SIR Row: वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्ष का विरोध जारी है. इसी कड़ी में INDIA ब्लॉक के सांसद शुक्रवार को संसद के सेंट्रल हॉल में एकजुट हुए. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की तैयारी की. राष्ट्रपति भवन की ओर से सांसदों को शुक्रवार रात 8 बजे मिलने का समय दिया गया था. विपक्षी सांसद राष्ट्रपति से मिलने के लिए रवाना हुए. इस दौरान वे संसद परिसर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लेकर पहुंचे. वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि अब ज्ञानेश कुमार से भी बड़ी समस्या है और इस सरकार को हटाना जरूरी है.
मैं गारंटी देता हूं ये सरकार गिर जाएगी
राहुल गांधी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि CEC सिर्फ एक सर्विस प्रोवाइडर है और उसमें इतनी हिम्मत है कि वह कहता है कि वह जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों से नहीं मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के विरोध ने इस सरकार की नींव हिला दी है. अब यह सरकार डरी हुई है. साथ ही अगर हम पिछले 3-4 दिनों की तरह ही दबाव बनाते रहे, तो मैं गारंटी देता हूं कि यह सरकार गिर जाएगी.
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लोकतंत्र को मजबूत करने में लगे
इसी बीच कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि सभी देशभक्त देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में लगे हैं. चाहे वे किसी राजनीतिक दल के सदस्य हों या न हों. मैं उन सभी देश भक्तों को सलाम करता हूं जो सड़कों पर उतरे हैं. वहीं, RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि मांग वही है जो पूरे देश की है. बेईमानी के पूरे ढांचे को खत्म करना और ज्ञानेश कुमार एक ढाल की तरह खड़े हैं.
इसके अलावा पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और INDIA गठबंधन की TMC सांसद संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर रहे हैं. विपक्षी सांसद भारत के चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने जा रहे हैं.
शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि सदस्य ज्ञापन सौंपने के लिए अंदर जा रहे हैं. शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा. हमारा आंदोलन चलता रहेगा. जब तक हम अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर लेते, तब तक यह नहीं रुकेगा. लक्ष्य है – ज्ञानेश का इस्तीफा, SIR का सस्पेंशन, वोटर लिस्ट में 13.8 करोड़ लोगों के नाम वापस जोड़ना और बैलेट पेपर से चुनाव करवाना. इसके अलावा, संसद में पास हुआ वह प्रावधान भी रद्द किया जाना चाहिए जिसके तहत ज्ञानेश को आजीवन छूट दी गई है.
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News Source: ANI
