MP News : मध्य प्रदेश के धार में स्थित विवादित भोजशाला परिसर के बाहर शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर माहौल गरमा गया. प्रशासन द्वारा तय की गई खसरा नंबर 612 की जमीन पर स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध किया और नमाज को रोकने की मांग की. हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता और समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज अदा की गई.
अलर्ट मोड में दिखा प्रशासन
धार भोजशाला में जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया. साथ ही बारिश के कारण गीली जमीन पर तिरपाल बिछाई और पूरे इलाके की घेराबंदी कर बैरिकेड्स लगा दिए. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो. लेकिन नमाज शुरू होने से ठीक पहले सुबह स्थानीय लोगों ने इस जगह पर नमाज का कड़ा विरोध किया. ग्रामीणों का कहना था कि जिस खसरा नंबर 612 की जमीन पर नमाज की अनुमति दी गई है, वह उनकी निजी जमीन है और वे लंबे समय से इस पर खेती करते आ रहे हैं.
कोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजे
निवासियों ने साफ कहा कि वे अपनी जमीन पर नमाज नहीं होने देंगे और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे. मामला बढ़ता देख SDM राजकुमार हलदर अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और विरोध कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जमीन हमारी निजी है, हम बरसों से इस पर खेती कर रहे हैं. यहां अनुमति कैसे दे दी गई. हम अपने हक के लिए अदालत तक जाएंगे.
नमाज पढने के लिए राजी हुए
कमला मौला वेलफेयर सोसाइटी मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद का कहना है कि खसरा नंबर 611 और 612 की जमीन से कमाल मौला मस्जिद सीधे दिखाई देती है. इसीलिए हम यहां नमाज पढने के लिए राजी हुए हैं. अगले शुक्रवार तक अगर अदालत का कोई नया अंतरिम या अंतिम फैसला आता है तो हम और प्रशासन दोनों उसका पालन करेंगे.
एडिशनल एसपी विजय डाबर ने कहा कि नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई. प्रशासन की तरफ से समझाने के बाद आपत्तिकर्ता शांत हुए और तय जगह पर जुमे की नमाज अदा की गई. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन हर किसी की निगाहें अब अदालत के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं.
