Chamoli Bridge Collapse: उत्तराखंड के चमोली जिले से तबाही का खौफनाक मंजर सामने आया है. यहां तमक नाला में अचानक जलस्तर बढ़ने से इसके ऊपर बना पुल पल भर में बह गया. वहीं, इस दौरान एक बीआरओ ड्राइवर के लापता होने की खबर है. यह घटना बादल फटने की वजह से बताई जा रही है.
मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम को उत्तराखंड की नीति घाटी को जोड़ने वाला ‘तमक नाले’ पर बना बेली ब्रिज बाढ़ के पानी में बह गया, जिससे करीब एक दर्जन गांवों और सीमावर्ती इलाके का सड़क संपर्क टूट गया. साथ ही, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) का एक ड्राइवर तेज बहाव में बहने के बाद लापता हो गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो रूह को कंपा देने वाला है.
बाढ़ का जायजा ले रहे थे ड्राइवर पंकज
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, चमोली जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने बताया कि ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) को सीमावर्ती क्षेत्र से जोड़ने वाले मलारी-नीति राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पुल, तमाक नाले के जलस्तर में अचानक वृद्धि के कारण बह गया. अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ग्रस्त नाले में एक वाहन भी बह गया.
ज्योतिर्मठ तहसीलदार महेंद्र आर्य ने बताया कि पिथौरागढ़ जिले के निवासी बीआरओ ड्राइवर पंकज बाढ़ के पानी का जायजा ले रहे थे तभी अचानक पुल गिर गया और वह बह गए. उन्होंने बताया कि पंकज अभी तक लापता हैं.
अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की राहत और बचाव टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया.
एक-दो दिन में यातायात बहाल होने की उम्मीद
पुल गिरने से जुम्मा और नीति सहित लगभग एक दर्जन गांवों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्र का सड़क संपर्क टूट गया है.
अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर मलारी से वाहनों की आवाजाही निलंबित कर दी गई है, जबकि प्रशासनिक टीमें स्थिति का आकलन कर रही हैं. जोशी ने बताया कि बीआरओ ने वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया है और एक-दो दिन में यातायात बहाल होने की उम्मीद है.
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
बता दें कि पिछले कई वर्षों से, जोशीमठ-नीति सड़क तमाक नाले में बाढ़ और भूस्खलन के कारण बाधित रही है. बाढ़ के मलबे ने पास की धौली गंगा को भी बार-बार अवरुद्ध कर दिया है.
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को बाढ़ के बाद निचले इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाने और एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि पुल के बह जाने के कारण आसपास के गांवों में राशन, भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो.
अलकनंदा नदी में जल प्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए, अधिकारियों ने नदी के किनारों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. पुलिस घोषणाएं कर लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने का आग्रह कर रही है.
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News Source: PTI
