FIBA Under-18 in Gujarat: गुजरात अब सिर्फ व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि खेलों के वैश्विक मंच पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है. अहमदाबाद के नारणपुरा स्थित अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 13 से 23 अगस्त 2026 तक FIBA अंडर-18 एशिया बास्केटबॉल कप का आयोजन होने जा रहा है. इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया-ओशिनिया क्षेत्र के 16 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी. इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि भारतीय अंडर-18 पुरुष टीम में गुजरात की तीन प्रतिभाओं को अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं. भावनगर के युवा खिलाड़ी रोनाल्डो हॉपकिंस भारतीय टीम के 12 सदस्यीय दल में शामिल हुए हैं. वहीं गुजरात के अनुभवी कोच नरेंद्र देसाई टीम के असिस्टेंट कोच और डॉ. कुणाल चुडासमा लीड फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में भारतीय टीम के साथ अपनी सेवाएं देंगे. यानी खिलाड़ी, कोच और फिजियो- तीनों भूमिकाओं में गुजरात की प्रतिभा देश का प्रतिनिधित्व करेगी.
भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे रोनाल्डो
अहमदाबाद में पिछले करीब एक महीने से भारतीय टीम का गहन प्रशिक्षण शिविर चल रहा था. इस कैंप के बाद घोषित अंतिम 12 सदस्यीय टीम और सपोर्ट स्टाफ में गुजरात की इन तीन प्रतिभाओं का चयन हुआ है. भावनगर के रोनाल्डो हॉपकिंस ने प्राथमिक स्तर और स्थानीय क्लब से बास्केटबॉल की शुरुआत की. कड़ी मेहनत और निरंतर प्रशिक्षण के दम पर वह राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे और साउथ एशियन चैंपियनशिप यानी SABA में भारत को विजेता बनाने वाली टीम का हिस्सा भी रहे हैं. अब घरेलू मैदान पर होने वाले अंडर-18 एशिया कप में भारत के लिए बेहतर प्रदर्शन करना उनका लक्ष्य है. रोनाल्डो हॉपकिंस का कहना है कि सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता, बेहतर डाइट और विश्वस्तरीय सुविधाओं ने उनके खेल करियर को नई दिशा दी है. अब उनका पूरा ध्यान अपने घरेलू मैदान पर भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करने पर है.

नरेंद्र देसाई बने असिस्टेंट कोच फिजियोथेरेपिस्ट
गुजरात के नरेंद्र देसाई भी भारतीय अंडर-18 टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बने हैं. स्वर्णिम गुजरात स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले नरेंद्र देसाई ने राज्य की स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को अपनी सफलता का अहम आधार बताया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए खेल महाकुंभ से उनकी खेल यात्रा को दिशा मिली और आज वह भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं. उनके मुताबिक गुजरात में चल रही शक्तिदूत और एकेडमी जैसी योजनाओं के चलते राज्य के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है.
डॉ. कुणाल चुडासमा को मिली लीड फिजियोथेरेपिस्ट की जिम्मेदारी
भारतीय टीम के लीड फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. कुणाल चुडासमा का चयन भी गुजरात के लिए गौरव की बात है. उन्होंने बताया कि राज्य में अब सिर्फ खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि फिजियोथेरेपिस्ट, न्यूट्रिशनिस्ट और अन्य स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है. उनके अनुसार खिलाड़ियों की इंजरी प्रिवेंशन, मस्क्युलोस्केलेटल स्क्रीनिंग और फिटनेस से जुड़ी जरूरतों के लिए गुजरात में अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं. इससे खिलाड़ियों के साथ-साथ पूरे सपोर्ट सिस्टम को मजबूती मिली है. FIBA अंडर-18 एशिया कप के लिए चल रहे भारतीय टीम के कैंप के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से आए कोचिंग स्टाफ ने अहमदाबाद की खेल सुविधाओं और माहौल की जमकर तारीफ की. भारतीय अंडर-18 पुरुष टीम के हेड कोच और वर्तमान में गुजरात में सेवाएं दे रहे परमदीप सिंह ने वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को भारत की बेहतरीन सुविधाओं वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में से एक बताया. उन्होंने कहा कि यहां उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और खिलाड़ियों को मिलने वाला माहौल इस बात का संकेत है कि भारत अब बड़े वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है.
स्टेडियम की खासियत
तमिलनाडु और केरल से आए असिस्टेंट कोचों ने भी अहमदाबाद के स्टेडियम, इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के लिए तैयार किए गए माहौल की सराहना की. कोचिंग स्टाफ का मानना है कि इस तरह की सुविधाएं भविष्य में कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स और ओलंपिक-2036 की तैयारियों में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं. FIBA अंडर-18 एशिया कप की मेजबानी गुजरात के लिए सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का आयोजन नहीं है, बल्कि राज्य के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता को दुनिया के सामने रखने का अवसर भी है. विश्वस्तरीय स्टेडियम, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट और बेहतर हॉस्पिटैलिटी के चलते अहमदाबाद तेजी से बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है. गुजरात सरकार का लक्ष्य राज्य में ऐसा खेल वातावरण तैयार करना है, जहां युवा खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें.
16 देशों की टीमें लेंगी हिस्सा
FIBA एशिया, गुजरात सरकार, बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया और गुजरात स्टेट बास्केटबॉल एसोसिएशन के संयुक्त आयोजन में होने वाली इस चैंपियनशिप में कुल 16 देश हिस्सा लेंगे. प्रतियोगिता में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, चीन, चाइनीज ताइपेई, ईरान, जापान, कजाकिस्तान, कोरिया, लेबनान, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, कतर, श्रीलंका, सीरिया और थाईलैंड की टीमें शामिल हैं. सभी 16 टीमों को चार-चार टीमों के ग्रुप में बांटा गया है. भारतीय टीम ग्रुप स्टेज में कोरिया, जापान और कजाकिस्तान का सामना करेगी. भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 14 अगस्त 2026 को जापान के खिलाफ खेलेगी. इसके बाद ग्रुप स्टेज में भारत का सामना कोरिया और कजाकिस्तान से होगा. इस टूर्नामेंट का महत्व इसलिए भी काफी अधिक है क्योंकि यहां बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमें 2027 अंडर-19 वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन की दिशा में आगे बढ़ेंगी. ऐसे में भारत के युवा खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच होगा.
23 अगस्त को होगा फाइनल मुकाबला
FIBA अंडर-18 एशिया बास्केटबॉल कप का आयोजन 13 से 23 अगस्त तक अहमदाबाद में किया जाएगा. प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 23 अगस्त 2026 को खेला जाएगा. गुजरात के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी खास है क्योंकि एक तरफ अहमदाबाद विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा, वहीं दूसरी ओर गुजरात के तीन युवा और अनुभवी प्रोफेशनल भारत की टीम में अपनी-अपनी भूमिका निभाएंगे. खिलाड़ी रोनाल्डो हॉपकिंस, असिस्टेंट कोच नरेंद्र देसाई और लीड फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. कुणाल चुडासमा की मौजूदगी गुजरात की खेल प्रतिभा और राज्य में तैयार हो रहे स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की तस्वीर पेश करती है. आयोजकों और बास्केटबॉल फेडरेशन के पदाधिकारियों ने गुजरात के खेलप्रेमियों से बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर भारतीय टीम का उत्साह बढ़ाने की अपील की है. अब निगाहें 14 अगस्त को होने वाले भारत-जापान मुकाबले पर हैं, जहां घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय युवा टीम एशिया कप के अभियान की शुरुआत करेगी.
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