Home Latest News & Updates बाढ़ को लेकर योगी सरकार अलर्ट, कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी, चौकियां सक्रिय, राशन किट से दी जा रही राहत

बाढ़ को लेकर योगी सरकार अलर्ट, कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी, चौकियां सक्रिय, राशन किट से दी जा रही राहत

by Dheeraj Tripathi 21 August 2026, 8:30 AM IST
21 August 2026, 8:30 AM IST
UP Flood Alert

UP Flood Alert: पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश और प्रमुख बैराजों से नदियों में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद प्रदेश के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए हैं. बिजनौर में हरिद्वार बैराज से गंगा में 1.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी ने मोर्चा संभाला है, वहीं बाराबंकी में सरयू नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के बावजूद बाढ़ पूर्व कराए गए तट संरक्षण कार्यों ने संवेदनशील गांवों और तटबंधों को कटान से सुरक्षित रखा है. प्रशासन का कहना है कि आबादी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है, जनजीवन सामान्य बना हुआ है और हर स्तर पर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं.

‘सचेत ऐप’ से मिल रहा पूर्व अलर्ट

बिजनौर में जिला कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है. आपदा प्रबंधक प्रशांत सक्सेना के अनुसार मौसम विभाग से चेतावनी मिलते ही हर दो घंटे में सभी एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ, ईओ, तटीय ग्राम प्रधानों और आपदा मित्रों को फोन कर अलर्ट व वेदर अपडेट दिया जा रहा है. इससे तैयारियों में मदद मिल रही है. ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है, तहसीलवार बाढ़ सुरक्षा उपकरण पहले ही बांटे जा चुके हैं और नावों, नाविकों व गोताखोरों का चिन्हीकरण पूरा कर लिया गया है. जिले में 24 संवेदनशील और 5 अति संवेदनशील इलाके चिह्नित किए गए हैं, जबकि गंगा व खोह नदी पर गेज लगाकर 24 घंटे जलस्तर की निगरानी की जा रही है.

राहत चौकियों पर नावें और अमला तैनात

बिजनौर की चांदपुर तहसील के जलीलपुर ब्लॉक स्थित दतियाना, रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी जैसे गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी आने से 10 और 25 सीटर क्षमता की दो नावें तैनात की गई हैं. प्राथमिक विद्यालयों में चार बाढ़ राहत चौकियां बनाकर वहां लेखपालों व राजस्व कर्मियों की चौबीसों घंटे रोस्टरवार ड्यूटी लगाई गई है. जिले में कुल 32 बाढ़ चौकियां और 35 आश्रय स्थल सक्रिय किए जा चुके हैं. बिजनौर के प्रभावित 11 गांवों में अब तक करीब 300 राशन किट बांटे जा चुके हैं और अतिरिक्त राहत सामग्री का बफर स्टॉक तैयार रखा गया है. सुरक्षा के लिहाज से फ्लड पीएसी तैनात की गई है.

बाराबंकी में तट संरक्षण कार्यों ने रोकी कटान

बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और अधिकतम डिस्चार्ज 4.35 लाख क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया, फिर भी पूर्व में कटान की दृष्टि से संवेदनशील रहे कई गांव सुरक्षित बने हुए हैं. अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड शशिकांत सिंह के अनुसार बाढ़ से पहले इन स्थलों पर जियोबैग स्टड, परक्यूपाइन, स्पर और रिवेटमेंट जैसे कार्य कराए गए थे, जिनसे नदी की मुख्य धारा का रुख दायें किनारे से बायें किनारे की ओर मोड़ने में मदद मिली. इससे बढ़े जलस्तर के बावजूद कटान का असर न्यूनतम रहा और तटबंधों व गांवों की सुरक्षा बनी रही. जिले में बाढ़ की स्थिति फिलहाल सामान्य व नियंत्रण में बताई जा रही है.

जल भराव नहीं, अब निर्बाध जल प्रवाह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से साकार हुए 495 करोड़ रुपये की लागत वाले गोड़धोइया नाला परियोजना से इस वर्ष तकरीबन आधे शहर की जलभराव की समस्या दूर हो गई है. ऐसा पहली बार हुआ कि जब भी बारिश हुई, महानगर के उत्तरी हिस्से के 17 वार्डों में पानी नहीं लगा. सारा पानी गोड़धोइया नाला होते हुए आरकेबीके मोहद्दीपुर के पास रामगढ़ताल में चला गया. जब तक गोड़धोइया नाले का पुनरोद्धार नहीं हुआ था तो बारिश होने पर ये वार्ड बुरी तरह जलभराव की चपेट में आ जाते थे. कार्यदायी संस्था जल निगम (शहरी) के अधिशासी अभियंता पकंज कुमार के अनुसार गोड़धोइया नाला 9.50 किलोमीटर लंबाई और 10 मीटर चौड़ाई में, पक्का बना है.

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