Ujjain News: सावन के तीसरे सोमवार को उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. साल में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी. इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने से कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई. अचानक कई लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए.
वहीं, सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कई वीडियो में मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए गए. इस पर मंदिर प्रबंध समिति ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए इन वीडियो को भ्रामक बताया और कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे वीडियो के आधार पर स्थिति को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.
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बेहोशी की हालात में अस्पताल पहुंचाया
बताया जा रहा है कि महिला और युवतियों को घबराहट के बाद बेहोशी की हालत में कई सुरक्षाकर्मी अस्पताल लेकर पहुंचे. सभी श्रद्धालुओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है और चिकित्सक सभी पर निगरानी बनाए हुए हैं. बता दें कि 5 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान महाकाल ओर नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर चुके हैं.
मंदिर ने किया दावे को खारिज
मंदिर समिति ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है और इन्हें सिर्फ अफवाह बताया है. समिति के मुताबिक, नागपंचमी, सावन सोमवार और भगवान महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन में होने की वजह से श्रद्धालुओं की भारी संख्या दर्शन करने के लिए पहुंची. अब तक करीब 6.19 लाख भक्त दर्शन करने के लिए पहुंच चुके हैं. मंदिर की विभिन्न कतारों में श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई हैं. समिति ने भक्तों से आधिकारिक सूचना पर अमल करने के लिए कहा है और फेक न्यूज को साझा नहीं करने की अपील की है.
श्रद्धालु की माता ने बताई पूरी कहानी
अस्पताल में भर्ती एक श्रद्धालु की मां मीनू ने बताया कि यह घटना हरसिद्धि चौराहे पर हुई. वह नाथ चंद्रेश्वर मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी बैरिकेड के नीचे दब गए. वहां भगदड़ मच गई थी. किसी ने उनकी मदद नहीं की. उन्होंने कहा कि मेरे बच्चे को बस एक व्यक्ति यहां लेकर आया.
News Source: PTI
