Home Top News बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत से हड़कंप, TMC ऑफिस में फंदे से लटका मिला शव

बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत से हड़कंप, TMC ऑफिस में फंदे से लटका मिला शव

by Neha Singh 16 August 2026, 10:02 AM IST (Updated 16 August 2026, 10:12 AM IST)
16 August 2026, 10:02 AM IST (Updated 16 August 2026, 10:12 AM IST)
Ashish Banerjee Deat

Ashish Banerjee Death: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक आशीष बनर्जी की मौत से हंगामा मच गया है. आशीष बनर्जी का शव रविवार को TMC पार्टी ऑफिस में फंदे से लटका हुआ मिला. सूत्रों ने बताया कि रामपुरहाट के हट्टाला पारा में उनके घर के पास पार्टी ऑफिस से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित नोट में बनर्जी ने कहा है कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है और उन्होंने राजनीति में आने पर अफसोस जताया है. हालांकि न्यूज एजेंसी इस नोट की पुष्टि नहीं करती है. सूत्रों ने बताया कि उनकी मौत के सही हालात अभी पता नहीं चल पाए हैं और पुलिस कथित सुसाइड नोट के कंटेंट और घटना से जुड़े दूसरे हालात की जांच कर रही है.

राजनीति में आने पर अफसोस

कथित सुसाइट नोट के मुताबिक, बनर्जी ने दावा किया कि वह कभी भी करप्शन में शामिल नहीं रहे और उन्होंने कभी किसी काम के बदले पैसे नहीं लिए. उन्होंने यह भी लिखा कि हालांकि वह पार्टी के अंदर “गलत कामों” को हमेशा स्वीकार नहीं कर सकते थे, लेकिन वह उनका विरोध नहीं कर पाए. कथित तौर पर नोट में तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) का भी जिक्र था, जिसमें बनर्जी ने दावा किया कि इसके टेंडर से जुड़े फैसलों, चेक जारी करने, प्लान अप्रूवल या नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट में उनका कोई रोल नहीं था. नोट में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें “बदनाम” करने और बेइज्जत करने की कोशिश की गई और उन्होंने राजनीति में आने पर अफसोस जताया.

पांच बार विधायक रहे आशीष

TMC के पुराने नेता बनर्जी ने 2001 से 2026 तक लगातार राज्य असेंबली में रामपुरहाट का प्रतिनिधित्व किया था. उन्होंने असेंबली के डिप्टी स्पीकर के तौर पर काम किया था और ममता बनर्जी सरकार में स्कूल एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे मंत्रालय संभाले थे. बनर्जी जो अपने स्टूडेंट दिनों से ही राजनीति से जुड़े थे और एक टीचर के तौर पर भी काम कर चुके थे, ने सुसाइड नोट में अपने परिवार के सदस्यों को राजनीति में न आने की सलाह दी और अपने छात्रों से मिले प्यार को याद किया.

जांच जारी

बनर्जी ने 2026 का असेंबली इलेक्शन रामपुरहाट से TMC टिकट पर लड़ा था, लेकिन BJP के ध्रुव साहा से 24,000 से ज़्यादा वोटों से हार गए थे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि चुनाव में हार के बाद बनर्जी राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं दिखे. बनर्जी की मौत ऐसे समय में हुई है जब कुछ महीने पहले TMC ने पश्चिम बंगाल में अपने 15 साल के राज के बाद सत्ता खो दी. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या बनर्जी की मौत सुसाइड से हुई और अगर ऐसा है, तो उन्हें यह कदम उठाने के लिए किस बात ने उकसाया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और कहे जा रहे नोट के कंटेंट से उनकी मौत के आस-पास के हालात के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है.

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News Source: PTI

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