Ram Temple: रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बनाए गए हैं. इसकी आधिकारिक घोषणा 2 सितबंर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने की. यह फ़ैसला बुधवार को अयोध्या में मणिरामदास छावनी में हुई ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया. अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास ने की. इसके अलावा बैठक में तीन नए सदस्यों को भी शामिल करने की घोषणा की गई. नए सदस्य मदन मोहन पांडे (अयोध्या), महेश भागचंदका (दिल्ली) और निर्मला यादव (अयोध्या) हैं.
देवरिया के रहने वाले हैं एयर मार्शल
ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है. भारतीय वायु सेना में लगभग चार दशकों तक अहम जिम्मेदारियां संभालने के बाद मिश्रा अब राम मंदिर के प्रशासनिक और कामकाज से जुड़ी व्यवस्था को नई दिशा देंगे. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा देवरिया ज़िले के भाटपार रानी इलाके के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं. उन्हें 6 दिसंबर, 1986 को भारतीय वायु सेना में फाइटर पायलट के तौर पर कमीशन किया गया था. अपने लंबे फ़ौजी करियर के दौरान उन्होंने 18 से ज़्यादा तरह के विमान उड़ाए और 3,000 घंटे से ज़्यादा की उड़ान का अनुभव हासिल किया.
‘एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ’ से हुए हैं रिटायर
जितेंद्र मिश्रा ने ‘एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ’ के तौर पर भी सेवा दी है. भारत के साथ-साथ अमेरिका और यूके के प्रतिष्ठित डिफेंस संस्थानों में ट्रेनिंग लेने के कारण मिश्रा के पास बड़े संगठनों का नेतृत्व और प्रबंधन करने का व्यापक अनुभव है. राम मंदिर के CEO के तौर पर उनकी नियुक्ति को अहम माना जा रहा है, क्योंकि मंदिर अब एक ग्लोबल धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकासित हो रहा है. CEO को कई ज़िम्मेदारियां निभानी होंगी, जैसे कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालना, सुरक्षा सुनिश्चित करना, दर्शन की व्यवस्था और स्टाफ़ मैनेजमेंट की देखरेख करना, सुविधाओं का विस्तार करना और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल बैठाना.
सुचारु रूप से चले मंदिर का कामकाजः कमलनयन
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 5,585 आवेदनों में से चुने गए तीन उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट किया था. बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, स्वामी कमलनयन दास, अंतरिम जनरल सेक्रेटरी डॉ. कृष्ण मोहन, ट्रस्टी महंत दिनेन्द्र दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी समेत कई लोग मौजूद थे. ट्रस्ट की धार्मिक मामलों की समिति के सदस्य कमलनयन दास ने बैठक से पहले कहा कि उनकी प्राथमिकता मंदिर का कामकाज सुचारु रूप से चलाना है. कहा कि मेरी इच्छा है कि मंदिर का कामकाज सुचारु रूप से चले. इसके अलावा ट्रस्ट डीड में संशोधन, प्रेस प्रवक्ता की नियुक्ति और अन्य प्रशासनिक मामलों पर भी चर्चा हुई.
रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में बनी थी सर्च कमेटी
रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली सर्च कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल थे. मालूम हो कि CEO चयन प्रक्रिया में AI आधारित स्क्रीनिंग और मैनुअल मूल्यांकन दोनों का इस्तेमाल किया गया. आवेदनों की जांच के लिए 600 अंकों का मूल्यांकन ढांचा इस्तेमाल किया गया, जिसमें शुरुआती मूल्यांकन में 3,577 उम्मीदवार शामिल हुए. 470 या उससे ज़्यादा अंक पाने वाले उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिसके बाद 108 आवेदकों के साथ वर्चुअल बातचीत हुई और 11 व 12 अगस्त को अयोध्या में 16 उम्मीदवारों के अंतिम इंटरव्यू हुए. बैठक में ट्रस्ट डीड में संशोधन पर भी विचार किया गाया ताकि CEO की शक्तियों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जा सके.
News Source: PTI
