Hanuman Ansh Singer: कहते हैं अगर आवाज में सच्चाई हो और दिल में जुनून, तो रास्ते भले ही मुश्किल हों, मंजिल एक दिन पहचान ही लेती है. मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से आने वाले सिंगर सुनील लोधी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. कभी हाथ में तंबूरा लेकर गांवों, चौपालों, ट्रेनों में भजन और बुंदेली लोकगीत गाने वाले सुनील आज फिल्म ‘हनुमान अंश’ के एक मशहूर गाने की वजह से देशभर में पहचाने जा रहे हैं. 25 साल के सुनील लोधी जन्म से ही देख नहीं सकते. लेकिन उन्होंने अपनी इस चुनौती को कभी अपनी आवाज के रास्ते में नहीं आने दिया. बचपन से ही म्यूजिक के लिए उनका अलग लगाव था. धीरे-धीरे सिंगिंग उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा बन गई. करीब 10-11 साल की उम्र से ही वो भजन और पारंपरिक बुंदेली लोकगीत गाने लगे थे.
आवाज में पूरा बुंदेलखंड
सुनील की जिंदगी किसी बड़े म्यूजिक स्टूडियो या रियलिटी शो से शुरू नहीं हुई. उनका संगीत गांव की मिट्टी, धार्मिक आयोजनों और आम लोगों के बीच पला-बढ़ा. वो हाथ में तंबूरा लेकर लोकल कार्यक्रमों में गाते थे. कई बार ट्रेनों में भजन गाकर भी अपना गुजारा करते थे. उनकी आवाज में एक अलग तरह की सादगी और मिट्टी की खुशबू थी. शायद यही वजह है कि जब उनकी आवाज सोशल मीडिया तक पहुंची तो लोगों ने उसे सिर्फ सुना नहीं, बल्कि दिल से महसूस भी किया. सुनील बुंदेली लोकगीतों और भजनों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘बुंदेली दुनिया’ के लिए भी गाते रहे. यहां से उनकी आवाज धीरे-धीरे ज्यादा लोगों तक पहुंचने लगी.
एक भजन ने बदली किस्मत
सुनील की जिंदगी का असली टर्निंग पॉइंट तब आया, जब उनका हनुमान भजन ‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उनकी आवाज में गाया गया ये भजन लोगों के बीच काफी पॉपुलर हुआ और इसे करोड़ों बार देखा गया. यह कोई चमकदार म्यूजिक वीडियो नहीं था, न ही इसके पीछे किसी बड़े प्रमोशन की टीम थी. बस एक साधारण रिकॉर्डिंग और उसमें छिपी एक असाधारण आवाज. यही आवाज संगीत जगत के लोगों तक पहुंची और फिर सुनील की जिंदगी की कहानी ने नया मोड़ ले लिया.
OTT की गद्दी अब बड़े पर्दे पर, Mirzapur: The Movie में लौटे कालीन भैया, गुड्डू और मुन्ना
हनुमान अंश में एंट्री
सुनील की वायरल आवाज ने म्यूजिक प्रोड्यूसर पंकज का ध्यान खींचा. इसके बाद सुनील को मुंबई बुलाया गया, जहां उन्होंने स्टूडियो में कई गाने रिकॉर्ड किए. गांव और ट्रेनों से शुरू हुआ उनका सफर अब मायानगरी मुंबई के रिकॉर्डिंग स्टूडियो तक पहुंच चुका था. इन्हीं रिकॉर्डिंग्स में से उनकी आवाज को फिल्म ‘हनुमान अंश’ के गीत ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ के लिए चुना गया. फिल्म में शामिल होने के बाद सुनील की आवाज और बड़े लेवल पर लोगों तक पहुंची. आज ये भजन सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है.
सीमाओं को छोड़ा पीछे
सुनील लोधी की कहानी सिर्फ एक वायरल सिंगर बनने की नहीं है. ये उस इंसान की कहानी है, जिसने जिंदगी की चुनौतियों के बावजूद अपने हुनर को जिंदा रखा. न कोई बड़ी म्यूजिक एकेडमी, न फिल्मी परिवार का सहारा और न ही शुरुआत में कोई बड़ा मंच. उनके पास था तो सिर्फ तंबूरा, संगीत से प्यार और अपनी आवाज पर भरोसा. धीरे-धीरे यही भरोसा उनकी पहचान बन गया. आज सुनील की कहानी उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो अक्सर सोचते हैं कि सफलता पाने के लिए शुरुआत से ही बड़ी चीज़ों की जरूरत होती है. उनकी यात्रा बताती है कि कभी-कभी सबसे बड़ी शुरुआत किसी बड़े मंच से नहीं, बल्कि एक गांव की चौपाल, एक ट्रेन के डिब्बे या मोबाइल फोन में रिकॉर्ड हुई एक सिंपल सी वीडियो से होती है. ‘हनुमान अंश’ ने लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है. वहीं, फिल्म के गाने ने सुनील लोधी को भी खूब प्यार दिलाया है. उनकी आवाज में वो सादगी है, जो सीधे दिल तक पहुंचती है. शायद यही वजह है कि लोग उनके भजन को सिर्फ सुन नहीं रहे, बल्कि उनकी पूरी कहानी में भी दिलचस्पी ले रहे हैं.
वीकेंड की बोरियत खत्म! Netflix से Prime Video तक इस हफ्ते OTT पर आ रही हैं ये 7 नई फिल्में और सीरीज
