Home Latest News & Updates छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरे अन्ना हजारे, शुरू किया मौन व्रत; कहा- पुलिस की हिंसा बेहद दुखद

छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरे अन्ना हजारे, शुरू किया मौन व्रत; कहा- पुलिस की हिंसा बेहद दुखद

by Sachin Kumar 23 July 2026, 3:21 PM IST (Updated 23 July 2026, 5:23 PM IST)
23 July 2026, 3:21 PM IST (Updated 23 July 2026, 5:23 PM IST)
Anna Hazare maun andolan support protesting students

Anna Hazare : दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी समर्थन दिया है. इस दौरान अन्ना के आंखों में आंसू भी आ गए. उन्होंने गुरुवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में दो घंटे का मौन आंदोलन किया. अन्ना यह प्रदर्शन अहिल्यानगर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास सुबह 11 बजे अपना विरोध-प्रदर्शन शुरू किया और दोपहर एक बजे इसे खत्म किया. इसके बाद वे उसी जिले में स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए.

पुलिस कार्रवाई ने दिल को दुखाया

इसी बीच अन्ना हजारे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि हिंसा और पुलिस की कार्रवाई की खबर बेहद दुखद है. उन्होंने मोदी को लिखे एक पत्र में हजारे ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के गुस्से को लॉ एंड ऑर्डर की प्रॉब्लम के तौर पर नहीं, बल्कि समाज की तकलीफ और उम्मीदों के तौर पर देखा जाना चाहिए. अगर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने के लिए कहा जाता है, तो इससे सरकार नहीं गिरेगी बल्कि इससे उसका काम ज्यादा अकाउंटेबल और असरदार होगा.

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बातचीत से निकालना चाहिए समाधान

उन्होंने सरकार से रिक्वेक्सट की कि वह प्रदर्शनकारियों को की बातों को गंभीरता से लें और भरोसे का माहौल बनाया है. सरकार को इससे मामले में पॉजिटिल से हल निकलना चाहिए. इसी बीच उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि उन्होंने मोदी को पत्र लिखा है क्योंकि प्रधानमंत्री सर्वोच्च नेता हैं और उन्हें लोगों की समस्याओं से अवगत कराया जाना चाहिए.

खुलने चाहिए मेट्रो के गेट

बता दें कि दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन लगातार विस्तार लेता जा रहा है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को धरनास्थल तक पहुंचने से रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजधानी के 16 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं. हालांकि, इससे अब अन्य लोगों को भी दिक्कतें हो रही हैं. इसके लिए अब वकीलों ने भारत के मुख्य न्यायधीश के सामने अपील की है. सीजेआई सूर्यकांत ने गुरुवार को SCBA की इस अपील पर ध्यान दिया कि कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं, जिससे वकीलों और केस लड़ने वालों के लिए कोर्ट आना मुश्किल हो गया है. इस पर सीजेआई ने कहा कि अगर लंच टाइम तक मामला नहीं सुलझता है, तो वह दखल देंगे.

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