Gullak Season 5 Review: करीब दो साल के इंतजार के बाद ऑडियन्स को अपनी फेवरेट वेब सीरीज ‘गुल्लक’ का नया सीज़न देखने को मिल ही गया. ये सीरीज़ अपने 5वें सीजन के साथ वापस लौट आई है. अपनी सिंपल कहानी, मिडिल क्लास फैमिली की रोजमर्रा की परेशानियों और दिल को छू लेने वाले कैरेक्टर्स की वजह से इस शो ने पिछले 4 सीजन में ऑडियन्स के बीच एक खास जगह बना ली थी. यही वजह है कि नए सीजन से उम्मीदें भी काफी ज्यादा थीं, लेकिन क्या ये सबकी उम्मीदों पर खरी उतर पाई?
बरकरार है पुरानी गर्माहट
इस बार कहानी फिर से मिश्रा परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, वो अपनी जड़ों को छोड़ना भी नहीं चाहता. मिश्रा निवास में अब नया पेंट हो चुका है, घर में तेज़ वाई-फाई आ गया है और अब परिवार मॉर्डन टाइम के चैलेंजेज से जूझ रहा है. अनु के रोल में इस बार अनंतविजय जोशी नजर आ रहे हैं. वो अपने करियर और फ्यूचर को लेकर कन्फ्यूजन में हैं. एक तरफ नौकरी की परेशानियां हैं, तो दूसरी तरफ खुद कुछ नया शुरू करने का सपना. वहीं, छोटा भाई अमन जल्दी पैसे कमाने के चक्कर में कुछ ऐसा कदम उठा लेता है, जिनसे उसकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं.

होम लोन का चक्कर
घर के मुखिया संतोष मिश्रा फाइनेंशियल प्रेशर में हैं और हाउसिंग लोन लेने की कोशिश कर रहे हैं. दिलचस्प बात ये है कि वो बड़े बेटे से मदद मांगने में झिझक भी रहे हैं. दूसरी तरफ, शांति मिश्रा अपनी पहचान को लेकर अलग ही स्ट्रगल कर रही हैं. उनकी महिला ग्रुप ‘सखी शालिनी महिला मंडल’ की सक्सेसफुल शुरुआत के बाद भी उन्हें ‘बिट्टू की मम्मी’ के तानों का सामना करना पड़ रहा है. देखा जाए तो, ‘गुल्लक’ के नए सीजन का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इंसान आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों और वेल्यूज़ को बचाकर रख सकता है?
सबसे बड़ी ताकत
‘गुल्लक’ की सबसे बड़ी ताकत हमेशा से उसकी सिंपलिसिटी रही है. ये नया सीजन भी उसी रास्ते पर चलता है. परिवार के बीच होने वाली छोटी-छोटी बातचीत, रोजमर्रा की परेशानियां और घर का माहौल ऑडियन्स को एक बार फिर अपने घर जैसा फील कराता है. हालांकि, यही बात इस बार इसकी कमजोरी भी बन जाती है. प्रोमो देखकर लगा था कि इस बार कहानी में बड़ा बदलाव नज़र आएगा. लेकिन ज्यादातर एपिसोड घर की पुताई, दांत दर्द या नकली पनीर जैसे छोटे-छोटे मुद्दों के इर्द-गिर्द ही घूमते रहते हैं. ये सीन भले ही रीयल लगते हैं, लेकिन कहानी को नई दिशा देने में ज्यादा कामयाब नहीं हो पाते.

एक्टिंग में दम!
बात करें एक्टिंग की, तो अनंतविजय जोशी ने अनु के रोल में अच्छा काम किया है. उन्हें देखकर आप पुराने अनु को मिस नहीं कर पाएंगे. लेकिन इस सीजन की असली स्टार गीतांजलि कुलकर्णी हैं. शांति मिश्रा के रोल में उनकी परफॉर्मेंस काफी इमोशनल, सिंपल और इम्प्रेसिव है. उनके कई सीन ऑडियन्स को लंबे टाइम तक याद रहेंगे. इनके अलावा जमील खान हमेशा की तरह संतोष मिश्रा के रोल में अच्छे लगे हैं. वहीं हर्ष मायर का अमन थोड़ा बचकाना लगता है, लेकिन ये शो के पुराने और नॉस्टैल्जिक अंदाज पर फिट बैठता है.
सबसे बड़ी कमी
‘गुल्लक’ सीजन 5 की सबसे बड़ी कमी इसका क्लाइमैक्स है. पूरी कहानी जहां धीरे-धीरे आगे बढ़ती है, वहीं आखिरी एपिसोड में कई प्रोब्लम्स का सॉल्यूशन बहुत जल्दी कर दिया जाता है. इस वजह से एंडिंग थोड़ी अधूरी और जल्दबाजी वाली लगती है. हालांकि, फिर भी ये एक ऐसा शो है जिसे आराम से पूरे परिवार के साथ बैठकर एंजॉय किया जा सकता है. इसमें न बेवजह का ड्रामा है और न ही ट्रेंड्स के पीछे भागने की कोशिश. अगर आपको पहले के सीजन पसंद आए थे, तो ये नया सीजन भी आपको मुस्कुराने, यादें ताजा करने और फैमिली की अहमियत फील कराने में जरूर कामयाब होगा.
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