Ahmedabad News: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने करोड़ों रुपये की ठगी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है. इसके साथ ही इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी किया है. जानकारी के अनुसार, आरोपी खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में ऊंची पहुंच रखने वाला बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था.
आरोप है कि आरोपी ने ED की कार्रवाई के दौरान जब्त की गई करोड़ों रुपये की रकम वापस दिलाने का झांसा देकर शिकायतकर्ता से 3.18 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली. वहीं, मामले की जांच आगे बढ़ने पर क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के द्वारा अब मुख्य आरोपी के अन्य साथियों की तलाश जारी है. आइए जानते हैं पूरा मामला.
कैसे हुई 3.18 करोड़ रुपये की ठगी?
क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजय कुमार उर्फ मुन्नी उर्फ कैलाश शंकरलाल पटेल के रूप में हुई है. वह मूल रूप से गुजरात के मेहसाणा जिले के कुकरवाड़ा का रहने वाला है. पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से लोगों को अपनी कथित ऊंची पहुंच का भरोसा दिलाकर आर्थिक लाभ उठाने की कोशिश करता था.
पुलिस जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता के करीब 11.10 करोड़ रुपये ED की कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए थे. इसी का फायदा उठाते हुए आरोपी और उसके साथियों ने दावा किया कि उनकी ED और CBI के अधिकारियों तक सीधी पहुंच है और वे पूरी रकम वापस दिला सकते हैं. इस भरोसे में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग चरणों में आरोपी को 3.18 करोड़ रुपये से अधिक की रकम दे दी. हालांकि, काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो जब्त रकम वापस मिली और न ही आरोपी ने अपने वादे पूरे किए.
जब शिकायतकर्ता को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ, तब उसने अहमदाबाद के डीसीबी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की और तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने शिकायतकर्ता का विश्वास जीतने के लिए 3.13 करोड़ रुपये का एक नोटरी एग्रीमेंट भी तैयार कराया था. इस एग्रीमेंट का उद्देश्य यह दिखाना था कि पूरा लेन-देन वैध है और आरोपी वास्तव में जब्त रकम वापस दिलाने की क्षमता रखता है. इसी दस्तावेज के आधार पर शिकायतकर्ता को भरोसे में लिया गया और उससे करोड़ों रुपये वसूल लिए गए.
आरोपी के कई और आपराधिक रिकॉर्ड
क्राइम ब्रांच ने बताया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है. उसके खिलाफ पहले से ही कड़ी, सांथल और भवानपुर पुलिस थानों में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी और उसके गिरोह ने इसी तरह के झांसे देकर कितने अन्य लोगों को निशाना बनाया है. वहीं, मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है.
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति भी ED, CBI या किसी अन्य सरकारी एजेंसी में ऊंची पहुंच का दावा करने वाले लोगों के झांसे में आकर ठगी का शिकार हुआ है, तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के आगे आए और क्राइम ब्रांच से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराए. पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत मिलने से आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलती है और अन्य लोगों को भी इस तरह की ठगी से बचाया जा सकता है.
