West Bengal : चुनावी राज्य में ED एक बार फिर एक्शन मोड में आ गई है. जांच एजेंसी ने राशन घोटाले मामले में पश्चिम बंगाल की 3 जगहों पर छापेमारी की है और यह PMLA के तहत कार्रवाई की गई है.
West Bengal : पश्चिम बंगाल में दूसरे दौर के मतदान से पहले राशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता और बर्दवान में छापेमारी की. यह कार्रवाई कोलकाता, बर्दवान और हाबरा के 9 ठिकानों पर की गई है. इसमें निरंजन चंद्र साहा का ठिकाना भी शामिल है. जांच एजेंसी की तरफ से यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत की गई है.
सरकारी निशान वाले बोरों से निकाला गेहूं
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने जिन राशन घोटाले से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है. वह गेहूं सप्लायरों, लाइसेंस्ड डिस्ट्रीब्यूटरों, डीलरों और बिचौलियों की मिलीभगत से कम कीमत पर खरीदा गया था. ED ने दावा किया कि गेहूं को गैर-कानूनी तरीके से कई जगहों पर जमा किया गया था. एजेंसी ने आगे कहा कि गेहूं के असली स्रोत को छिपाने के लिए आरोपियों ने जिन बोरों पर भारतीय खाद्य निगम और राज्य सरकार के निशान थे उनसे गेहूं को निकाल लिया या फिर उन बोरों को उल्टा कर दिया. सप्लायरों ने ऐसा करके गेहूं की पहचान बताने वाले निशानों को छिपाने का काम किया और PDS के गेहूं को खुले बाजार में बेचने के लिए एक वैध स्टॉक के तौर पर पेश किया.
बशीरहाट से की जा रही थी तस्करी
इस मामले में ED ने पश्चिम बंगाल के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योति प्रिय मल्लिक और कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. आपको बताते चलें कि यह पूरा मामला कोविड-19 लॉकडाउन के समय का है. उस दौरान पश्चिम बंगाल के बशीरहाट सीमावर्ती इलाके से बांग्लादेश को गेहूं और चावल की तस्करी की गई जा रही थी और उस दौरान एजेंसी ने कई ट्रक भी जब्त किए थे. उस वक्त नुसरत जहां बशीरहाट की सांसद थीं. वहीं, जांच के दौरान कई लोगों के नाम सामने आए और अब ED बांग्लादेश को चावल-गेहूं की तस्करी के मामले में नुसरत जहां से भी पूछताछ कर रही है.
बीते दिनों पहले नुसरत जहां अपने साथी और दासगुप्ता के साथ छुट्टियां मनाने के लिए विदेश गईं थीं. फिलहाल, यह साफ नहीं हो पाया है कि वह भारत लौट आईं हैं या नहीं. साथ ही एजेंसी ने उनके फ्लैट पर छापेमारी की और इससे पहले नुसरत से छह घंटे तक पूछताछ भी की थी. वहीं, एक्ट्रेस पर आरोप है कि उनकी कंपनी ने 400 से ज्यादा बुजुर्गों को फ्लैट देने के नाम पर करीब 5-5 लाख रुपये लिए थे. इसके बाद न तो बुजुर्गों को फ्लैट दिए गए और न ही उनके पैसे लौटाए गए. हालांकि, नुसरत ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है.
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News Source: PTI
