Disha Salian Death: सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत की जांच अब CBI करेगी.बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि छह साल तक FIR दर्ज क्यों नहीं की. सख्त टिप्पणी की कि पुलिस की जांच जवाब से ज़्यादा सवाल खड़े करती है, छह साल तक मामला लटका नहीं सकते. अब पिता को न्याय मिलने की उम्मीद जग गई है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत की CBI जांच का आदेश दिया. कोर्ट ने छह साल तक FIR दर्ज न करने के लिए शहर की पुलिस को फटकार लगाई और कहा कि उनकी जांच जवाब से ज़्यादा सवाल खड़े करती है.
जांच में साफ तौर पर गड़बड़ियांः बेंच
जस्टिस सारंग कोटवाल और जस्टिस रंजीतसिंह राजा भोंसले की बेंच ने कहा कि किसी मामले की जांच बहुत लंबे समय तक नहीं चल सकती और इस मामले में केंद्रीय एजेंसी से जांच ज़रूरी थी. बेंच ने छह साल तक इसे सिर्फ़ एक एक्सीडेंटल डेथ (दुर्घटना से हुई मौत) मानने के लिए पुलिस की आलोचना की और उनकी जांच में साफ़ तौर पर गड़बड़ियां पाईं. सालियन के पिता ने 2020 में बेटी की मौत के हालात पर शक जताया था और हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था. हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जांच लगभग छह साल तक चली. पुलिस की जांच जवाब से ज़्यादा सवाल खड़े करती है. इसलिए, इस मामले में CBI से जांच ज़रूरी है.
सबूत मिलने तक कोई भी आरोपी नहीं
हाई कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज करने और मृतका के पिता सतीश सालियन का बयान दर्ज करने का आदेश दिया, लेकिन यह भी साफ़ किया कि जांच के दौरान किसी के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत मिलने तक किसी को भी आरोपी नहीं माना जाएगा. हालांकि सतीश सालियन ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ FIR की मांग की थी, लेकिन हाई कोर्ट ने किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने से परहेज़ किया और कहा कि मामले की जांच करना केंद्रीय एजेंसी का काम है. कोर्ट ने अपने 44 पन्नों के फ़ैसले में कहा कि पुलिस की जांच में बहुत सारी गड़बड़ियां हैं, जिसके लिए सही और ठोस जांच की ज़रूरत है. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में हमारी राय है कि पुलिस के पास अपराध की जांच करने का पर्याप्त मौका था, लेकिन उन्होंने FIR दर्ज नहीं की और न ही किसी संज्ञेय अपराध की जांच की.
एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर थीं सालियान
दिशा सालियन ने कुछ समय के लिए एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर के तौर पर काम किया था, जिनकी 14 जून 2020 को कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई थी. उस मामले में CBI जांच के आदेश भी दिए गए थे. दिशा सालियन की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक रिहायशी इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने पर हुई थी. तब शहर की पुलिस ने ‘एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट’ (ADR) दर्ज की थी. हाई कोर्ट ने बुधवार को मुंबई पुलिस को आदेश दिया कि वे दिशा सालियन की मौत के मामले से जुड़े सभी कागजात तुरंत CBI को सौंप दें.
कोर्ट में समरी रिपोर्ट दाखिल करेगी CBI
बेंच ने कहा कि अगर जांच में पता चलता है कि कोई मामला नहीं बनता है, तो CBI संबंधित कोर्ट के सामने उचित समरी रिपोर्ट दाखिल करेगी. हाई कोर्ट ने कहा कि सतीश सालियन को उस रिपोर्ट को चुनौती देने की छूट होगी. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सालियन एक युवा बेटी के पिता थे और इस मामले में ठोस जांच की ज़रूरत थी. हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि वह सतीश सालियन द्वारा कुछ लोगों पर लगाए गए आरोपों का ज़िक्र करने से बच रहा है. कोर्ट ने पुलिस की जांच में कुछ कमियां बताईं और कहा कि घटनास्थल का पंचनामा (जहां शव मिला था) काफी देर से किया गया था.
News Source: PTI
