों का नाम भारत की बड़ी झीलों के नाम पर रखा गया है. यह पहल पिछले गणतंत्र दिवस समारोहों के दौरान नदियों के नाम पर प्रांगण का नाम रखने की परंपरा को जारी रखती है. यह VIP कल्चर से दूरी बनाने और पानी बचाने के महत्व का संदेश भी देता है.
सुरक्षा व्यवस्था सख्त
स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सुरक्षा एजेंसियां भीड़भाड़ वाले बाजीरों, दिल्ली मेट्रो, बस टर्मिनलों, रेलवे स्टेशनों और दूसरे ट्रांसपोर्ट हब, सरकारी इमारतों और संवेदनशील जगहों जैसी खास जगहों पर निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई हैं. लाल किला को कई लेयर वाली सुरक्षा में रखा गया है. 15 अगस्त के कार्यक्रम के लिए लगभग 15,000-20,000 दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों को तैनात किया गया है, जिसमें VIP और VVIP समेत बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना है.
1000 कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर
लाल किला और उसके आस-पास के इलाकों में लगभग 1,000 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम वाले कैमरे भी शामिल हैं. स्मारक के अंदर एक हाई-टेक CCTV कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां पुलिस के जवान और टेक्निकल टीमें तीन किलोमीटर से ज़्यादा के दायरे में हर मूवमेंट पर नजर रखेंगी. इंटेलिजेंस इनपुट्स को देखते हुए सिक्योरिटी इंतजाम भी मजबूत किए गए हैं, पुलिस नेशनल कैपिटल और उसके आस-पास संदिग्ध एक्टिविटीज और मूवमेंट्स पर कड़ी नजर रख रही है.
बेहतर सिक्योरिटी ग्रिड के हिस्से के तौर पर, दिल्ली पुलिस भीड़-भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध और वॉन्टेड लोगों की पहचान करने के लिए टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है. अभिज्ञान एप्लीकेशन, जिसमें एक करोड़ से ज़्यादा क्रिमिनल्स का डेटाबेस है, का इस्तेमाल पुलिस वाले हाथ में डिवाइस लेकर रैंडमली फिंगरप्रिंट स्क्रीन करने के लिए कर रहे हैं. फिंगरप्रिंट्स को कुछ ही सेकंड में डेटाबेस से चेक किया जाता है. एक रेड इंडिकेशन पुलिस वालों को अलर्ट करता है कि उस व्यक्ति का क्रिमिनल रिकॉर्ड है, जबकि एक ग्रीन इंडिकेशन बताता है कि कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है.
हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से लैस फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) वैन भी खास जगहों पर तैनात की गई हैं. वैन भीड़ में चेहरों को स्कैन करती हैं और उन्हें मौजूद डेटाबेस से मैच करती हैं. अगर कोई वॉन्टेड या संदिग्ध व्यक्ति मिलता है, तो एक अलर्ट जेनरेट होता है और वेरिफिकेशन और जरूरी एक्शन के लिए कंट्रोल रूम को भेजा जाता है. ऊंचे प्लेटफॉर्म्स सहित खास जगहों पर स्नाइपर्स भी तैनात किए गए हैं. पूरी सुरक्षा व्यवस्था के तहत लाल किले के आस-पास कई किलोमीटर तक निगरानी के लिए सर्विलांस नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. पुलिस ने किसी भी सुरक्षा में सेंध को रोकने के लिए स्मारक के आस-पास पतंग और ड्रोन उड़ाने पर भी रोक लगा दी है.
