Jharkhand Bandh Tuesday: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध सोमवार को और बढ़ गया. विधानसभा की ओर मार्च करने से रोकने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया. वहीं, ईडी ने इन “गड़बड़ियों” की मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू कर दी है.
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को राज्य की राजधानी रांची में प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़पें हुईं. हजारों नौकरी के उम्मीदवार विधानसभा की ओर मार्च करते हुए कई बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ गए थे, जहां मानसून सत्र चल रहा था. इस दौरान कई छात्र और सुरक्षाकर्मी घायल हुए. इस बीच आज मंगलवार को भाजपा ने झारखंड बंद का ऐलान किया है. इस ऐलान को देखते हुए पूरे झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी कर दी गई है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बंद का ऐलान
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा तक मार्च शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के घर का घेराव करने वाली भाजपा ने छात्रों के खिलाफ “बल प्रयोग” (लाठीचार्ज) के विरोध में मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है.
बीजेपी ने छात्रों के खिलाफ “पुलिस की ज्यादतियों” को लेकर मंगलवार को सुबह 8 बजे से आधी रात तक राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि सैकड़ों प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं और सरकार पर छात्रों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव करने का आरोप लगाया.
राहुल गांधी ने की पुलिस कार्रवाई की निंदा
वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का जवाब हिंसा से नहीं दिया जाना चाहिए. कांग्रेस झारखंड में JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन की सहयोगी है.
कांग्रेस नेता ने कहा, “छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है.” उन्होंने झारखंड सरकार से छात्रों की शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया.
उनके बयानों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया, क्योंकि कांग्रेस झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि गांधी राज्य सरकार का अहम हिस्सा हैं और सवाल किया कि क्या उन्हें छात्रों की आवाज सुनाई दे रही है.
वॉटर कैनन, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार 10 अगस्त को राजाधानी रांची में, जब प्रदर्शनकारी विधानसभा के करीब 200 मीटर के दायरे में पहुंचे, तो पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े. आखिरी बैरिकेड पार करके गेट नंबर 1 तक पहुंचने के बाद फिर से लाठीचार्ज हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया.
इस बीच, सोमवार के मार्च के दौरान JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत भी बिगड़ गई, जो इस मुद्दे को लेकर नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे. ब्लड शुगर लेवल में भारी गिरावट के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई है.
कमजोर सेहत के बावजूद, महतो एम्बुलेंस में सवार होकर मार्च में शामिल हुए. उनके हाथ में पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर थी और बाद में उन्होंने स्ट्रेचर पर खड़े होकर प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया. उनके सहयोगी ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान महतो घायल हो गए.
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई में महिलाओं समेत कई छात्र घायल हुए, जबकि रांची के SSP ने कहा कि पत्थरबाजी में 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और “शांतिपूर्ण” प्रदर्शन में गड़बड़ी करने वाले उपद्रवियों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज की जांच की जाएगी.
विधानसभा परिसर तक पहुंचा छात्रों का मार्च, पुलिस ने किया लाठीचार्ज; बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े
News Source: PTI
