West Bengal: पश्चिम बंगाल के विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नंदीग्राम और रेजीनगर, दोनों सीटों पर जीत दर्ज की है. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा नंदीग्राम सीट की हो रही है, जहां बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया. यह नंदीग्राम विधानसभा सीट के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत है. यह सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. दरअसल, 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और कोलकाता की भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने और नंदीग्राम से इस्तीफा देने का फैसला किया था.
कौन था नंदीग्राम से बीजेपी उम्मीदवार?
बीजेपी ने इस बार नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हसी रानी रथ को मैदान में उतारा था. ममता बनर्जी ने किसी उम्मीदवार को नहीं उतारा था उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया था. वहीं, सीपीएम की तरफ से शांतिगोपाल गिरि ने चुनाव लड़ा था. अब हसी रानी रथ ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान 1,22,752 वोट से हरा दिया. बता दें कि हसी रानी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व PA चंद्रनाथ रथ की मां है. चंद्रनाथ की 4 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
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बीजेपी ने बना दिए हैं राज्य में नए समीकरण
इस जीत के साथ ही बीजेपी ने नए सिरे से राज्य में बिंगुल फूंक दिया है और राज्य के लोगों को बता दिया है कि वह इतनी आसानी से हारने वाली नहीं है. साथ ही इस जीत ने राज्य में बने सभी समीकरण को बदल दिया है. मामला यह है कि बीजेपी ने नंदीग्राम के अलावा रेजीनगर सीट पर शानदार जीत दर्ज की है. खास बात यह है कि इस सीट पर 70 फीसदी मुस्लिम है और हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मुस्लिम नेता हुमांयु कबीर ने जीत हासिल की थी. हुमायूं कबीर वहीं हैं जिन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की स्थापना कर चुनावी राज्य में हलचल मचा दी है.
मुस्लिम अब बीजेपी के साथ
उपचुनाव के नतीजों ने एक बार बीजेपी ने अपनी विपक्षी पार्टियों को चौंका दिया है. रेजीनगर से बीजेपी उम्मीदवार शंखारभ सरकार ने 75 हजार वोटों से इस सीट पर जीत हासिल की है. शुरुआत में इस निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की जीत की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं. भगवा खेमे ने यहां पर जीत हासिल करके पूरा समीकरण बदलकर रख दिया है. इसके साथ ही अब सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय ने भी शुभेंदु सरकार के साथ जाने का फैसला कर लिया है. वहीं, चुनावी नतीजों के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाली मुसलमान बीजेपी के समर्थक हैं.
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