Home Top News BJP विधायक हार्दिक पटेल को राहत! कोर्ट ने आंदोलन से जुड़े केस को वापस लेने की दी मंजूरी

BJP विधायक हार्दिक पटेल को राहत! कोर्ट ने आंदोलन से जुड़े केस को वापस लेने की दी मंजूरी

by Sachin Kumar 23 June 2026, 6:35 PM IST (Updated 23 June 2026, 6:36 PM IST)
23 June 2026, 6:35 PM IST (Updated 23 June 2026, 6:36 PM IST)
Surat court withdrawal 2018 case against BJP MLA Hardik Patel

Gujarat News : गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक हार्दिक पटेल को बड़ी राहत मिली है. सूरत की एक अदालत ने मंगलवार को पटेल समेत चार अन्य लोगों के खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने को लेकर दर्ज मामले को वापस लेने की इजाजत दी है. यह मामला 2018 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज किया गया था और इसका नेतृत्व खुद हार्दिक पटेल ने किया था. साथ ही जब वह आरक्षण के समर्थन में रैलियां निकाल रहे थे उस वक्त उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने एजेंसियों द्वारा तय की गई शर्तों का उल्लंघन किया है.

सरकार की अर्जी को कोर्ट ने किया स्वीकार

हार्दिक पटेल के वकील यशवंत वाला ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जितेंद्र सिंह ने सभी लोगों के खिलाफ वराछा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले को वापस लेने के लिए राज्य सरकार की अर्जी को स्वीकार कर लिया है. FIR के मुताबिक, पटेल और अन्य आरोपियों (अल्पेश कथीरिया, धार्मिक मालविया और अशोक जीरावाला) ने कार्यक्रम के लिए तय की गई शर्तों का खुलेआम उल्लंघन किया था.

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मूर्ति पर दी मामला चढ़ाने की अनुमति

एफआईआर में दर्ज शिकायत में कहा गया कि पुलिस ने उन्हें सिर्फ सरदार पटेल की मूर्ति पर माला चढ़ाने की इजाजत दी थी. इस दौरान मौके पर हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और वह उन्हें संबोधित करने लगे. इस दौरान ट्रैफिक रुक गया और रैली की शर्तों में से एक का उल्लंघन हो गया. इसके बाद पुलिस ने गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जमा करने, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और कानूनी आदेश न मानने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. बीजेपी सरकार ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन से जुड़े करीब 90 प्रतिशत मामलों को वापस लेने का आदेश जारी किया था और उसमें देशद्रोह के मामले में शामिल थे.

2015 में शुरू किया आरक्षण के लिए आंदोलन

वहीं, पिछले साल दिसंबर में सूरत की एक सेशंस कोर्ट ने पटेल और अन्य लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला वापस ले लिया था. बता दें कि हार्दिक पटेल साल 2015 में राज्य स्तर पर पटेल समुदाय को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे थे. इस आंदोलन के माध्यम से उन्होंने पाटीदार समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का दर्जा देने की मांग की थी. इसके बाद वह साल 2019 में विपक्षी पार्टी कांग्रेस में शामिल हो गए और एक साल बाद ही उन्हें पार्टी की राज्य इकाई का कार्यकारी का अध्यक्ष बना दिया गया. इसी बीच उन्होंने 2022 में सत्ताधारी बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया और उसी साल उन्होंने विरामगाम सीट से विधानसभा चुनाव जीत लिया.

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