Tahir Hussain : दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने अंकित शर्मा हत्याकांड मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस मामले में न्यायालय ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या, आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया था. बता दें कि कड़कड़डूमा कोर्ट ने 11 आरोपियों में से 6 को बरी कर दिया था. इसी बीच दिल्ली पुलिस ने 5 दोषियों के खिलाफ फांसी की मांग की थी.
सुनियोजित तरीके से की गई थी हत्या
सजा पर बहस के दौरान पीड़ित पक्ष के लोक अभियोजक मधुकर पांडे ने कोर्ट में कहा कि यह हत्या सुनियोजित और समाज में भय का माहौल पैदा करने के लिए की गई थी. मधुकर ने मामले को रेयरस्ट ऑफ द रेयर बताते हुए सभी दोषियों को फांसी देने की मांग की थी. अभियोजन पक्ष का तर्क था कि इस अपराध पर कठोरतम दंड दिया जाना आवश्यक है ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए.
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बचाव पक्ष ने कम सजा देने की गुजारिश
वहीं, बचाव पक्ष ने कोर्ट में फांसी का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ द रेयर की कैटेगरी में नहीं आता है. उन्होंने अपने परिवारों की परिस्थितियों का हवाला देते उन्हें मृत्युदंड न देने और कम सजा देने का अनुरोध किया था.
सजा सुनाते हुए कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने कहा कि अंकित की हत्या बहुत निर्मम तरीके से की गई थी और मारने के बाद उनके शव को नाले में फेंक दिया गया. यह हत्या समाज को झकझोरने वाली थी. हालांकि, दोषियों के परिजनों ने उन पर आश्रित होने की बात कहकर सजा कम सुनाने की मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने इस मांग को अस्वीकार कर दिया.
नाले में मिला था अंकित शर्मा का शव
अंकित शर्मा मर्डर मामले में उनके पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था. 25 फरवरी, 2020 को अंकित शर्मा अपने ऑफिस से घर लौटने के बाद दोबारा घूमने के लिए बाहर निकले थे. फिर वह काफी देर तक वापस घर नहीं लौटे. इसके बाद उनका परिवार तलाश में जुट गया और उन्हें पता चला कि उनकी हत्या कर शव को चांदबाग पुलिया के पास खजूर खास नाले में फेंक दिया. अगले दिन उनका शव पुलिस ने नाले से निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
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